किसानों पर देशद्रोह का केस दर्ज होने पर,किसानों का उग्र प्रदर्शन,पुलिस से हुई झड़प

किसानों पर देशद्रोह का केस दर्ज होने पर,किसानों का उग्र प्रदर्शन,पुलिस से हुई झड़प




 हरियाणा के विधानसभा उपाध्यक्ष रणबीर गंगवा की गाड़ी पर 11 जुलाई को प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया था।पथराव के मामले में आरोपी किसानों पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किया गया था। 5 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार भी किया गया था और लगभग 100 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। देशद्रोह के दर्ज मुकदमे को वापस लेने और गिरफ्तार किए गए पांचों किसानों की रिहाई की मांग को लेकर किसानों ने शनिवार को सिरसा में एसपी कार्यालय का घेराव किया।घेराव के दौरान किसानों और पुलिस के बीच झड़प भी हुई।  

जाने आज क्या कुछ हुआ

भारतीय किसान यूनियन के राकेश टिकैत समेत तमाम बड़े किसान नेताओं ने सिरसा पहुंचने की घोषणा की थी।किसान नेताओं की घोषणा से सिरसा प्रशासन मुस्तैद था। एसपी ऑफिस के बाहर तीन लेयर सुरक्षा व्यवस्था बनाई गई थी और ड्रोन से नजर रखी जा रही थी। करीब 10 हजार पुलिस बल को इलाके भर में तैनात किया गया था। लेकिन किसान वहां पहुंचे बैरिकेड्स को रास्ते से हटाते हुए एसपी ऑफिस का घेराव किया।इस दौरान पुलिस और किसानों के बीच कई जगहों पर धक्कामुक्की भी हुई। किसानों ने कई जगहों पर बैरिकेड्स को भी तोड़ दिया। भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत भी मौके पर पहुंचे और किसानों पर लगे देशद्रोह के केस को हटाने की मांग की और साथ ही गिरफ्तार किए गए पांचों किसानों को छोड़ने की मांग को भी दोहराया।किसान और पुलिस प्रशासन के बीच शहीद भगत सिंह स्टेडियम में बातचीत हुई। इसके बाद ये निर्धारित हुआ कि किसानों की ओर से एक प्रतिनिधिमंडल आईजी राकेश आर्य के साथ मुलाकात करेगा। 

जाने क्या है पूरा मामला

हरियाणा के विधानसभा उपाध्यक्ष रणवीर गंगवा का सिरसा के चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय में 11 जुलाई को एक कार्यक्रम था।कार्यक्रम को खत्म रणवीर गंगवा का काफिला बाहर निकला तो प्रदर्शन कर रहे किसान उग्र हो गए।आरोप है कि किसानों ने गंगवा के काफिले पर पत्थरबाजी की जिसमें गंगवा की गाड़ी के शीशे टूट गए। आरोप ये भी है कि इस दौरान किसानों ने पुलिसवालों पर ट्रैक्टर चढ़ाने की कोशिश भी जिसमें एक पुलिसकर्मी घायल हो गया।इस मामलें में पुलिस ने तकरीबन 100 किसानों के खिलाफ केस दर्ज किया है। 124ए यानी देशद्रोह की धारा को भी जोड़ दिया। पांच किसानों को गिरफ्तार भी कर लिया गया।पुलिस की इस कार्रवाई से नाराज किसान संगठनों ने 17 जुलाई को एसपी ऑफिस को घेरने की घोषणा की थी। 

चिंता कानून व्यवस्था की

 सिरसा के एसपी अर्पित जैन ने कहा कि किसान इस पूरे मामले में बैठकर बात करें, कानून अपने हाथों में लेने की इजाजत किसी को नहीं दी जा सकती। एसपी ने कहा कि हम किसानों से बात करने के लिए हमेशा तैयार हैं। हमने शुक्रवार को भी उनके साथ एक मीटिंग की थी, लेकिन हम केवल इस मामले में लीगल सॉल्यूशन चाहते हैं। उसी पर बात हो सकती है, वरना बात करने का कोई मतलब नहीं रह जाएगा। हरियाणा के गृहमंत्री अनिल विज ने इस पूरे मामले पर कहा कि देश का कानून सर्वोच्च है और वो कानून ना तो किसी के कहने से चलता है और ना ही मेरे कहने से. वो ना तो विचलित होता है और ना ही किसी की धमकियों से डरता है।कानून अपने हिसाब से चलेगा और काम करेगा।

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