विशेष

आठवां स्वरूप हैं देवी गौरी का
कालरात्रि सातवीं मूरत आठवी गौरा रूप। नवरूप धरा देवी ने करने जगत को अभिभूत।।
 
सातवां रुप कालरात्रि का
कालरात्रिमर्हारात्रिर्मोहरात्रिर्श्च दारूणा। त्वं श्रीस्त्वमीर्श्वरी त्वं ह्रीस्त्वं बुद्धिर्बोधलक्षणा।। मधु कैटभ नामक महापरामी असुर से जीवन की रक्षा हेतु भगवान विष्णु को निद्रा से जगाने के लिए ब्रह्मा जी ने इसी मंत्र से मां की स्तुति की थी।
 
भगवती की शक्ति माता स्कन्ध नवरात्रि का पांचवां दिन आज
सृष्टिस्थितिविनाशानां शक्तिभूते सनातनि। गुणाश्रये गुणमये स्कन्दमाता नमोस्तु ते।। छान्दोग्य श्रुति के अनुसार भगवती की शक्ति से उत्पन्न सनतकुमार का एक अन्य नाम स्कन्द भी है।भगवान स्कन्द की माता होने के कारण देवी स्कन्द माता के नाम से जानी जाती हैं दुर्गा पूजा के पांचवे दिन देवताओं के सेनापति कुमार कार्तिकेय की माता की पूजा होती है।
 
गांधी जी की दृष्टि में भारतीय लोकतंत्र
इ स वर्ष 2 अक्टूबर से महात्मा गांधी की के जन्म का एक सौ पचास वां वर्ष प्रारंभ होगा इस वर्ष के दौरान अनेक कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। इस अवसर पर उनके रचनात्मक कार्यक्रम तथा अंतिम बसीयत की चर्चा सामयिक होगी। महात्मा गांधी ने स्वतंत्रता मिलने के बाद राजसत्ता के लिए जो नीतिगत सुझाव दिये, उनको अनेक विचारक तथा विश्लेषक गांधी जी की वसीयत का नाम देते हैं।
 
लता मंगेशकर हैं, विश्व की श्रेष्ठ गायिका
मध्यप्रदेश के इंदौर में 28 सितम्बर 1929 को जन्मी हिन्दी फि़ल्मों की मशहूर पार्श्वगायिका लता मंगेशकर ने फिल्मी और गैर फिल्मी मिलाकर हजारों गीत गाये हैं। इनकी आवाज़ के प्रशंसक पूरी दुनिया में फैले हुए हैं। लता जी की विशेषता है कि इन्होंने शास्त्रीय संगीत, गजल और पॉप संगीत हर क्षेत्र में अपनी आवाज़ का जादू बिखेरा है और एक समान सफलता पाई है।
 
कैसे शुरू हुई कांवड़ यात्रा
हर साल सावन में कांवड़ यात्रा निकलती है। इसके बारे में प्राचीन मान्यता है कि भगवान परशुराम ने शिव के नियमित पूजन के लिए पुरा महादेव में मंदिर की स्थापना करके कांवड़ में गंगाजल से पूजन कर कांवड़ परंपरा की शुरुआत की थी।
 
कलम के सच्चे सिपाही मुंशी प्रेमचंद
बनारस के समीप एक छोटे से गांव लमही में जन्मा बालक धनपत राय श्रीवास्तव बड़ा हो कर उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद के नाम से विख्यात हुआ। धनपत राय का जन्म 31 जुलाई 1880 को मुंशी अजायबराय और आनंदी देवी के घर हुआ। धनपत राय को परिवार के सदस्य ‘नवाब‘ कह कर भी पुकारते थे। उनकी तीन बहनें और एक छोटा भाई था।
 
सावन में करें भोलेनाथ की अराधना
इस महीने शनिवार से सावन महीने की शुरुआत हो रही है। श्रावन या सावन मास को भोलेनाथ की पूजा और अराधना के लिए सबसे अच्छा माना जाता है। यहां तक कि इसे भोलेनाथ का महीना ही कहते हैं। ऐसी मान्यता है कि इस महीने में भोलेनाथ अपने भक्तों की हर इच्छा पूरी करते हैं।
 
भारत कुमार के नाम से भी लोकप्रिय हुये मनोज कुमार
हिन्दी सिनेमा जगत में मनोज कुमार का नाम कभी अभिनय के लिए नहीं बल्कि उनकी फिल्मों के लिए लिया जाता है। जिस समय सभी अभिनेता रोमांटिक छवि की फिल्में करना पसंद करते थे उस समय मनोज कुमार ने हिन्दी सिनेमा का रुख देशभक्ति की तरफ किया और देश के युवाओं तक देशभक्ति को एक नए रूप में पेश किया।
 
हिंदवी के पक्षधर : सूफी संत अमीर खुसरो
अमीर खुसरो जिन्हें धार्मिक एकता, हिंदू मुस्लिम सौहार्द सामाजिक जुड़ाव और सांप्रदायिक एकता का प्रतीक माना जाता है, वे हजरत निजामुद्दीन ओलिया के सबसे करीबी शागिर्द थे जिन्होंने हिंदवी भाषा जो भारत में एक बहुत बड़े इलाके में बोली जाती थी और हिंदी की जन्मदात्री कही जा सकती है, की हिंदुस्तान में बुनियाद रखी ।
 
मिजोरम में दुनिया का सबसे बड़ा 181 सदस्यों वाला परिवार
नई दिल्ली गिनीज वल्र्ड रिकॉर्ड में मिजोरम के जियोना चाना का परिवार दुनिया का सबसे बड़ा परिवार माना गया है। इस परिवार में 181 सदस्य हैं। इस परिवार के मुखिया जियोना चाना की 39 पत्नियां हैं। 94 बच्चे हैं,14 बहुएं और 33 पोते-पोतियों का यह परिवार मिजोरम में रहता है।
 
छोटी इलायची खाने से सांसें और सुर महकते है
भारत में हमारा दवाखाना घर के चौके या किचेन में रहता हैं। वहाँ जितनी भी खाद्य सामग्री हैं वे सब औषधियां हैं। कोई भी व्यक्ति इस दवाखाना से बचा नहीं हैं। इनमे बहुमुल्य औषधियों का भंडार भरा हुआ हैं। इनका उपयोग निश्चित लाभकारी होते हैं - छोटी इलायची ध्वनि को मीठा बनाती है, और हिचकी को भी हटा देती है कई लाभ हैं ।
 
हमेशा याद आएंगे बलराज साहनी
बलराज साहनी एक ऐसा नाम है जिसे फिल्म जगत भूल नहीं सकता। बलराज साहनी अपनी गंभीर भूमिकाओं से पात्र को जीवंत रुप दे देते थे। बॉलीवुड में बलराज साहनी को एक ऐसे अभिनेता के तौर पर याद किया जाता है जिन्होंने अपने संजीदा और भावात्मक अभिनय से लगभग चार दशक तक सिने प्रेमियों का भरपूर मनोरंजन किया।
 
शैलबाला की दुखद हत्या
हिमाचल प्रदेश के कसौली नामक पर्यटन-केंद्र में एक सरकारी अफसर की जिस तरह हत्या की गई, उससे अधिक दुखद और शर्मनाक घटना क्या हो सकती है। यह सरकारी अफसर थीं, शैलबाला शर्मा ! शैलबाला सर्वोच्च न्यायालय के उस फैसले को लागू करने के लिए सडक़ पर उतरी थीं, जिसके अनुसार कसौली के 13 होटलों के अवैध निर्माण-कार्यों को गिराना था।