संपादक

मानसिक प्रदूषण ही पर्यावरण प्रदुषण हैं!
सब जानवर और पशु-पक्षी आराम से अपना जीवन यापन कर रहे थे और जिसका जहाँ निवास था, रह रहे थे। न उनमे कुछ संचय करना, न वाहन और न खाने की चिंता और रखने की चिंता। न बैंक, न लेन देन की झंझट। मनुष्य भी बुद्धिमान जानवर हैं कारण ईश्वर ने बुद्धि दी। इस बुद्धि के कारण ही हमारे ऋषियों, मनीषियों ने इतने ग्रन्थ लिखे और मानव को समझाने ही में लगे रहे और आज भी सब नियम कानून मानव के लिए बने हैं।
 
ऐश्वर्ययुक्त जीवन शैली की लालसा त्यागने का लें दृढ़ संकल्प
परिवर्तन होना आश्चर्य की बात नहीं है, क्यों कि सामाजिक, राजनैतिक, वैज्ञानिक और आध्यात्मिक क्षेत्रों में जैसे परिवर्तन हुए हैं, वैसा ही परिवर्तन पत्रकारिता क्षेत्र में भी हुआ है। श्वेत-श्याम अखबारों से शुरु हुआ सफर रंगीन ग्लेड पेपर तक आ गया है, जिसमें वक्त के साथ अभी और भी परिवर्तन आने वाले दिनों में देखने को मिलेंगे।
 
आतंकवाद पर दंश देता अमेरिका और पाकिस्तान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत-आसियान शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए दुि नया को बतान े का पय्र ास कर रह े थ े कि हिन्दस्ु तान न े आतकं वाद का दश्ं ा सबस े ज्यादा झले ा ह ै और अब समय आ गया ह ै कि आसियान के सदस्य दश्े ा इस बरु ार्इ से खिलाफ एकजुट हो जाएं।
 
सकारात्मक सोंच के साथ बदलाव जरूरी
परिवर्तनशील समय में हर कोई व्यक्ति अपने अंदर बदलाव लाना चाहता है। जीवन में आगे बढऩे के लिए अपने अंदर बदलाव लाना जरूरी है। आज के इस प्रतिस्पर्धा भरी जिन्दगी में लोग अपने आप को अपडेट रखना चाहते हैं, ताकि वे समय के साथ कदम से कदम मिलाकर चल सके। ऐसा नहीं करने पर लोग अन्य लोगों की अपेक्षा पिछड़ जाते हैं। लोगों को हमेशा सकारात्मक सोंच रखते हुए आगे बढऩा चाहिए और देश के बढ़ते विकास में सहयोग करना चाहिए।
 
प्रथम सत्याग्रही विनोबा
द्वितीय विश्व युद्ध प्रारंभ होने पर जब तत्कालीन अंग्रेज सरकार ने पराधीन भारत को भी युद्ध में घसीटने का निर्णय लिया, तब महात्मा गांधी ने इसके विरुद्ध व्यक्तिगत सत्याग्रह चलाने का निष्चय लिया। यह व्यक्तिगत सत्याग्रह 17 अक्टूबर 1940 को प्रारंभ हुआ। तब अनेक कांग्रेसजन यह जानकर आश्चर्य चकित हो गए कि महात्मा गांधी ने विनोबा भावे को प्रथम सत्याग्रही नामांकित किया।
 
दिल्ली की हवा पर एनजीटी की तलवार
दि ल्ली सरकार ने वायु प्रदूषण की जानलेवा भयानकता को देखते हुए एक बार फिर सम-विषम कारें सडक़ों पर उतारने का फैसला लिया है। इसके मुताबिक सम और विषम नंबर वाले निजी वाहन एक-एक दिन के अंतराल से पांच दिन चलाए जाएंगे, लेकिन इस घोषणा के होते ही राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने इस फैसले पर अजीबो-गरीब ढंग से रोक लगा दी।
 
फारुक अब्दुल्ला की बात पर गौर करें
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारुक अब्दुल्ला ने सांप की बांबी में हाथ डाल दिया है। एक तरफ तो कांग्रेस और भाजपा उनकी निंदा कर रही हैं और दूसरी तरफ कश्मीर के अलगाववादी नते ा उन पर टटू पड ़े ह।ंै एसे ा क्या बोल दिया ह,ै उन्होनं े ? फारुक अब्दुल्ला ने बोल दिया है कि पाकिस्तान का कश्मीर पाकिस्तान के पास रहेगा और हिंदुस्तान का हिंदुस्तान के पास !
 
प्रद्युम्न की हत्या: कुछ सवाल
गुडग़ांव के रेयान स्कूल में हुई एक बच्चे की हत्या की जो नई परतें अब खुली हैं, वे दिल दहला देनेवाली हैं। प्रद्युम्न नामक छात्र की हत्या के लिए स्कूल बस के कंडक्टर अशोक कुमार को जिम्मेदार ठहराकर गिरफ्तार कर लिया गया। हरियाणा पुलिस ने उसे पीट-पीटकर उससे जुर्म भी कबूल करवा लिया। लेकिन प्रद्युम्न के पिता के आग्रह पर जब केंद्रीय जॉंच ब्यूरो (सीबीआई) को यह मामला सौंपा गया तो मालूम पड़ा कि प्रद्युम्न की हत्या उसी स्कूल के एक वरिष्ठ छात्र ने कर दी थी।
 
नोटबंदी और जीएसटी के दर्द को भुलाने आ गई ‘बेनामी’...?
प्र धानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा एक साल पहले 8 नवंबर को घोषित नोटबंदी के दर्द से जो लोग कराह रहे हैं और उनसे अब दर्द सहा नहीं जा रहा है तो बता दें कि उन्हें उससे छुटकारा दिलाने के लिए एक और बड़ा दर्द मिल सकता है ताकि वो पुराने हो चले दर्द को भुला सकें। इसी प्रकार जीएसटी लागू करने से जिन व्यापारियों और उपभोक्ताओं को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है और वो समझते हैं कि इससे बड़ा कोई दर्द उन्हें जीवन में मिल ही नहीं सकता तो ऐसे लोगों को भी एक बड़ा दर्द देने का इंतजाम कर लिया गया है, इसका नाम ही बेनामी संपत्तियों को जब्त करने की कार्रवाई है।
 
इस्लामी देशों का नेता बनने की तुर्की की चाहत
अभी कुछ दिन पहले तुर्की की राजधानी इस्तांबुल में आयोजित इस्लामिक देशों के धर्मगुरूओं की बैठक में इजरायल के साथ किसी भी रिश्ते को नाजायज और मुस्लिमों के साथ गद्दारी करार दिया गया है। बैठक में कहा गया है कि फलस्तीनियों पर यहूदी शासन द्वारा किए जा रहे अत्याचार और फलस्तीनियों की भूमि और घरों पर लगातार हो रहे यहूदियों के क़ब्ज़े को देखते हुए इजरायल के साथ किसी भी तरह के संबंध वर्जित हैं।
 
आरुषि की तरह रहस्य प्रद्युम्न को किसने मारा?
दे श को हिला देने वाले प्रद्युम्न हत्याकांड में सीबीआई जांच के शुरुआती निष्कर्ष ने सबको चौंका दिया है। सारा गणित उलट-पुलट। हरियाणा पुलिस की एसआईटी की जांच फेल हुई या सीबीआई जांच ने मामले को उलझा दिया कहना मुश्किल है।
 
स्‍वाति नक्षत्र में शुक्र का प्रवेश होगा फलदायक
स्वाति नक्षत्र के बारे में सुना तो बहुत होगा, लेकिन क्या आप यह जानते हैं कि 27 नक्षत्रों में स्वाति नक्षत्र का स्थान 15वां माना जाता है। शाब्दिक अर्थ में स्वाति को स्वत: आचरण करने वाला या स्वतंत्र कहा जाता है। जबकि शास्‍त्रों में स्वाति शब्द को स्वतंत्रता के साथ ही कोमलता और तलवार के साथ भी जोड़ा जाता है।
 
अपनी अम्मा पर कौन हाथ डालेगा ?
बरमूदा से निकले ‘पेरेडाइज पेपर्स’, अब पनामा पेपर्स से भी ज्यादा धूम मचा रहे हैं। इन पेपरों से पता चलता है कि भारत के कई मुख्यमंत्रियों, मंत्रियों, सांसदों, डॉक्टरों, अभिनेताओं, नौकरशाहों और व्यापारियों ने अपना काला धन वहां छिपा रखा था। उनकी सोहबत वहां मामूली लोगों से नहीं थी। ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ, रुस के राष्ट्रपति पुतिन और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रिश्तेदारों, कनाडा आदि कई देशों के बड़े नामी-गिरामी लोगों की सोहबत से हमारी ये विभूतियां सुशोभित हैं।
 
भारत में कभी भूख से भी कोई मरता है क्या ?
मीडिया में जब भी भूख से किसी की मौत की खबर आती तो सरकार पहली ही प्रतिक्रिया में पूरी तरह नकार देती है और मृतक की मृत्यु के पीछे किसी बीमारी की दलील पेश कर देती है। पिछले दिनों जब झारखण्ड में एक बच्ची की मौत कथित रूप से भूख से हुई और उसकी मां ने मौत का कारण भूख को बताया तो उस महिला को गांव से बहिष्कृत कर दिया गया।
 
ट्रंप की फिसलपट्टी पर न फिसले
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 12 दिन की एशिया-यात्रा पर आ चुके हैं। वे जापान, चीन, द. कोरिया, वियतनाम और फिलीपीन्स जाएंगे। वे जापान, भारत, आस्ट्रेलिया और अमेरिका की भी एक बैठक करेंगे। इस यात्रा और इस चौखंभा बैठक का लक्ष्य क्या है ? इसका लक्ष्य चीन को घेरना है और उ. कोरिया पर लगाम लगाना है।
 
मोदी ने अब पकड़ा सही रास्ता
विश्व-बैंक ने ताजा प्रमाण-पत्र क्या दे दिया, डूबते को तिनके का सहारा मिल गया। हमारे प्रधानमंत्री ने उस प्रमाण-पत्र के मिल जाने पर उत्सव मनाया। वह प्रमाण-पत्र क्या था ? वह यह था कि व्यापार को सुगम बनाने के क्षेत्र में भारत 30 सीढिय़ां कूदकर 100 वें पायदान पर पहुंच गया। प्रधानमंत्री उत्सव मना रहे हैं और भारत अभी भी दुनिया के 99 देशों के मुकाबले व्यापारिक सुविधाएं देने में फिसड्डी है।
 
अब कमल हासन को हिन्दू आतंकवाद नजर क्यों आया
दक्षिण भारतीय फिल्मों से लेकर हिन्दी फिल्मों तक में अपने अभिनय का लोहा मनवा चुके कमल हासन को भी राजनीतिज्ञों की ही तरह अब हिन्दुस्तान में हिन्दूवादी आतंकवाद नजर आ गया है। वैसे इस आशय की बात मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह बहुत पहले कह चुके हैं। उनका भी मानना है कि कुछ कट्टरवादी हिन्दू संगठन आतंकवादियों की ही भाषा बोलते हैं।
 
भाजपा के खजाने पर शिवसेना का कटाक्ष
केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के अकूत खजाने पर अब उसकी ही सहयोगी शिवसेना ने कटाक्ष किया है। शिवसेना ने कहा है कि देश में केवल एक पार्टी के पास ऐसा खजाना है, जिसमें अकूत धन है और इसी धन की बूते यह पार्टी लोगों द्वारा खारिज किये जाने के बावजूद गोवा तथा मणिपुर में सत्ता में आयी है।
 
नेताजी: समरथ को नहिं दोष गुसांई
नेताओं पर चल रहे आपराधिक मुकदमों के बारे में सर्वोच्च न्यायालय ने अब नए सिरे से कठोर रुख अपनाया है। उसने केंद्र और राज्य सरकारों से मांग की है कि वे इन नेताओं के मुकदमे निपटाने के लिए विशेष अदालतों का इंतजाम करें ताकि अधिक से अधिक एक साल में उनका निपटारा हो सके।
 
बाबरी मस्जिद -राम मंदिर विवाद अनेकांतवाद से संभव
ईश्वर ने शब्द व्यवस्था न की होती और मनुष्य मन रहित होता तो शायद हम बहुत सीमा तक सखु शांि त के साथ बिना भय, यध्ु य के रहत।े एक ओर हम कहत े ह ंै की दुनिया या संसार विनाशिक हैं, सब नित्य हैं, हम क्या लेकर आये थे और क्या लके र जायगें ।े कोर्इ न लके र गया और आज तक न कोर्इ लके र जायगे ा। हा ं आन े वाले समय में शायद हम कफऩ में जेब जरूर रखकर अपनी अपनी सम्पदा लेकर जायेंगे। कारण हम वर्तमान में पद, प्रतिष्ठा, धन, ख्याति के पीछे इतने दीवाने हैं की हमने अपनी पूरी मर्यादें तोड़ दी।
 
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