संपादक

राजस्थान : माहौल को भुनाने में लगी कांग्रेस
राजस्थान में होने जा रहे आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी सरकार बनाने को लेकर पूरी तरह से आाशान्वित नजर आ रही है। राजस्थान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष व पूर्व केन्द्रीय मंत्री सचिन पायलेट व राजस्थान के दो बार मुख्यमंत्री रहे व वर्तमान में कांग्रेस के संगठन महामंत्री अशोक गहलोत पूरे प्रदेश में घूम-घूम कर पार्टी कार्यकर्ताओं में जोश भरने का काम कर रहे हैं। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को भी लगने लगा है कि उनकी पार्टी की लगातार हो रही हार का सिलसिला राजस्थान से ही टूट सकता है सो वो भी लगातार राजस्थान के दौरा कर रहें हैं।
 
स्वेच्छा से आरक्षण का लाभ छोडऩे की भी पहल हो!
देश में आज जाति आधारित आरक्षण एक ज्वलन्त मुद्दा है। समाज के कुछ जाति वर्गों को सरकारी नौकरियों और शिक्षा संस्थानों में प्रवेश के लिए आरक्षण दिया गया है। राजनीतिक दल वोटों के गणित में इस आरक्षण व्यवस्था को बनाए रखना चाहते है।
 
चौथे स्तंभ की ‘अकबर’ शैली
वामपंथियों द्वारा छेड़े गए मी टू अभियान का शिकार बने विदेश राज्य मंत्री मुबाशर जावेद अकबर जिन्हें भारतीय पत्रकारिता जगत में एम जे अकबर के नाम से जाना जाता है, ने अपने पद से त्यागपत्र दे दिया है। उनपर लगभग 20 महिलाओं द्वारा जिनमें अधिकांश पत्रकारिता जगत से जुड़ी महिलाएं हैं, ने यौन शोषण का आरोप लगाया है।
 
हर्ष और उल्लास का प्रतीक है दशहरा
दशहरा अथवा विजयदशमी भगवान राम की विजय के रूप में मनाया जाए अथवा दुर्गा पूजा के रूप में, दोनों ही रूपों में यह शक्ति-पूजा का पर्व है, शस्त्र पूजन की तिथि है। हर्ष और उल्लास तथा विजय का पर्व है। भारतीय संस्कृति वीरता की पूजक है, शौर्य की उपासक है।
 
सजा और सबक
हिसार की विशेष अदालत ने हत्या और अन्य अपराधों में दोषी पाए गए स्वयंभू बाबा रामपाल और उसके बेटे सहित पंद्रह लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत का यह फैसला इस बात का साफ संदेश है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है।
 
शहादत में भेदभाव नहीं तो फिर नौकरी देने में भेदभाव क्यों ?
राजस्थान सरकार ने सेना में शहीद हुये सैनिक परिवारों को एक बहुत बड़ा तोहफा दिया है। सरकार ने गत 3 अक्टूबर 2018 को एक अधिसूचना जारी कर 15 अगस्त 1947 से लेकर 1970 तक के दरमियान सेना के तीनो अंगो में शहीद हुये 428 सैनिको के परिवार के किसी एक सदस्य को राज्य में सरकारी नौकरी देने के आदेश जारी किये गये हैं। इसके तहत निर्धारित अवधि में सेना में शहीद हुये जवानो के खून के रिश्ते के किसी एक सदस्य को नौकरी मिलेगी।
 
जो सवाल छोड़ गए अग्रवाल
गंगा मुद्दे को लेकर जीडी अग्रवाल ने कई चि_ियां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत तमाम मंत्रालयों को लिखीं। अग्रवाल ने गंगा और इसकी सहायक नदियों पर बनने वाली पनबिजली परियोजनाओं को रोकने की अपील की थी।
 
लश्कर का खतरनाक एजेंडा
आतंकी फंडिंग का दायरा हिंदुस्तान में बढ़ रहा है? सीधे हमला करने के बजाय पाकिस्तान का दुर्दांत आतंकी संगठन लश्कर यहां की वैचारिक आबो हवा बिगाडऩे के अभियान में जुट गया है। हरियाणा के पलवल में बन रही मस्जिद में लश्कर का पैसा लगना ऐसा खुलासा है जिसकी व्यापक छानबीन की जरूरत है।
 
पारदर्शिता के पक्षधर जस्टिस रंजन गोगोइ
न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा के रिटायर होने के बाद आखिरकार सारी अटकलों पर विराम लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट के सबसे वरिष्ठ न्यायाधीश जस्टिस रंजन गोगोई ने 3 अक्तूबर को देश के 46वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में पदभार संभाल लिया।
 
धार्मिक मामलों को आपसी सहमति से सुलझाना बेहतर होगा
पि छले कुछ समय से धार्मिक मामलों को लेकर देश में जिस तरह से राजनीति गरमाई हुई है, उससे अब न्यायपालिका भी खुद को अछूता नहीं रख पाई है। यही वजह है कि जिन परंपरागत मामलों को पहले कभी न्याय पालिका द्वारा सुनवाई के लिए भी स्वीकार नहीं किया जाता रहा, अब उन्हें न सिर्फ सुना जा रहा है बल्कि उन पर शीघ्र फैसले भी दिए जा रहे हैं। इन फैसलों को लेकर जहां चर्चाएं आम हैं तो वहीं धार्मिक गलियारों व सार्वजनिक मंचों में भी इनका मिला-जुला असर देखने को मिल रहा है।
 
भारतीयों के और कितने विभाजन?
1947 में भारत-पाक विभाजन के समय जिस प्रकार शरणार्थियों के अनियंत्रित आवागमन के दृश्य दिल्ली से लेकर लाहौर तक के रेलवे स्टेशन पर दिखाई दे रहे थे कमोबेश कुछ वैसा ही नज़ारा इन दिनों गुजरात राज्य में देखने को मिल रहा है।
 
आग में पड़ा घी
वाशिंगटन पोस्ट ने सीसीटीवी कैमरों से ली गई एक तस्वीर जारी की, जिसमें उसके रिपोर्टर जमाल खाशोगी को सऊदी कॉन्सुलेट में जाते देखा जा सकता है। यह तस्वीर एक हफ्ते पुरानी है। यानी रिपोर्टर के लापता होने से ठीक पहले की। तुर्की के अधिकारियों का कहना है कि सऊदी कॉन्सुलेट में रिपोर्टर की हत्या कर दी गई है।
 
आज लोहिया होते तो गैर भाजपावाद का आह्वान करते
‘जिंदा कौमें पांच साल इंतजार नहीं करतीं।’ गैर-कांग्रेसवाद के जनक और समाजवादी चिंतक डॉ राम मनोहर लोहिया का यह कथन आज की सरकारों के लिए भी उतना ही प्रासंगिक है जितना 1960 के दशक में जवाहर लाल नेहरू और इंदिरा गांधी की सरकारों के लिए था। लोहिया युग पुरुष थे और ऐसे लोगों का चिंतन किसी एक काल और स्थान के लिए नहीं हर युग और पूरी मानवता के लिए प्रासंगिक होता है।
 
राफेल पर सुप्रीम कोर्ट की सही पहल
सुप्रीम कोर्ट के नए चीफ जस्टिस ने तीन जजों की अपनी बेंच के जरिए सही फैसला किया, चीफ जस्टिस ने सोचा कि पहले जाना जाए कि राफेल सौदे के फैसले से पूर्व प्रक्रियागत क्या कुछ था? यह समझना दूध का दूध, पानी का पानी होना है।
 
निवेशकों के लिए बेहतर माहौल होना जरूरी
य ह सच है कि निवेशकों को लुभाने के लिए सभी सरकारें समय-समय पर जरुरी कदम उठाती रही हैं। तरह-तरह के उपक्रम करती ये सरकारें निवेशकों से महज वादा नहीं करतीं दिखीं बल्कि ढांचागत सुविधाओं में बदलाव तक किया है, लेकिन इसके बाद भी यदि निवेशक आकर्षित नहीं हो पाए तो समझने वाली बात है कि कहीं न कहीं कोई बड़ी गलती या भूल हमसे जरुर हो रही है जिस कारण विदेशी निवेशक देश की ओर रुख नहीं कर रहे हैं।
 
सैदव बना रहेगा डाक विभाग का महत्व
डाक विभाग कई दशकों तक देश के अंदर ही नहीं बल्कि एक देश से दूसरे देश तक सूचना पहुंचाने का सर्वाधिक विश्वसनीय, सुगम और सस्ता साधन रहा है। लेकिन इस क्षेत्र में निजी कम्पनियों के बढ़ते दबदबे और फिर सूचना तकनीक के नये माध्यमों के प्रसार के कारण डाक विभाग की भूमिका लगातार कम होती गयी है।
 
हलाला : एक परिपाटी की आड़ में हवस का खेल
कुछ मुस्लिम समुदायों में प्रचलित हलाला परम्परा पर इन दिनों जमकर बहस हो रही है। मामला मीडिया के साथ राजनैतिक मंचों पर भी उठ रहा है। तीन तलाक का मामला मोदी सरकार ने उठाकर पहले ही मुस्लिमों के बीच हलचल पैदा कर रखी है।
 
शेयर बाजार में गिरावट के मायने
भारतीय शेयर बाजार में मुम्बई स्टाक एक्सचेंज 28 अगस्त को 38896 तक के स्तर पर पहुंच गया था। उसके बाद से उतार-चढ़ाव के बीच 5 अक्टूबर 2018 को लगभग दो माह में शेयर बाजार 4517 अंक टूट गया।
 
लोकसभा की दिशा तय करेंगे ये चुनाव
चुनाव आयोग ने राजस्थान,मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ सहित 5 राज्यों के विधानसभा चुनाव का एलान कर दिया है। मध्य प्रदेश में एक ही दिन 28 नवंबर को मतदान होगा। मिजोरम की सभी सीटों के लिए भी 28 नवंबर को और तेलंगाना और राजस्थान में 7 दिसंबर को मतदान होगा। छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या के मद्देनजर 12 और 20 नवंबर को दो चरणों में मतदान होगा।
 
रक्षा सौदे में चर्चित दलाली का पर्दाफाश होना देशहित में जरूरी
आजकल राफेल सौदे की चर्चा जोरों पर है जहां सरकार पर अरबों डालर के राफेल लड़ाकू विमान का महंगे दामों में इस सौदे को किये जाने का आरोप है। जिससे दलाली की पृष्ठभूमि उभरती नजर आ रही है। इस मामलें में कांग्रेस सहित विपक्ष का सरकार पर सीधे - सीघे आरोप है कि जो 126 राफेल का सौदा संप्रग सरकार में 526 करोड़ रुपये प्रति राफेल लड़ाकू विमान तय था वहीं वर्तमान केन्द्र सरकार ने 1670 करोड़ रुपये में प्रति विमान लेना तय किया है।
 
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