संपादक

गंगा स्वच्छता अभियान की झोली में 5 बिलियन डॉलर
लन्दन में भारतीय कंपनियों, अप्रवासी भारतीयों (एनआरआई) और भारतीय मूल के व्यक्तियों (पीआईओज) ने नमामि गंगे अभियान के तहत गंगा नदी के किनारे घाटों, नदियों के अहातों, श्मशान घाटों और पार्कों जैसी सुविधाएं जुटाने के लिए 5 बिलियन डॉलर (लगभग तीन सौ अरब रु.)से भी अधिक निवेश करने की प्रतिबद्धता जतायी है।
 
अब अपने ऊपर भरोसा
यूरोप को अब अमेरिका पर भरोसा नहीं रहा। डोनल्ड ट्रंप जिस तरह अपनी चुनावपूर्व घोषणाओं को लागू करते जा रहे हैं, उसके पास इसके अलावा कोई चारा भी नहीं बचा है कि अपनी सुरक्षा में आत्म-निर्भरता के लिए वह कदम उठाए। यूरोपीय संघ की हुई ताजा बैठक में बनी सहमति को इसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए।
 
सियांग नदी के प्रदूषण से उभरा चीन का चेहरा!
अरुणाचल प्रदेश के लिए सदियों से पानी का मुख्य माध्यम रही सियांग नदी अचानक काली पड़ गई है। पानी में सीमेंट जैसा कुछ मिला है। इसलिए वह पानी इस्तेमाल करने लायक नहीं रहा। हालांकि अभी इस मामले में सच्चाई सामने नहीं आयी है, फिर भी प्रथम दृष्ट्या परिस्थितियां यह आशंका निर्मित कर रही हैं कि इसके पीछे चीन की कोई ओछी हरकत हो सकती है।
 
कांग्रेस के लिए भस्मासुर साबित होते ये नेता
भारतीय राजनीति में अपने बयानों और भाषणों के जरिए मतदाता को लुभाने का काम जिस नेता को जितना ज्यादा आता है वह उतना ही बड़ा माना जाता है। ऐसे नेता समुद्र मंथन से प्राप्त उस अमृत के समान हो जाते हैं जो अपने बयानों से चाहें तो राजनीतिक पार्टी को विजय हासिल करा दें और चाहें तो अपनी ही पार्टी को धूल चटवा दें।
 
वाणी दोष से पीडि़त हैं मणिशंकर
मणिशंकर अय्यर जैसे लोगों को आखिर कब तक झेला जा सकता है। कांग्रेस ने अपने इस वरिष्ठ नेता को प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया है। कांग्रेस के गलियारों से उड़ी या उड़ाई जा रही सूचनाओं के अनुसार राहुल गांधी इस समय अय्यर से बहुत नाराज हैं।
 
अयोध्या : अभी मौका है
राम मंदिर और बाबरी मस्जिद के मामले को सर्वोच्च न्यायालय ने अब दो महिने आगे खिसका दिया है। दो महिने बाद भी कितने महिनों तक इस पर बहस चलेगी और इसका फैसला आने में कितने साल लगेंगे, किसी को कुछ पता नहीं। सुन्नी वक्फ बोर्ड के वकील का कहना है कि इसका फैसला 2019 के संसदीय चुनाव के बाद किया जाए तो बेहतर होगा।
 
राहुल गांधी के सर कांटों का ताज
भारतीय राजनीति का प्रमुख केन्द्र कहे जाने वाले कांग्रेस पार्टी के लिए वर्तमान समय अनेक तरह की राजनीतिक चुनौतियां और संघर्ष का है जहां पर उसे इस बात पर आत्ममंथन करना है कि वह कौन से मुख्य कारण है कि जिसके चलते पार्टी को यह प्रतिकूल राजनीतिक परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है। इस बात को कहने में कोई संकोच नहीं है कि देश के वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य में कांग्रेस पार्टी राजनीतिक संक्रमण काल के दौर से गुजर रही है।
 
वादा था भूगोल बदलने का; बदला जा रहा है इतिहास......?
वरिष्ठ कवि, गीतकार और युग प्रवर्तक साहित्यकार इंदिवर ने पिछली शताब्दी के छठें दशक में एक कविता लिखी थी- "इतिहास मुझे पसंद नहीं, इतिहास पढ़ाना बंद करो, मानव इतना गिर सकता है, यह सबक सिखाना बंद करो"।
 
चाबहार का रणनीतिक रास्ता
निर्विवाद है कि चाबहार परियोजना का हिस्सा बनकर भारत ने एक महत्त्वपूर्ण रणनीतिक पहल की। परमाणु विवाद को लेकर ईरान पर लगे पश्चिमी प्रतिबंधों से इसे आगे बढ़ाने में देर हुई। मगर पाबंदियां हटते ही काम तेजी से हुआ। नतीजतन, रविवार को ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी के हाथों इसके पहले चरण का उद्घाटन हुआ।
 
देश में रोजाना सैकडों आत्महत्या क्यों?
देश के लगभग सभी राज्यों में आत्महत्या की प्रवृत्ति बड़ी तेजी के साथ बढ़ रही है। उत्तर भारत और इससे लगे हुए राज्यों में स्थिति बहुत खराब है। म.प्र., उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली एवं अन्य राज्यों में रोजाना आत्म हत्याओं के समाचार छपे हुए मिलते हैं। आत्महत्या के जो प्रमुख कारण सामने आते है। उनमें किसानों द्वारा कर्ज के बोझ से आत्महत्या करना।
 
क्या कांग्रेस का होगा पुनर्जन्म ?
कां ग्रेस में एक नए युग की शुरुआत होने जा रही है। राहुल गांधी के नामांकन के साथ ही ये तय हो गया है कि वे कांग्रेस के अध्यक्ष होंगे। यूं तो वर्ष 2013 में ही तय हो गया था कि सोनिया गांधी के बाद कौन कांग्रेस का ताज संभालने जा रहा है। जयपुर के चिंतन शिविर में जब उन्हें पार्टी का उपाध्यक्ष बनाया गया था उसी समय से पार्टी के तमाम फैसलों में उनकी मुहर लगनी जरूरी हो गई थी। फिर भी एक आवरण बना हुआ था।
 
भोपाल गैस त्रासदी : जख्म के भरने तलक नाखून न बढ़ आएंगे क्या
अब तक तो दुनिया भी मान चुकी है कि भोपाल गैस त्रासदी विश्व के औद्योगिक इतिहास की सबसे बड़ी और भयावह दुर्घटना रही है। जांच और शोधकर्ताओं के साथ ही दुनिया ने भी यह अच्छी तरह से जान लिया कि यह त्रासदी मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित युनियन कार्बाइड फैक्टरी से 2 और 3 दिसंबर, 1984 की दरमियानी रात को रिसी जहरीली गैसे के कारण घटित हुई।
 
मोहन भागवत का ब्यान -मंदिर ही बनेगा विवाद की बुनियाद तो नहीं !
एक बार जीभ और दांतों के बीच किसी विषय पर विवाद हुआ तो जीभ बोली बहिन में अकेली हूँ पर तुमसे बलवान हूँ और दांत बोले तू मेरे बीच में हैं जब चाहू तेरा काम तमाम कर सकती हूँ । बात तो बात होती हैं कहा भी जाता हैं की औजार का लगा घाव तो भर जाता हैं पर जीभ का लगा घाव जिंदगी में भी नहीं भरता ।
 
शक की गुंजाइश है
आय कर विभाग का नोटिस मिलने के बाद आम आदमी पार्टी (‘आप’) के नेताओं ने इसे बदले की कार्रवाई बताया। कहा कि एक रोज पहले ‘आप’ नेता अरविंद केजरीवाल ने भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ सबसे एकजुट होने की अपील की थी।
 
राजनीति की ’वि‘दिशा -क्या अब जाति के जमींदार राज करेंगे....?
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का एक राजनीतिक लक्ष्य देश की राजनीति व राजनेताओं को ईमानदारी व शुचिता के रास्ते पर लाना था, इसीलिए मोदी जी ने संसद के अपने पहले भाषण में देश की संसद व विधान सभाओं को एक साल में अपराधी मुक्त करने का संकल्प भी लिया था, किंतु मोदी राज के साढ़े तीन साल गुजर जाने के बाद देश अब यह महसूस कर रहा है कि देश की राजनीति व उसके खेवनहार अनैतिकता के अंधेरे गर्त में गिरते जा रहे है, देश की राजनीति अब धर्म, सम्प्रदाय व जाति के बीच बंट रही है, जिसकी शुरूआत मोदी जी के अपने गृहराज्य गुजरात से ही हो रही है।
 
बहुत कुछ कहता है ‘पाकिस्तान’ के कानून मंत्री का इस्तीफा
यह कोई सामान्य बात नहीं है कि पाकिस्तान के कानून मंत्री जाहिद हामिद ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। अब इस्तीफे को लेकर तरह-तरह की कहानियां बनाई और सुनाई जाएंगी, लेकिन हकीकत तो यही है कि उन पर ईश निंदा का आरोप था और इसके चलत े कट्टरपथं ी हरगिज बदाशर्् त नही ं करत े कि वो कर्सु ी पर जम ें रह ें और उन्ह ें नीचा दिखाते रहें।
 
क्या पाक सुधर सकता है?
इसे भारत सरकार के आशावाद की मिसाल ही कहा जाएगा कि उसने अनौपचारिक स्तर पर फिर पाकिस्तान से बातचीत शुरू की है। खबरों के मुताबिक पिछले दिनों राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोवाल की पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नसीर खान जंजुआ से दो बार फोन पर बातचीत हुई।
 
करूणा और विनय की प्रतिमूर्ति थे साधु वासवानी
अन्तर्राष्ट्रीय निरामिश दिवस के रूप में मानाया जाने वाला 25 नवंबर का दिन विश्व के इतिहास में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है। भारत की पुण्य भूमि पर समय समय पर ऐसे महापुरुषों ने जन्म लिया जिन्होंने त्रसित मानवता को अपनी करूणा से अह्रश्वलावित करके अहिंसा और शान्ति का पाठ पढ़ाया।
 
कश्मीर की कशमकश : ढेर आतंकियों की संख्या याद रही; शहीदों को भूल गए.....?
हमारी जन्नत (कश्मीर) इन दिनों जहन्नूम बनी हुई है, अब तो ऐसा लगने लगा है कि कश्मीर में हिन्दुस्तान का राष्ट्रभक्त कोई रहा ही नहीं? अभी तक तो अलगाववादियों व उनके संगठनों को शक की नजर से देखा जाता था, किंतु अब वहां के जिम्मेदार वरिष्ठ राजनेता खुलकर पाकिस्तान की तरफदारी कर रहे है, उनका क्या?
 
आधी-अधूरी पारदर्शिता क्यों?
सुप्रीम कोर्ट ने अपनी कार्यवाही की वीडियो रिकॉर्डिंग को हरी झंडी दे दी है। अदालत ने कहा कि पारदर्शिता के इस दौर में तकनीक के ऐसे इस्तेमाल से कोई गुरेज नहीं होना चाहिए। तकरीबन दो महीने पहले सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि निचली अदालतों की कार्यवाही की वीडियो के साथ-साथ ऑडियो रिकॉर्डिंग भी होनी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने तब तमाम हाई कोर्टों से कहा था कि वे निचली अदालतों में सीसीटीवी लगवा सकते हैं और साथ ही ऑडियो रिकॉर्डिंग भी करवा सकते हैं।
 
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