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संपादक

जस्टिस के ‘दिल की बात’
मुद्दे वही, लेकिन अंदाज अलग था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने न्यायपालिका की समस्याओं को रखते हुए पूर्व प्रधान न्यायाधीश जस्टिस टीएस ठाकुर भावुक हो गए थे। लेकिन जस्टिस जेएस खेहर मजबूती से बोले। मौका इलाहाबाद हाई कोर्ट की 150वीं वर्षगांठ का था। जस्टिस खेहर ने कहा- ‘प्रधानमंत्री मन की बात करते हैं, तो देश सुनता है। वे अब मुझे अपने दिल की बात करने दें।’ फिर जजों की कमी और अदालतों पर काम के भारी बोझ के सवाल उन्होंने उठाए। जस्टिस खेहर तैयारी से आए थे।
 
अनदेखी की गुंजाइश नही
इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) को लेकर संदेह का वातावरण पहले से था। मध्य प्रदेश में भिंड जि़ले के अटेर में ईवीएम मशीन के डेमो के दौरान हुई घटना ने इसे कई गुना बढ़ा दिया है। कुछ बात मप्र की मुख्य निर्वाचन अधिकारी सलीना सिंह ने भी बिगाड़ी। एक ईवीएम में गड़बड़ी सामने आई, तो उन्होंने पत्रकारों को धमकाया कि वे इसकी खबर ना छापें।
 
मीट की आड़ में मौत !
बूचडख़ानों पर तालाबंदी, यानी गोश्तबंदी, को लेकर बाजार बंद हैं। हड़ताल जारी है। कुछ दुकानें खुद बंद हैं, तो कुछ भय, खौफ के कारण बंद हैं। अब यह मुद्दा उत्तर प्रदेश तक ही सीमित नहीं रहा है। अन्य पांच राज्यों में भी अवैध बूचडख़ानों पर तालाबंदी के आदेश जारी हो गए हैं। यह मुद्दा संसद में भी गूंजा।
 
रोमियो नहीं हैवानियत का डर
रो मियो फिर से चर्चा में है। शेक्सपियर के दुखांत कथानक का ये पात्र इक्कीसवीं सदी में अचानक जीवित हो उठेगा किसी ने शायद ही सोचा होगा। लेकिन ये सचाई है। रोमियो फिर से हमारे बीच मे है नए वर्सन के साथ। पता नही ये रोमियो का भूत है या फिर समय की पीड़ा ने उसे खलनायक बना दिया। अब वो किसी प्रेमिका जूलियट के लिए अपनी जान नही देता बल्कि छेडख़ानी के आरोप में सडक़ों पर डंडे खाता है। कान पकडक़र उठक बैठक करता है। कोई जूलियट उसके लिए मरेगी ये तो सोचना भी गुनाह है। टुच्चा हो चुका है आज का रोमियो।
 
भीषण गर्मी की चेतावनी
दिल्ली में गुजरे हफ्ते चार दिन में 13 डिग्री सेल्सियस तापमान बढ़ा। नतीजतन, यहां मार्च में गर्मी का सात साल का रिकॉर्ड टूट गया। यहां इसी महीने तापमान 38 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। ये कहानी सिर्फ दिल्ली की नहीं है।
 
लोकपाल पर टाल-मटोल
लोकपाल पर केंद्र का रुख परेशान करने वाला है। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि मौजूदा हालात में लोकपाल की नियुक्ति संभव नहीं है। दलील है कि लोकसभा में कोई विपक्ष का नेता नहीं है, अत: लोकपाल को नियुक्त करने वाली समिति का गठन नहीं हो सकता।
 
राजकपूर की फिल्मों के साथ अलविदा कहेगा रीगल सिनेमा
कभी दिल्ली की शानो शौकत में चार चांद लगाने वाला रीगल सिनेमा कल के बाद इतिहास बन जायेगा। 1932 में बना राजधानी का पहला प्राइम सिंगल स्क्रीन थिएटर रीगल अब सिनेप्रेमियों से हमेशा के लिए विदाई ले लेगा। रीगल सिनेमा हॉल सिने प्रेमियों के साथसाथ बॉलीवुड सितारों का भी चहेता हॉल हुआ करता था।
 
आधार पर संयम जरूरी
लोकतंत्र में सरकारों से अपेक्षा रहती है कि वे कानून के अनुरूप आचरण करें। कानून पारित कराना उनका ही काम है। कानून की संवैधानिकता पर निर्णय देना न्यायपालिका के दायरे में आता है। अफसोसनाक है कि आधार कार्ड योजना पर भारत सरकार ने इस बुनियादी तकाजे को नजरअंदाज किया। इस मामले में पूर्व यूपीए और वर्तमान एडीए दोनों सरकारों का रवैया एक जैसा रहा है।
 
वीवीपैट को ना टाले
इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) को लेकर विवाद थमता नहीं दिखता। बसपा कोर्ट जाने की तैयारी में है। उधर आम आदमी पार्टी ने पंजाब में गड़बडिय़ों का अंदेशा जताते हुए निर्वाचन आयोग को पत्र लिखा है। सपा और कांग्रेस भी अपने-अपने तरीके से शक जता चुके हैं। ममता बनर्जी ने कहा है कि ‘दाल में कुछ काला है।’ दूसरी तरफ निर्वाचन आयोग से लेकर अनेक पूर्व मुख्य मुख्य निर्वाचन आयुक्तों ने ईवीएम में गड़बड़ी की संभावनाओं को सिरे से खारिज किया है।
 
कालीवाहन मंदिर मे सबसे पहले पूजा करता है अश्वथामा
उत्तर प्रदेश के इटावा में यमुना नदी के तट पर मॉ काली के मंदिर में मान्यता है कि महाभारत का अमर पात्र अश्वथामा आज भी रोज सबसे पहले पूजा करता है। कालीवाहन नामक यह मंदिर इटावा मुख्यालय से मात्र पांच किलोमीटर दूर यमुना के किनारे स्थित है । नवरात्रि पर इस मंदिर का खासा महत्व हो जाता है। दूरदराज से श्रद्धालु अपनी मनोकामना पूर्ति के इरादे से यहां पहुंचते हैं ।
 
देशभर में कॉमन टेस्ट
देश भर के इंजीनियरिंग कॉलेजों में दाखिले के लिए एक ही अखिल भारतीय प्रवेश परीक्षा हो- ये विचार कई साल पहले आया। लेकिन इसकी राह में अनेक रुकावटें थीं। लेकिन अब केंद्र सरकार ने इसका मार्ग प्रशस्त कर दिया है। आखिरी बाधाएं तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल सरकार की आपत्तियां थीं। उन्हें केंद्र ने ठुकरा दिया है। तमिलनाडु का एतराज सरकारी कॉलेजों में जारी आरक्षण नीति को लेकर था।
 
लोकतंत्र पर आतंकवादी हमला
लंदन स्थित वेस्टमिंस्टर में आतंकवादी हमला हुआ। हालांकि ये हमला उतना बड़ा नहीं था, लेकिन मकसद कुछ वैसा ही प्रतीत हुआ जैसा 2001 में भारतीय संसद पर हमले के समय समझा गया था। कोशिश मंत्रियों/सांसदों को निशाना बनाने की थी। जिस वक्त ब्रितानी संसद में हमलावर ने एक पुलिसवाले पर चाकू से घातक हमला किया, तब संसद की बैठक जारी थी।
 
अयोध्या की सरगर्मी अनायास नहीं है
अ योध्या देश की राजनीति में फिर से केंद्र बिंदु बन रहा है। उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का अंदाज, मिजाज और माहौल बता रहा है कि आने वाले दिन सरगर्मी भरे होंगे। गोरखपुर में स्वयं योगी का जय श्री राम के उद्घोष से भाषण शुरू करना और उनकी उपस्थिति में दिगंबर अखाड़े के महंत का मंदिर बनने का एलान करना अनायास नहीं है।
 
जम्मू-कश्मीर में नाकामी?
क्या भारत सरकार की कश्मीर नीति नाकाम हो रही है? ये सवाल खुद सरकारी आंकड़ों से उठा है। जम्मू-कश्मीर संबंधी नीति की सफलता का पैमाना यही होगा कि वहां शांति बहाल हो, लोग अलगाववादी गतिविधियों से दूर हों और पाकिस्तान की तरफ से घुसपैठ घटे।
 
संकट में हाथ थामना
वोडाफोन और आइडिया का विलय भारतीय दूरसंचार उद्योग में बढ़ते संकट का नतीजा है। कुछ रोज पहले एयरटेल के एक बड़े अधिकारी ने कहा था कि दूरसंचार कंपनियों के मुनाफे की दर आज न्यूनतम स्तर पर है। जब ये हाल हो, तो कंपनियां एक-दूसरे से प्रतिस्पर्धा करने के बजाय एक-दूसरे से बाजार साझा करने में अपना भला समझती हैं। ऐसी ही समझ वोडाफोन और आइडिया के कर्ता-धर्ताओं में बनी।
 
मणिपुरवासियों को राहत
मणिपुर में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने का वहां के लोगों फ़ौरी फायदा हुआ है। वहां 139 दिन से जारी नाकेबंदी समाप्त हो गई है। भाजपा ने नगालैंड की पार्टियों से मधुर रिश्ता बना रखा है। मणिपुर के नगा वासियों की पार्टियां वर्तमान भाजपा नेतृत्व वाली सरकार में शामिल हैं।
 
उम्मीद जगाने वाली शुरुआत
पंजाब की नवगठित कांग्रेस सरकार ने अपनी पहली बैठक में उम्मीद जगाने वाले फैसले लिए। आने वाले दिनों में उनसे इन सब पर प्रभावी अमल हो, तो उससे न सिर्फ पंजाब में नई शुरुआत होगी, बल्कि कांग्रेस को बाकी देश में कहने के लिए एक नया कथानक मिलेगा। अमरिंदर सिंह सरकार के दो निर्णय राजनीति में पारदर्शिता एवं जनतांत्रिक संस्कृति को बढ़ावा देने में सहायक हो सकते हैं। मसलन ये अहम फैसला लिया गया कि प्रदेश से वीआईपी कल्चर खत्म किया जाएगा।
 
हिजाब के खिलाफ फैसला
दुनिया में इस्लाम और उसके प्रतीकों को लेकर चल रही बहस के बीच यूरोपीय संघ की अदालत ने महत्त्वपूर्ण फैसला दिया है। इससे यूरोपीय समाज और कट्टरपंथी इस्लामी समूहों के बीच तनाव और बढ़ सकता है। ताजा फैसले के मुताबिक यूरोपीय संघ के देशों में कंपनियां अपने कर्मचारियों को हिजाब जैसे किसी विशेष प्रतीकों को पहनने से रोक सकेंगी।
 
राजनीति का भगवा योग
यो गी आदित्यनाथ उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री बन गए हैं। उत्तरप्रदेश की धरती ने न जाने कितने खांटी राजनीतिज्ञों को जन्म दिया। यहां कभी कोर्इ भगवा वस्त्रधारी, सन्यासी,राजनीति का शीर्षासन करके सीएम पद की शपथ लेगा ये सोचना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन था।
 
स्वास्थ्य पर सही इरादा
केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति को मंजूरी दे दी है। मकसद सभी नागरिकों को सुनिश्चित स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराना बताया गया है। नई राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति का प्रारूप पिछले दो साल से सरकार के पास लंबित था। इसको लेकर कुछ हलकों में उसकी आलोचना भी हुई थी। लेकिन अब इसे हरी झंडी दी गई है।