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विश्वकप : परंपरा कायम
सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा के एक और लाजवाब शतक से बड़ा स्कोर बनाने वाले भारत ने रविवार को यहां पाकिस्तान को डकवर्थ लुईस पद्वति से 89 रन से करारी शिकस्त देकर विश्व कप में अपने इस चिर प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ विजय अभियान 7-0 पर पहुंचाकर परंपरा कायम रखा। भारत ने विश्व कप में अब तक हमेशा पाकिस्तान को शिकस्त दी है और विराट कोहली की टीम ने भी यह क्रम जारी रखा।
 
जीत से आगे की इबारत लिखने की तैयारी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में केंद्र सरकार अपने एजेंडे पर काम करने में जुट गई है। प्रचंड बहुमत वाली सरकार के चंद दिनों के कामकाज पर नजर डालिए तो प्रधानमंत्री का स्पष्ट विजन आपके सामने आ जायेगा। भारी बहुमत से मदहोश होने के बजाय मोदी सरकार पहले दिन से अपना मौजूदा आधार मजबूत करने और अपना दायरा बढ़ाने की मुहिम में जुट गई है।
 
‘तंबाकू मुक्त’ भारत तथा विश्व का निर्माण योग
विश्व तंबाकू दिवस को पहली बार 7 अप्रैल 1988 को विश्व शान्ति की सबसे बड़ी वैश्विक संस्था संयुक्त राष्ट्र संघ की इकाई विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लू.एच.ओ.) की वर्षगांठ पर मनाया गया। इसके बाद हर वर्ष 31 मई को विश्व तंबाकू निषेध दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की गयी। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने वर्ष 2008 में सभी तंबाकू विज्ञापनों, प्रमोशन आदि पर बैन लगाने का आह्वान किया।
 
शपथ में इमरान को बुलाएं या नहीं ?
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनकी विजय पर बधाई देते हुए दोनों देशों के बीच बातचीत शुरू करने की पेशकश की है। भारत की तरफ से कहा गया कि बातचीत और आतंक साथ-साथ नहीं चल सकते। इसका मतलब क्या हुआ ?
 
सच....मोदी के रहते ही यह मुमकिन है
चुनाव में भाजपा की ओर से कई नारे गढ़े गए। एक नारा था, मोदी हैं तो मुमकिन हैं। विपक्ष ने कई नकारात्मक तथ्यों के साथ इस नारे की खिल्ली उड़ाई लेकिन चुनाव में चले मोदी मैजिक के बाद शायद विपक्ष के नेता भी कह रहे होंगे सचमुच यह मोदी के होते ही मुमकिन है।
 
अब कमान राष्ट्रपति के हाथों
यदि इस 2019 के चुनाव में भाजपा को स्पष्ट बहुमत मिल जाए और एक स्थिर सरकार बन जाए तो भारतीय लोकतंत्र के लिए इससे बढिय़ा बात तो कोई हो ही नहीं सकती। वह सरकार पिछले पांच साल की सरकार से बेहतर होगी, ऐसी आशा हम सभी कर सकते हैं। एक तो वह अपनी भयंकर भूलों से सबक लेगी।
 
ईरान का गला घोटे अमेरिका
अमेरिका ने पहले ईरान के तेल बेचने पर प्रतिबंध लगाया और अब उसने उसके लोहे, इस्पात और एल्यूमिनियम के आयात पर भी प्रतिबंध लगा दिया है। 90 दिन के इस प्रतिबंध के बाद ईरान से जो भी देश ये चीज़े खरीदेगा, उसके विरुद्ध अमेरिका कुछ न कुछ कार्रवाई जरूर करेगा। दूसरे शब्दों में डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ईरान का गला घोटने पर उतारु हो गया है।
 
आईए जमकर मतदान करें
लोकतंत्र के महापर्व में हरियाणा के दस सीटों पर मतदान की बारी भी आ ही गई। रविवार के दिन प्रदेश की दस लोकसभा सीटों पर मतदान होना है। हमारे आपके ऊपर बड़ी जिम्मेदारी है। हरियाणा की आन-बान इस बात से भी बढ़ेगी कि हम अपने लोकतांत्रिक अधिकार के प्रति कितने जागरूक हैं।
 
अक्षय तृतीया : शुभ मुहूर्त के लिए विशेष महत्व
अक्षय तृतीया या आखा तीज वैशाख मास में शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को कहते हैं। पौराणिक ग्रंथों के अनुसार इस दिन जो भी शुभ कार्य किये जाते हैं, उनका अक्षय फल मिलता है. इसी कारण इसे अक्षय तृतीया कहा जाता है। वैसे तो सभी बारह महीनों की शुक्ल पक्षीय तृतीया शुभ होती है, किंतु वैशाख माह की तिथि स्वयंसिद्ध मुहूर्तो में मानी गई है।
 
राज्यों में अलग-अलग हो सकती है नतीजों की तस्वीर
मतदान का तीन चरण बीत गया। चौथे चरण का प्रचार समाप्त हो चुका है। एक बात साफ है कि इस बार का मुकाबला पहले के सभी मुकाबलों से बिल्कुल अलग है। न तो सरकार विरोधी लहर है और न ही सरकार के पक्ष में हर राज्य में एक जैसा उत्साह। अलग-अलग राज्यों में मतदान का अलग मूड चौंकाने वाले नतीजे के रूप में सामने आ सकते हैं।
 
अमेरिका की दादागीरी
परमाणु-समझौते को लेकर डोनाल्ड ट्रंप का अमेरिका ईरान से इतना नाराज है कि उसने अब ईरानी तेल खरीदने पर प्रतिबंध की घोषणा कर दी है। 2 मई के बाद जो भी देश ईरान से तेल खरीदेगा, अमेरिका उसके खिलाफ कार्रवाई करेगा। दूसरे शब्दों में ईरान का हुक्का-पानी बंद करने पर अमेरिका तुला पड़ा है। भारत ईरान से 11 बिलियन डॉलर का अपना 11 प्रतिशत तेल आयात करता है।
 
परेशानियों से जूझते ट्रंप
ट्रंप प्रशासन ने मलर रिपोर्ट के कुछ चुने हुए हिस्सों को पिछले दिनों जारी कर दिया। राष्ट्रपति ट्रंप को शायद उम्मीद रही होगी कि ऐसा करके इस मुद्दे पर अपने खिलाफ बने माहौल को वे ठंडा कर देंगे। लेकिन लगता नहीं कि इसमें उन्हें कामयाबी मिली है। 2016 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में डॉनल्ड ट्रंप के चुनाव अभियान में रूस की साठगांठ के आरोपों की जांच के लिए मलर समिति बनी थी।
 
हिंदुत्व-राष्ट्रवाद का सीधा सपाट रास्ता
लोकसभा चुनाव के दो चरण पूरे हो गए हैं। भारतीय जनता पार्टी ने साफ कर दिया है कि उसका सफर हिंदुत्व व राष्ट्रवाद के रथ पर सवार होकर ही तय होगा। पांच साल के काम की अतिरिक्त चर्चा हो सकती है, लेकिन वोट उन मुद्दों पर ही मांगे जाएंगे जिनसे जातियां टूटें और भावनाएं जागें। हरियाणा में दस सीटों की रणनीति भी इससे अलग नहीं होगी। जाट या गैर जाट।
 
ह्रश्वलास्टिक है जहां खतरा है वहां!
को का कोला हर साल 30 लाख टन ह्रश्वलास्टिक का इस्तेमाल करती हैं, यह कोई चौकाने वाली बात नहीं हैं। हर साल 50,000 करोड़ पी ई टी बॉटल का उत्पादन होता हैं, कोका कोला बनती हैं 10,800 करोड़ टन। ये आंकड़े चौकाने वाले हो सकते हैं। इसके अलावा पेह्रिश्वसको, एच एंडए, लोरियल, मार्क्स एंड स्पेंसर समेत 150 कंपनियां ने पैकेजिंग प्रतिबद्धता पर हस्ताक्षर किये पर अपनी जानकारी नहीं दी जबकि कोका कोला मार्स नेस्ले आदि ने ह्रश्वलास्टिक पैकेजिंग की जानकारी दी हैं।
 
मतदान देश के लिए करें धर्म के लिए नही
लोकसभा चुनावी महासमर के मध्य देश के तथाकथित ‘राजनेताओं’ के बोल बार-बार उनकी नीयत तथा इरादों को स्पष्ट करते जा रहे हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि 2019 का लोकसभा चुनाव जानबूझकर जनसरोकारों से पूरी तरह भटक कर बेहूदा व निरर्थक मुद्दों की ओर भटकाने की कोशिश की जा रही है।
 
बीएसएनएल का आर्थिक संकट
आर्थिक संकट से गुजर रही सरकारी टेलीकॉम कंपनी भारत संचार निगम लिमिटेड बीएसएनएल के करीब 54 हजार कर्मी अपनी नौकरी खो सकते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि कंपनी बोर्ड ने कुछ प्रस्तावों को स्वीकृति दी है। ये बात डेकन हेराल्ड की एक रिपोर्ट में कही गई है।
 
महिला हितो के हिमायती थे डॉ.आंबेडकर
बाबासाहेब के नाम से दुनियाभर में लोकप्रिय डॉ.भीमराव आंबेडकर ने अपने अध्ययन और दूरदृष्टि से यह भांप लिया था कि भारतीय महिलाओ के पिछड़ेपन की मूल वजह भेदभावपूर्ण समाज व्यवस्था और शिक्षा का अभाव है। शिक्षा में समानता के संदर्भ में आंबेडकर के विचार स्पष्ट थे। उनका मानना था कि यदि हम लडक़ों के साथ-साथ लड़कियों की शिक्षा पर ध्यान देने लग जाए तो प्रगति कर सकते है।
 
मिशन २०१९: जोश बरकरार रखिए
लोकसभा चुनाव का दूसरा चरण 18 अप्रैल को होगा। पहले चरण के बाद सियासी हवा पढऩे की कोशिश राजनीतिक पंडित कर रहे हैं। मतदान का प्रतिशत 2014 की तुलना में कम है लेकिन इतना जरूर है कि हम कह सकें कि जोश कम नहीं हुआ है। चुनाव में एक प्रयास जातियों की मोरचेबंदी का नजर आ रहा है।
 
इजराइल में फिर नेतन्याहू
इजराइल में बेंजामिन नेतन्याहू के फिर प्रधानमंत्री बनने की संभावना मजबूत हो गई है। वे तीन बार से लगातार प्रधानमंत्री पद पर बने हुए हैं। अब संभावना है कि नेतन्याहू रिकॉर्ड पांचवीं बार देश के मुखिया बनेंगे। लेकिन नेतन्याहू के लिए इस बार मुश्किलें पहले से काफी अलग हैं। इजराइल के अटॉर्नी जनरल भ्रष्टाचार के तीन मामलों में पुलिस जांच के बाद उनके खिलाफ मुकदमा चलाए जाने की इजाजत दे चुके हैं।
 
खुदकुशी घटाने में कामयाबी
जापान में खुदकुशी का लंबा इतिहास रहा है। 2003 में देश में खुदकुशी के 34,427 मामले दर्ज किए गए। यह रिकॉर्ड संख्या थी। इसलिए इस पर सिर्फ देश के अंदर ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा शुरू हो गई। तब सरकार ने कुछ ठोस कदम उठाए।