संपादक

चुनाव आयोग की चुनौतीसशर्त या बिना-शर्त?
अब निर्वाचन आयोग ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) पर संदेह करने वाले राजनीतिक दलों को खुली चेतावनी दी है। कहा है कि तीन जून से आयोग के दफ्तर म ें मशीनो ं म ें छडे छ़ ाड ़ करके दिखान े का मौका दिया जाएगा। जो पाटिर्य ा ं इस चुनौती को स्वीकार करेंगी, उनके तीन लोगों को चार घंटों का वक्त मिलेगा।
 
जाधव को जस्टिस
इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (आईसीजे) के 11 जजों की पीठ ने भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव के संदर्भ में जो अंतरिम फैसला सुनाया है, वह भारत की बड़ी कूटनीतिक जीत है। भारत और जाधव के परिजनों के लिए नैतिक और मानसिक राहत है। पाकिस्तान कई स्तरों पर बेनकाब हुआ है।
 
बेटियों को सत्याग्रह न करना पड़े सरकार
ह मारी बेटियां सरकार को राह दिखाने सडक़ों पर उतर गई हैं। रेवाड़ी,गुरुग्राम और पानीपत कई जगहों पर सत्याग्रह हुआ। एक पवित्र उद्देश्य के लिए कि हमें पढऩे दो। क्या बिडम्बना है? सरकार नारा देती है बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ। बेटियां सरकार से कह रही हैं हमें पढऩा है एक स्कूल तो दिलाओ। सडक़ों पर हमारी गरिमा से छेड़छाड़ न हो ये इंतजाम तो हो। सरकार लोगों को जागरूक करे।
 
परमाणु महत्त्वाकांक्षा बनाम यथार्थ
भारत सरकार ने परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम को गति देने के लिए बड़ा एलान किया है। सरकार अपने इरादे को धरती पर उतराने में कामयाब रही, तो परमाणु बिजली पैदा करने के क्षेत्र में यह न सिर्फ भारत की बड़ी छलांग होगी, बल्कि उससे देश की ऊर्जा सुरक्षा भी मजबूत होगी। खासकर जब भारत ने कार्बन उत्सर्जन घटाने का लक्ष्य रखा है, तब स्वच्छ ऊर्जा पैदा करना बड़ी जरूरत बन गया है।
 
समर्थन की रस्म-अदायगी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जुलाई में इजराइल की चिर-प्रतीक्षित यात्रा पर जाने वाले हैं। हालांकि इजराइल से भारत ने 1992 में ही राजनयिक संबंध बना लिए और उसके बाद से रक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में दोनों देशों के रिश्ते लगातार प्रगाढ़ हुए हैं, मगर किसी भारतीय प्रधानमंत्री ने अब तक इजराइल की यात्रा नहीं की। इसीलिए मोदी की प्रस्तावित यात्रा को बहुत महत्त्वपूर्ण समझा जा रहा है। इसे भारत की पारंपरिक विदेश नीति में बड़े बदलाव का सूचक भी माना गया है। आजादी के बाद से भारत की विदेश नीति फिलस्तीन के पक्ष में रही।
 
सरकार का सही रुख
केंद्र सरकार ने तीन तलाक की मुस्लिम प्रथा के बारे में सुनवाई कर रही सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ के सामने दो-टूक बयानी की। वाजिब रुख लिया कि कोर्ट को यह देखना चाहिए कि ये (और दूसरी कुछ प्रथाएं) संविधान-सम्मत हैं या नहीं। उसे कुरआन की व्याख्या में नहीं उलझना चाहिए। आखिर वह कोई धर्म-संस्था नहीं है।
 
साइबर अपराधियों का हमला
साइबर हमला नई बात नहीं है। पहले भी हैकरों ने इसकी कोशिश की। ऐसे मैलवेयर (वो सॉफ्टवेयर जो कंह्रश्वयूटर सिस्टम्स को अस्त-व्यस्त कर देते हैं) संचारित किए गए, जिससे दुनियाभर में मुश्किलें खड़ी हुईं। लेकिन पहले ऐसे काम या तो शौकिया हैकरों ने किए या किसी खास देश को वैचारिक या राष्ट्रवादी आग्रहों से निशाना बनाया गया।
 
लेकिन जवाब क्या है?
भारत ने बीजिंग में हो रहे वन बेल्ट फोरम की बैठक का बहिष्कार किया है। भारत के एतराज वाजिब हैं। चीन का पाक कब्जे वाले कश्मीर में आर्थिक गलियारा बनाना बेशक भारत की संप्रभुता की अनदेखी करना है। साथ ही भारत को आशंका है कि चीन वन बेल्ट वन रूट (ओबीओआर) पहल के जरिए ऐसी विश्व आर्थिक व्यवस्था का निर्माण करना चाहता है, जिसमें वह सबसे बड़ी महाशक्ति होगा।
 
फांसी पर अंतरराष्ट्रीय फरमान
भारत की याचिका पर अंतरराष्ट्रीय कोर्ट ऑफ जस्टिस (आईसीजे) ने पाकिस्तान को लिखकर निर्देश दिया है कि भारत के पूर्व नौसेना अधिकारी कुलभूषण जाधव की फांसी को फिलहाल रोक दिया जाए। यह अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की गौरतलब जीत है। नीदरलैंड स्थित अंतरराष्ट्रीय अदालत ने भारत-पाक के संदर्भ में ऐसे विरोधाभासों को देखा होगा, जिनके आधार पर यह रोक लगाई गई है। भारत और पाकिस्तान ने इस संदर्भ में 1960 की संधि पर दस्तखत किए थे, लेकिन अंतरराष्ट्रीय कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन होता रहा है। 1999 में पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ एक याचिका दर्ज की थी, लेकिन तब हमारी दलील थी कि यह आईसीजे का अधिकार क्षेत्र नहीं है।
 
उम्मीदों के बोझ में खत्म न हो बचपन
बच्चों, अभिभावकों और स्वस्थ बालमन के हिमायती पूरे समाज के लिए एक अच्छी खबर। पहले हरियाणा और अब यूपी सरकार ने स्कूलों में शनिवार को नो बैग डे घोषित किया है। हरियाणा सरकार का कदम आंशिक है। अभी सौ स्कूलों के लिए लागू किया गया है। बाकी स्कूलों में इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। मेरा मानना है ये फैसला ऐसा है जिसे किश्तों में लागू करने की जरूरत नहीं है। आप ओपिनियन पोल करा लीजिये आपको पता चल जाएगा मौजूदा शिक्षा व्यवस्था से लोग किस कदर त्रस्त हैं। स्कूलों की मनमानी सहने को मजबूर। स्कूल किस होड़ में हैं समझना मुश्किल है। केवल कमीशन का चक्कर है या फिर किसी बड़ी साजिश का वे जाने अनजाने शिकार हो रहे हैं।
 
तलाक तलाक पर ‘सुप्रीम’ बहस
मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड मुसलमानों की प्रतिनिधि संस्था नहीं है या तीन तलाक सरीखे मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ के सामने बहस शुरू हो सकी है,तो उसका बुनियादी श्रेय प्रधानमंत्री मोदी को जाना चाहिए। अलबत्ता जब से देश आजाद हुआ है, उससे पहले से ही यह कुप्रथा जारी रही है। चूंकि कांग्रेस समेत ज्यादातर दल इसे ‘मजहबी मामला’ मानते हुए दखलंदाजी नहीं करना चाहते थे,लिहाजा मुस्लिम औरतों पर ज़ुल्म और अत्याचार के सिलसिले जारी रहे।
 
प्रश्न संस्था की प्रतिष्ठा का
जस्टिस कर्णन को सुप्रीम कोर्ट ने अदालत की तौहीन के इल्जाम में जेल भेजने का आदेश दिया है। भारत के इतिहास में यह पहला मौका है, जब कोर्ट ने किसी कार्यरत न्यायाधीश के खिलाफ इतना सख्त हुक्म दिया हो। इसके साथ ही सर्वोच्च न्यायालय ने मीडिया को जस्टिस कर्णन के बयान प्रकाशित/प्रसारित करने से रोक दिया है। चूंकि यह अपनी तरह का पहला फैसला है, इसलिए इस पर समाज के कुछ समूहों में व्यग्रता देखी गई है।
 
राजनाथ सिंह का ‘समाधान’
गृह मंत्री राजनाथ सिंह नक्सल प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक बुलाई। अब यह इस समस्या के प्रति जारी लापरवाह नजरिए का ही संकेत है कि पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री खुद इसमें नहीं आए।
 
अपने ही जाल में केजरीवाल
अरविंद केजरीवाल पर उनकी ही सरकार में मंत्री रहे कपिल मिश्र ने एक अन्य मंत्री सत्येंद्र जैन से दो करोड़ रुपए लेने का आरोप लगाया। केजरीवाल के पूर्व सहयोगियों- आम आदमी पार्टी (‘आप’) से निष्कासित योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण ने कहा है कि उन्हें इस इल्जाम पर भरोसा नहीं है। यही बात पार्टी के असंतुष्ट नेता कुमार विश्वास ने भी कही है, जबकि कपिल मिश्र को उनका ही करीबी माना जाता है।
 
जो तटस्थ हैं समय लिखेगा उनका भी अपराध...
दि ल्ली की राजनीति में बहुत ही दुखद प्रसंग सामने आया है। भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन की उपज मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल पर भ्रष्टाचार का आरोप उनके ही द्वारा नियुक्त एक मंत्री लगाया है। कपिल मिश्रा जिन्हें केजरीवाल ने मंत्रिमंडल से बाहर कर दिया, उनका आरोप है कि केजरीवाल ने दो करोड़ उनकी आंख के सामने लिए हैं।
 
संस्कृति बनाम आतंकवाद
खेल, कला, फिल्म, साहित्य, संस्कृति और आतंकवाद साथ-साथ नहीं चल सकते। युद्ध का मैदान और जनता-दर-जनता संबंध स्थापित नहीं हो सकते। ये स्थितियां आपस में पर्याय ही हैं। ये कथन पहले भी कहे जा चुके हैं।
 
सवाल राजनीतिक इच्छाशक्ति का
केंद्र सार्वजनिक बैंकों में एनपीए की बढ़ती समस्या से निपटने के लिए बैंकिंग नियमन कानून में संशोधन करेगा। पहले इसके लिए अध्यादेश लाया जाएगा। अध्यादेश को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी है।
 
ताकि जन-हित सर्वोपरि रहे
जनहित याचिका की धारणा न्यायमूर्ति वीआर कृष्ण अय्यर और न्यायमूर्ति पीएन भगवती के युग में विकसित हुई। उद्देश्य यह संदेश देना था कि न्यायपालिका गरीबों के लिए भी है। यह तो निर्विवाद है कि भारत की महंगी न्याय व्यवस्था के बीच गरीब तो दूर, आम मध्यवर्गीय व्यक्ति के लिए भी अदालत की पनाह की लेना संभव नहीं होता।
 
पाकिस्तान के आगे लाचार?
पाकिस्तान ने फिर बर्बरता दिखाई। जम्मू-कश्मीर में पुंछ स्थित कृष्णा घाटी में उसके सैनिक भारतीय सीमा के अंदर आए और हमारे दो जवानों को मार डाला। इतना ही नहीं, शहीद जवानों के शवों को क्षत-विक्षत भी किया। इस खबर से देश में आक्रोश फैलना वाजिब है। तो शायद इसी के मद्देनजर यह खबर आई कि सरकार ने सेना को जवाबी कार्रवाई करने की पूरी छूट दे दी है।
 
अंतरिक्ष कूटनीति की संभावनाएं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को अपने ‘मन की बात’ के जरिए अपनी दक्षिण एशियाई दृष्टि को फिर से चर्चा में ले आए। उन्होंने कहा- "पांच मई को भारत अपना दक्षिण एशियाई उपग्रह प्रक्षेपित करेगा। पूरे दक्षिण एशिया से सहयोग बढ़ाने की दिशा में यह भारत का महत्त्वपूर्ण कदम है।"
 

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