healthprose viagra http://tramadoltobuy.com/ http://buypropeciaonlinecheap.com/

संपादक

कौशल विकास के लिए आया स्किलट्रेन ऐप
देश के दूरस्थ क्षेत्रों में युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में दक्ष बनाने के उद्देश्य से आज स्किलट्रेन ऐप पेश किया गया। इस ऐप के जरिये न:न सिर्फ प्रशिक्षण मिलेगा बल्कि प्रमाण पत्र के साथ ही संबंधित क्षेत्र में रोजगार के उपलब्ध अवसरों के बारे में भी जानकारी मिलेगी। स्किलट्रेन मोबाइल ऐप का उद्देश्य कौशल विकास के जरिये युवाओं की जिंदगी में सकारात्मक बदलाव लाना है।
 
वादा ये तो नहीं था
बेरोजगार नौजवानों को जरूर इस खबर से खुशी होगी कि केंद्र सरकार अगले दो वित्तीय वर्ष में तक करीब तीन लाख पदों पर भर्तियां करने की तैयारी में है। खबरों के मुताबिक नए पदों का प्रावधान पिछले एक फरवरी को पेश केंद्रीय बजट में किया गया। यानी यह महज चुनावी मकसद से सरकार की तरफ से फैलाई गई सूचना नहीं है।
 
ये राज्यपाल का काम नही
तमिलनाडु के राज्यपाल विद्यासागर राव खराब मिसाल कायम कर रहे हैं। ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कडग़म विधायक दल की निर्वाचित नेता शशिकला नटराजन को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाने में टाल-मटोल का कोई संवैधानिक आधार नहीं है। मुद्दा यह नहीं है कि शशिकला ने किस तरीके से खुद को नेता चुनवाया। हकीकत यह है कि विधायकों के उनका निर्वाचन किया और अब भी विधायकों का भारी बहुमत शशिकला के साथ है।
 
बिन जनादेश का मुख्यमंत्री !
एक क्षेत्रीय या व्यक्तिवादी पार्टी में शीर्ष नेता की अचानक मौत के बाद ऐसा होना स्वाभाविक है। राजनीति और सत्ता षड्यंत्रों में तबदील हो जाती हैं। राष्ट्रीय दलों में नेतृत्व बहुमुखी किरदार का होता है। संसदीय बोर्ड या कार्यसमिति अथवा पोलित ब्यूरो सरीखे लोकतांत्रिक निकाय होते हैं।
 
राष्ट्रीय धरोहर बचाना हमारी नैतिक जिम्मेदारी : कैलाश सत्यार्थी
नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी ने कहा कि किसी भी क्षेत्र में मिलने वाले पुरस्कार देश का गौरव बढ़ाते हैं और राष्ट्रीय धरोहरों को बचाना सभी की नैतिक जिम्मेदारी है ।
 
संसद ‘बदतमीज’ न हो
संसद कोई गली-मोहल्ला या चाल-चौपाल नहीं है कि मनमर्जी भाषा का उपयोग किया जाए या अभद्र, असभ्य, अश्लील भाषा की हदों तक पहुंचा जाए। वाणी, विचार और वक्तव्य के संदर्भ में औसत सांसद ही नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री को भी संयमित रहना लाजिमी है। यह किसी संविधान या नैतिकता के दस्तावेजों में नहीं लिखा है।
 
लतीफों पर लगाम से कोर्ट का इनकार
सुप्रीम कोर्ट ने सही किया। सिख समुदाय के लोगों को लेकर बनाए और सुनाए जाने वाले लतीफों पर रोक लगाने से उसने इनकार कर दिया। यह इनकार इसलिए सही नहीं है कि ये लतीफे अच्छे होते हैं। अथवा इन्हें हलकी-फुलकी चीज मान कर इन्हें नजरअंदाज किया जाना चाहिए। उसका कदम इसलिए उचित है, क्योंकि कोर्ट का एक ऐसा आदेश देना जिसका कोई वैधानिक आधार ना हो और जिस पर अमल सुनिश्चित कराना संभव ना हो, एक अनावश्यक दखल होता।
 
जीता-जागता अपना जनतंत्र
पंजाब और गोवा दोनों जगहों पर रिकॉर्ड मतदान हुआ। पंजाब में 2012 के विधानसभा चुनाव में 78.2 फीसदी वोट पड़े थे। इस बार ये आंकड़ा 78.7 के करीब पहुंच गया। गोवा में तो 83 फीसदी मतदाता बूथों तक पहुंचे। इस तरह विधानसभा चुनावों के इस दौर की शुरुआत भी ऊंचे मतदान प्रतिशत के साथ हुई है। इस वक्त मतदान का बढ़ता प्रतिशत भारत की खास विशिष्टता है। दशकों से पश्चिमी देशों में मतदान का प्रतिशत गिरता गया है।
 
दिशा तय करेंगे चुनाव के नतीजे
पं जाब और गोवा के चुनाव संपन्न हो गए। उत्तरप्रदेश,उत्तराखंड और मणिपुर के लिए मतदान होना बाकी है। पूरे देश की तरह हमारी भी निगाह इन चुनावों की गति, दिशा और परिणामों पर है। दरअसल ये चुनाव साधारण चुनाव नहीं हैं। इनसे बहुत कुछ पता चलना है। हमारे देश की राजनीति किस ओर रुख करेगी। हमारे लोग किन मुद्दों पर क्या सोचते हैं। उन्हें वादे, वफ़ा और नेकनीयती के अलावा क्या चीजें लुभाती हैं। सारे मसलों पर थोड़ा थोड़ा जनता का मिजाज जरूर पता चलेगा। लेकिन सबसे बड़ा मसला नोटबंदी पर जनता जनार्दन के मूड का है। एक बात तो स्पष्ट हो गई गई है कि भाजपा इस मसले पर रक्षात्मक है।
 
पार्टियां का चंदा : राजनीतिक स्वच्छता की ओर?
हालांकि ये मुद्दा जन-प्रतिनिधित्व कानून के तहत आता है, लेकिन इसका एलान वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में किया। चूंकि नरेंद्र मोदी सरकार काले धन को निशाने पर रखकर नया राजनीतिक कथानक तैयार में जुटी है और राजनीतिक चंदे के सवाल पर उसे आलोचनाएं झेलनी पड़ी हैं, अत: बजट के जरिए संदेश देने की कोशिश की गई कि इस मोर्चे पर भी सरकार का रुख समझौताविहीन है।
 
बजट: अब संभालने की कोशिश!
आम बजट में वित्त मंत्री नोटबंदी के असर से अर्थव्यवस्था को बचाने की कोशिश में जुटे दिखे। अरुण जेटली का शुरुआती बजटीय संबोधन नोटबंदी पर ही केंद्रित रहा। पूरे भाषण में दर्जनों बार नोटबंदी का जिक्र आया। वित्त मंत्री ने कभी उसके फ़ौरी फायदे गिनाए, तो कभी दीर्घकालिक नतीजे अ2च्छे रहने का भरोसा दिया।
 
बसंत पंचमी : संगम में लगाई लाखों श्रद्धालुओं ने डुबकी
गंगा, यमुना और पौराणिक सरस्वती के संगम में आज बसंत पंचमी के अवसर पर शीत लहर और घने कोहरे के बीच लाखों श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई।बसंत पंचमी के मौके पर संगम किनारे घना कोहरा छाया रहा। कडाके की ठंड और शीतलहरी पर विश्वास की आस्था भारी पड रही है। कल्पवासियों, सन्यासियों और श्रद्धालुओं ने संगम में भोर चार बजे से ही स्नान शुरू कर दिया जो देर रात तक चलता रहेगा।
 
डोनल्ड ट्रंप की सद्भावना
पद संभालने के बाद अमेरिका के नए राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उन पांच विश्व नेताओं में रखा, जिनसे उन्होंने सबसे पहले बात की है। यह संकेत है कि नए अमेरिकी प्रशासन की विदेश नीति में भारत को खास समझा जा रहा है। अपने चुनाव अभियान के दौरान ट्रंप ने जिस तरह चीन को निशाना बनाया, उसके मद्देनजर भी यह संभावना प्रबल है कि भारत- अमेरिका संबंधों के प्रगाढ़ होने का सिलसिला जारी रहेगा।
 
आरएसएस को क्या भय?
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रवक्ता मनमोहन वैद्य ने कोई ऐसी बात नहीं कही, जिसके लिए उन्हें या उनके संगठन को सफाई देनी पड़ती। उन्होंने डॉ. बीआर अंबेडकर के हवाले से कहा कि सबको समान अवसर मिलना चाहिए। दलित, आदिवासियों को लंबे समय तक शिक्षा एवं प्रगति से बाहर रखा गया। इसलिए उन्हें आरक्षण मिला। लेकिन ऐसे प्रावधान को स्थायी बनाना समाज के हित में नहीं होगा। क्या एक सामाजिक-सांस्कृतिक संगठन का प्रतिनिधि होने के नाते संघ के नेता स्वतंत्र रूप से ऐसा किसी अन्य विषय पर अपनी राय नहीं जता सकते? बेशक आज देश की सत्ता संघ से वैचारिक प्रेरणा लेने वाली पार्टी के हाथ में है।
 
अब यूनिवर्सल बेसिक इनकम?
क्या वित्त मंत्री अरुण जेटली अपने अगले बजट में यूनिवर्सल बेसिक इनकम (यूबीआई) स्कीम की घोषणा करेंगे? सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार ने कहा है कि बजट पूर्व आर्थिक सर्वेक्षण में यूबीआई का विस्तृत विश्लेषण पेश किया जाएगा। यूबीआई एक नई अवधारणा है, जिस पर चर्चा तो कई देशों में चल रही है, लेकिन जिस पर अभी अमल कहीं नहीं हुआ है।
 
सडक़ पर दम न तोड़े हमारा भविष्य
ती न दिन पहले उत्तरप्रदेश के एटा में 13 नन्हे मुन्हों की मौत सडक़ दुर्घटना में हो गई। इन बच्चों को इनके माता-पिता ने बेहतर भविष्य का सपना संजोकर घने-कुहासे के बीच भी स्कूल भेजा। सपने टूट गए। सुनहरा भविष्य सडक़ों पर दर्दनाक तरीके से दम तोड़ गया।
 
सलमान बन गए सवाल
अभिनेता सलमान खान पर कानून ने इतना रहम दिखाया है कि वे खुद इस पर एक सवाल बन गए हैं। ऐसा सवाल, जिसका जवाब देने में भारतीय न्याय व्यवस्था शायद ही कभी सफल हो। बात फुटपाथ पर लोगों को कुचलने की हो या काले हिरण के अवैध शिकार की- अथवा गैर-कानूनन हथियार रखने की- हर मामले में सलमान ने न्याय की अपेक्षाओं का मुंह चिढ़ा दिया है।
 
पाक सुनेगा मोदी का पैगाम?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को ‘रायसीना डायलॉग’ के दूसरे संस्करण का उद्घाटन करते हुए पाकिस्तान को कड़ा संदेश दिया। कहा कि जब तक वह आतंकवाद प्रायोजित करने के तरीके से बाज नहीं आता, उससे संबंध नहीं सुधर सकते। रायसीना डायलॉग भारत की महत्त्वाकांक्षी पहल है। इस बार इस भूराजनीति क सम्मेलन में 65 देशों के 250 से ज्यादा प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं।
 
‘दुनिया का कल्चरल एक्सपीरियंस बनेगा जयपुर’
प्रसिद्ध गीतकार गुलजार ने साहित्यकारों और लेखकों को जमीन से जुडाव को कायम रखने की सीख देते हुये कहा कि अपने अंदर के उबाल को कायम रखना होगा। श्री गुलजार ने आज यहां शुरू हुये दसवें जयपुर लिटरेचर फेस्टीवल में विषय प्रवर्तक के रूप में बोलते हुये कहा कि अच्छा साहित्य वही है जो जनता की विचारधारा को अभिव्यक्त करता हो और अच्छा साहित्यकार या लेखक वही है जो जमीं से जुडे रहकर अपने सृजन का निखार करें।
 
अखिलेश गुट को साइकिल
निर्वाचन आयोग ने अखिलेश यादव गुट को समाजवादी पार्टी का असली धड़ा माना। नतीजतन, उसे ही पार्टी का चुनाव निशान- साइकिल- देने का फैसला किया। आयोग ने 1969 के कांग्रेस के विभाजन को नजीर बनाया।