संपादक

सुधार का सही मौका
स्वागत-योग्य है कि केंद्र ने पशु हत्या और बिक्री पर रोक से संबंधित अधिसूचना पर जिद्दी रुख नहीं अपनाया। सुप्रीम कोर्ट में अटार्नी जनरल ने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों से आई प्रतिक्रिया को ध्यान में रखते हुए सरकार उस अधिसूचना पर पुनर्विचार कर रही है।
 
सवाल तो वाजिब ह
लोकतंत्र के लिए निर्णायक महत्त्व की निर्वाचन आयोग जैसी संस्था में नियुक्ति की कोई वैधानिक प्रक्रिया आज तक देश में नहीं बनी, तो पारदर्शिता के प्रति यह अपने सत्ताधारियों की लापरवाही की ही मिसाल कहा जाएगा। भारतीय संविधान ने ये अपेक्षा जताई थी कि संसद निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति के लिए ठोस प्रावधानों से युक्त कानून बनाएगी।
 
भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग बिना भेदभाव के हो
वक्त का पहिया कैसे घूमता है ये लालू प्रसाद यादव से बेहतर कौन जानता होगा। एक वक्त था जब लालू प्रसाद यादव देश के सबसे ताकतवर नेताओं की जमात में शामिल थे। नब्बे के दशक वे जहां भी जाते थे उनको सुनने,देखने वालों की अच्छी खासी तादाद होती थी। संसद में बोलते थे तो उनका मुखर आलोचक भी बिना उनको सुने और उनकी व्यंग्यात्मक शैली पर ठहाका लगाए बिना नही राह सकता था।
 
विधि आयोग की सही सलाह
अपने देश में प्रगतिशील कानूनों की कमी नहीं है। लेकिन उन भावना के मुताबिक उन सब पर अमल भी होता है, ये कहना कठिन है। कम-से-कम ऐसे कानूनों पर तो नहीं ही होता, जो विवाह या पारिवारिक मामलों को विनियमित करने के लिए बनाए गए।
 
इतना बेखौफ़ पाकिस्तान!
पाकिस्तान बेखौफ है। एक अंग्रेजी अखबार में छपी खबर के मुताबिक पिछले साल भारत की सर्जिकल स्ट्राइक के बाद उसने भारतीय सीमा के उल्लंघन की घटनाएं बढ़ा दीं। अब उसने सीधे अमेरिका को चुनौती दी है। अमेरिका ने हाल में हिज्बुल मुजाहिदीन के मुखिया सलाहुद्दीन को अपनी अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी की सूची में डाल दिया।
 
संबंधों का सामने आना
भारत-इजराइल संबंधों में बेशक यह ऐतिहासिक मौका है। पहली बार कोई भारतीय प्रधानमंत्री इजराइल की जमीन पर कदम रखने जा रहा है। इस रिश्ते पर विशेष ध्यान देने का ही परिणाम है कि नरेंद्र मोदी ने तेल अवीव और यरुशलम की यात्रा के साथ फिलस्तीन जाने का कार्यक्रम नहीं बनाया।
 
प्रणब बाबू के प्रवचन
राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी अपने कार्यकाल के आखिरी दिनों में हैं। तीन हफ्ते बाद उनकी राष्ट्रपति भवन से विदाई होगी। अक्सर राष्ट्रपति अपने पीछे कोई विरासत या अपने ऐसे कार्य छोड़ जाते हैं, जो आगे चलकर उदाहरण बनते हैं।
 
सबको साथ लेने का वक्त
यह तो साफ है कि नेपाल की बहुसंख्यक जनता ने स्थानीय चुनाव के प्रति उत्साह दिखाया। इससे इनका बहिष्कार करने का मधेशी संगठनों का इरादा कमजोर पड़ा।
 
बारिश से न हो जाम की त्रासदी
बा रिश का मौसम आ जाये तो मन किन किन कोनों में रमता है किसी युवा से पूंछिये। उस किसान से पूंछिये जिसकी जमीन महीनों से ह्रश्वयासी, बस आसमान को निहार रही होती है। भीषण गर्मी से हाल बेहाल मेहनतकश लोगों से पूंछिये जो यही कामना करता है कि काश घटा उमड़े और बादल बरसकर उसके तनमन को ठंड का एहसास करा जाए।
 
एयर इंडिया का क्या करें?
एयर इंडिया भारत सरकार का बड़ा सिरदर्द है। दशकों से ये कंपनी कर्ज में डूबती गई है। कई बार इसे राहत पैकेज दिए गए। लेकिन बात बनी नहीं। कुछ वर्षों में कर्ज की मात्रा घूम-फिर कर बेहद ऊंचे स्तर पर पहुंच जाती है। इस बारे में एयर इंडिया के अपने तर्क हैं।
 
चीन की गंभीर चुनौती
चीन की ताजा चुनौती को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। सिक्किम में उसने घुसपैठ की। भारतीय सेना के दो बंकरों को तबाह कर दिया। बताया जाता है कि वहां काफी देर तक भारतीय और चीनी सेना का आमना-सामना रहा। हैरतअंगेज है कि उसके बाद चीन ने भारत से औपचारिक शिकायत दर्ज कराई।
 
जितना बिजनेस, उतनी दोस्ती
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से डोनल्ड ट्रंप की मुलाकात से पहले अमेरिका ने भारतीय भावनाओं को सहलाने के लिए एक अहम कदम उठाया। हिज्बुल मुजाहिदीन के प्रमुख सैयद सलाहुद्दीन को उसने वैश्विक आतंकवादियों की सूची में डाल दिया।
 
किदाम्बी श्रीकांत की कीर्ति
किदाम्बी श्रीकांत बैडमिंटन में भारत की उपलब्धियों को नई ऊंचाई पर ले गए हैँ। अपने देश में अभी भी मुश्किल यह है कि क्रिकेट के अलावा तमाम दूसरे खेलों में खिलाडिय़ों की सफलता अपेक्षित सुखबोध पैदा नहीं कर पाती। ऐसे खिलाड़ी तभी नायक का दर्जा प्राप्त कर पाते हैं, जब वे या तो ओलिंपिक्स में बड़ी कामयाबी हासिल करें- अथवा मीडिया द्वारा बनाए गए माहौल के बीच पाकिस्तान के खिलाफ जीत दर्ज करें।
 
भारत की बढ़ती चुनौतिया
क्या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत धारणाओं की जंग में पिछड़ रहा है? पहले अमेरिका और रूस के दो ऐसे बयान आए, जिन्हें पाकिस्तान और कश्मीर से संबंधित मामलों में भारतीय रुख के अनुकूल नहीं माना गया। अब संयुक्त राष्ट्र महासचिव अंतोनियो गुटारेस ने कहा है कि नियंत्रण रेखा पर स्थिति के बारे में वे भारत और पाकिस्तान के प्रधानमंत्रियों से संपर्क में हैँ।
 
राष्ट्रपति चुनाव से बनेंगे नए सियासी समीकरण
रायसीना हिल की जंग सियासी मैदान में नए समीकरण बनाने को तैयार है। खासतौर पर ये चुनाव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ताकत में इजाफा करने वाले साबित हो सकते हैं। बहुत अचरज नही होगा अगर बिहार की सरकार में किसी बड़े उलटफेर की पटकथा भी ये चुनाव लिखकर जाए।
 
विपक्ष की हारी चुनौती
अब कांग्रेस नेतृत्व वाले विपक्ष के मंसूबे साफ हो गए हैं कि वह राष्ट्रपति का चुनाव सर्वसम्मति तरीके से कराने का पक्षधर नहीं था। स्थिति भी पारदर्शी है कि विपक्ष के 17 दलों के पास इतना भी वोट मूल्य नहीं है कि वह चुनाव को वाकई कांटेदार बना सके। सिर्फ जिद और चुनावी विरोध ही मकसद है, लिहाजा विपक्ष की साझा उम्मीदवार मीरा कुमार की चुनौती महज सांकेतिक है।
 
राष्ट्रपति पर असहमति की जिद
राष्ट्रपति भवन और सत्तारूढ़ एनडीए के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद ने कमोबेश विपक्षी एकता की संभावनाओं को बिखेर कर रख दिया है। विपक्षी खेमे में नीतीश कुमार, नवीन पटनायक, चंद्रशेखर, तमिलनाडु के नेता आदि परंपरागत रूप से और वैचारिक आधार पर प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा के विरोधी रहे हैं, लेकिन राष्ट्रपति पर आम सहमति के भाव के मद्देनजर उनके दलों से एनडीए उम्मीदवार कोविंद को समर्थन देने की खबरें आ रही हैं।
 
कर्ज माफी की होड
कांग्रेस को नारा चाहिए था कि जो कहते हैं वो करते हैं। साथ ही जब देशभर के किसान उद्वेलित और आंदोलित हैं, पार्टी खुद को किसानों की हितैषी भी दिखाना चाहती है। तो पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने उसे इन दोनों मुद्दों पर कुछ कहने को दे दिया है।
 
हमेशा दबे-कुचलों की बुलंद आवाज रहे हैं रामनाथ कोविंद
दलित-शोषित समाज की आवाज बुलंद करके भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में ऊंचा मुकाम हासिल करने वाले रामनाथ कोविंद को भाजपा-नीत राजग ने राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाकर एक 'मास्टर स्ट्रोक' खेला है। ऐसा इसलिये, क्योंकि ज्यादातर विपक्षी दल देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर किसी दलित को बैठाने का विरोध नहीं करना चाहेंगे।
 
सहमति का अजीब तरीका
भारतीय जनता पार्टी ने नए राष्ट्रपति के नाम पर सहमति बनाने का अजीब तरीका अपनाया। बिना खुद कोई नाम तय किए उसके प्रतिनिधियों ने दूसरे दलों से संपर्क साधे। इनमें सत्ताधारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के घटक और विपक्षी दल दोनों शामिल हैं।