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हॉट सीट जींद का चुनाव, सत्ता का सेमीफाइनल
ऐसा कम ही होता है कि एक सीट का उपचुनाव पूरे सूबे की सियासी फिजा को गरमा दे। जींद में ऐसा ही हो रहा है। एक सीट पर जिस तरह से राजनीतिक दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है उससे स्पष्ट है कि जींद का उपचुनाव सही मायने में हरियाणा विधानसभा का सेमीफाइनल बन रहा है।
 
आर्थिक आरक्षण: सरासरा फर्जीवाड़ा ?
सवर्णों के लिए आर्थिक आरक्षण के विधेयक को संसद के दोनों सदनों ने प्रचंड बहुमत से पारित कर दिया है। आरक्षण का आधार यदि आर्थिक है तो उसे मेरा पूरा समर्थन है। वह भी सरकारी नौकरियों में नहीं, सिर्फ शिक्षा-संस्थाओं में ! इस दृष्टि से यह शुरुआत अच्छी है लेकिन इस विधेयक को संसद ने जिस हड़बड़ी और जिस बहुमत या लगभग जिस सर्वसम्मति से पारित किया है, उससे ज्यादा शर्मनाक बात क्या हो सकती है। इसने संसद की इज्जत को पैंदे में बिठा दिया है।
 
सवर्णों को आरक्षण यदि छलावा तो समर्थन क्यो
वर्ष 1965 में ‘जब जब फू ल खिले’ फिल्म आई थी, जिसका मशहूर गाना न न करते ह्रश्वयार तुम्हीं से कर बैठे, करना था इंकार मगर इकरार तुम्हीं से कर बैठे ने काफी धूम मचाया था। मोहम्मद रफी की आवाज वाले इस गाने की लोकप्रिय का अंदाजा इस बात से ही लगायी जा सकती है कि दशकों बाद भी लोग इसे चाव से न सिर्फ सुनते हैं बल्कि इसके मुखड़े को बतौर आर्ष वाक्य कहें या फिर मुहाबरे की तरह भी इस्तेमाल करते नजर आ जाते हैं।
 
भारत में बेलगाम बेरोजगारी
नरेंद्र मोदी सरकार आर्थिक मोर्चे पर सब कुछ ठीक होने का कथानक बनने में जुटी रहती है। लेकिन आंकड़े अक्सर इस कहानी में छेद कर देते हैं। ताजा आंकड़े रोजगार से संबंधित हैं और ये भयावह हैं। इनसे एक बार फिर देश में हाल के सालों में तेजी से बढ़ी बेरोजगारी की बात पुष्ट हुई है।
 
नेता अपनी कब्र खुद क्यों खोदें
इधर खबरें गर्म हैं कि अलग-अलग प्रांतों में विरोधी दलों के बीच गठबंधन बन रहे हैं, जैसे मायावती और अखिलेश का उप्र में, शरद पवार और कांग्रेस का महाराष्ट्र में, आप पार्टी और कांग्रेस का दिल्ली में आदि और दूसरी तरफ खबर है कि विपक्ष के नेताओं को जेल जाने की तैयारी के लिए कहा जा रहा है।
 
हमारे दब्बू नेताओं का ढोंगीपन
केरल के सबरीमाला मंदिर ने हमारे राजनीतिक दलों और नेताओं की पोल खोल कर रख दी है। देश के दो बड़े दल- भाजपा और कांग्रेस-- कितने कमजोर हैं और इनके नेता कितने दब्बू हैं या यह कहें कि वे नेता ही नहीं है तो ज्यादा सही होगा। यदि दो महिलाओ ं न े सबरीमाला मंि दर म ें बड ़े सबरे े जाकर पजू ा कर ली तो उन्होनं े कौन सा पाप कर दिया? उन्होंने देवता की पूजा ही की।
 
पारदर्शिता की ऐसी प्राथमिकता!
चौतरफा आलोचना और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद आखिरकार केंद्र सरकार ने केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) में चार नए सूचना आयुक्तों की नियुक्ति कर दी है। आयोग के वरिष्ठ सूचना आयुक्त सुधीर भार्गव को मुख्य सूचना आयुक्त बना दिया गया है। गौरतलब यह है कि नियुक्त सभी आयुक्त नौकरशाह हैं।
 
बहुआयामी प्रतिभा के धनी थे कादर खान
बॉ लीवुड में कादर खान को एक ऐसे बहुआयामी कलाकार के तौर पर याद किया जायेगा जिन्होंने सहनायक, संवाद लेखक, खलनायक, हास्य अभिनेता और चरित्र अभिनेता के तौर पर दर्शकों के बीच अपनी पहचान बनायी। कादर खान के अभिनय की एक विशेषता रही है कि वह किसी भी तरह की भूमिका के लिये उपयुक्त थे।
 
बांग्लादेश: हसीना को दिल दिया
बांग्लादेश में एक बेगम की पार्टी को 300 में से 287 सीटें मिल गईं और दूसरी बेगम की पार्टी को मुश्किल से छह सीटें मिलीं। पहली बेगम शेख हसीना वाजिद हैं और दूसरी बेगम खालिदा जिया हैं। बांग्लादेश पिछले 30 साल से इन दोनों बेगमों के बीच झूल रहा है।
 
धारा के विरुद्ध सिफारिश
श्रम संबंधी स्थायी संसदीय समिति के ताजा सुझाव प्रगतिशील हैं। ये मजदूरों के हित में हैं। लेकिन मुश्किल यह है कि ये धारा के विरुद्ध हैं। मजदूरों के अधिकार और उनके हित की बातें आज गुजरे समाजवादी दौर की याद भर दिलाती हैं। यानी इनसे यह उम्मीद नहीं बंधती कि सचमुच उन पर अमल हो सकेगा।
 
तीन तलाक: तीन टांग की कुर्सी
तीन तलाक के विधयक को लोकसभा ने दुबारा पास कर दिया है। यह एक गुनाह बेलज्जत है, क्योंकि इसे लोकसभा के आधे सदस्यों का भी समर्थन नहीं मिला। सिर्फ 246 सदस्यों ने इसके पक्ष में वोट दिया। ज्यादातर दलों ने इसका बहिष्कार किया।
 
जीएसटी की दरें कम करना सरकार की मजबूरी
हिन्दी पट्टी के तीन राज्यों में भारतीय जनता पार्टी की हार ने उसे कमजोर करने का काम किया है। राजनीतिक तौर पर भाजपा के कमजोर होने पर एनडीए के सहयोगी दल तो तेवर दिखा ही रहे हैं, वहीं कई दूसरे मोर्चों पर भी मोदी सरकार की मुि श्कल ें बढी़ ह।ंै इन्ही ं मुि श्कलो ं म ें स े एक ह ै जीएसटी।
 
देवभूमि में असुरक्षित महिलाएं
देवभूमि के नाम से मशहूर उत्तराखंड में एक आदमी के पेट्रोल हमले की शिकार छात्रा ने बीते रविवार को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में दम तोड़ दिया। करीब 80 फीसदी जली हालत में लडक़ी को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया था।
 
भारत में एआई की दस्तक
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को रोजगार के लिए खतरा माना जाता है। लेकिन ये नई तकनीक है, जिससे बचना किसी देश या समाज के लिए मुश्किल हो रहा है। अब इस तकनीक ने भारत में भी दस्तक दी है।
 
जीएसटी: देर आयद् दुरुस्त आयद्
जीएसटी के मामले में मोदी सरकार की हालत वही हो गई थी, जो हालत किसी यजमान की हवन करते वक्त कभी-कभी हो जाती है यानि हवन करते-करते हाथ जल जाते हैं। यह सारे देश के लिए एकरुप टैक्स इसलिए लाया गया था कि लोगों को अपने खरीदे हुए माल पर कम टैक्स देना पड़े और सरकारों और व्यापारियों का सिरदर्द भी कम हो जाए।
 
किसानों की कर्जमाफी : कुछ सवाल
तीन हिंदी प्रदेशों में चुनाव जीतने से ही तीनों कांग्रेसी मुख्यमंत्रियों ने किसानों की कर्ज माफी कर दी है। इस कर्ज माफी से इन तीनों सरकारों पर लगभग 50 हजार करोड़ रू. का बोझ आन पड़ा है। कर्जमाफी के इस वादे ने ही कांग्रेसी जीत की नींव रखी है।
 
चीन का ये नया मॉडल
हाल में एक दिलचस्प रिपोर्ट आई है। इसके मुताबिक चीन के बिजनेस स्कूलों में ग्रैजुएशन कर रहे छात्रों के बीच अक्सर चर्चा होती है कि कैसे किसी कंपनी को अपने कर्मचारियों की हड़ताल से निपटना चाहिए। छात्रों की इस चर्चा को प्रोफेसर ध्यान से सुनते हैं।
 
कहानी चूक और परदेदारी की
भ्रष्टाचार के आरोपों से संबंधित किसी मामले में यह संभवत: पहला मौका है, जब सुप्रीम की कथित क्लीन चिट के बाद मामला और उलझा गया। यह और संदिग्ध नजर आने लगा। इसलिए कि सरकार कुछ छिपाने का प्रयास करती नजर आने लगी।
 
रफाल सौदा : ज़हर की पुडिय़ा
रफाल-सौदे के बारे में सर्वोच्च न्यायालय की राय ने आज भाजपा में नई जान फूंक दी है। तीन हिंदी राज्यों में पटकनी खाई भाजपा अपने घाव सहला रही थी कि अदालत ने उसे एक पुडिय़ा थमा दी। उसे मलहम समझकर सरकार और भाजपा के नेता फूले नहीं समा रहे हैं लेकिन वे यह नहीं समझ पा रहे कि जजों ने सभी याचिकाओं को इस तरकीब से रद्द किया है कि यह मलहम ज़हर की पुडिय़ा बन सकता है।
 
युवाओं को बड़ा संदेश देने से चूक गए राहुल
लोकतंत्र संवाद से चलना चाहिए। चर्चा परिचर्चा इसका अनिवार्य हिस्सा है। नेता तय करने में विचार-विमर्श हो इसमें भी कोई बुराई नहीं। लेकिन आप अपना भ्रम और फैसले लेने में हिचकिचाहट की कमजोरी को लोकतांत्रिक प्रक्रिया का लबादा नहीं ओढ़ा सकते।