संपादक

चीन पर अतिविश्वास
जिस पर सौ सेकण्ड का भरोसा नहीं उससे सौ साल की बात कैसे.....? भारत के हमारे मौजुदा हुक्मरानों ने शायद हमारे धोखेबज पड़ौसी चीन के इतिहास को विस्मृत कर दिया है, जिस ड्रेगन (अजग़र) की हम पिछले सत्तर सालों में पूंछ तक टेढ़ी नहीं कर पाए और जो कदम-कदम पर हमें धोखा देता आ रहा है, उस चीन से दोस्ती की उम्मीद करना कहां की बुद्धिमानी है?
 
मोरारजी देसाई : जिनकी निष्ठा और निर्भीकता पर कभी नहीं लगा कोई प्रश्न चिन्ह
भा रत के चौथे प्रधान मंत्री मोरारजी देसाई एक मात्र ऐसे भारतीय राजनेता हैं जिनकी निष्ठा, स्पष्टवादिता और निर्भीकता पर कभी कोई प्रश्न चिन्ह नहीं लगाया गया। भारत और पाकिस्तान दोनों ही देशों ने उन्हें अपने अपने सर्वोच्च सम्मानों - क्रमश भारत रत्न और निशान-ए-पाकिस्तान, से सम्मानित किया।
 
नेपाल के साथ कदम फूंक-फूंककर
नेपाल के प्रधानमंत्री केपी ओली की भारत-यात्रा ने दोनों देशों के संबंधों को नई ऊचं ाइयो ं पर ल े जान े का भरोसा पदै ा किया ह ै लेि कन उसस े कोर्इ एसे ा सकं े त नही ं मिलता जिससे यह आशा उत्पन्न हो कि ओली की चीनपरस्ती में कोई कमी आई है।
 
अब आंबेडकर को दुहा जाए
द लित रक्षा-कानून में संशोधन करके सर्वोच्च न्यायालय ने सत्तारुढ़ मोदीपार्टी को सांसत में डाल दिया है। यों तो अदालत के इस फैसले से मोदी-पार्टी और सरकार का कुछ लेना-देना नहीं है लेकिन फिर भी उन पर दलित-विरोधी होने का ठह्रश्वपा लगाने की कोशिश जारी है। इस बेजा कोशिश का मुकाबला कैसे किया जा रहा है ?
 
भारी गड़बडिय़ों का खुलासा
सीएजी की रिपोर्ट ने दिल्ली में सामाजिक कल्याण योजनाओं में भ्रष्टाचार और गड़बडिय़ो का खुलासा किया है। इसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए। लाजिमी है कि इससे अरविंद केजरीवाल को केंद्र और भाजपा पर निशाना साधने का मौका मिला है। मगर असली मुद्दा यह है कि गड़बडिय़ां कैसे रोकी जाएं? ये समस्याएं यहां सामने आई हैं, वैसा कई राज्यों में होता रहा है।
 
नक्सलवाद : गलतफहमियां न पाले
केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने पिछले दिनों दावा किया है कि देश में नक्सलवाद की गंभीर चुनौती अब खत्म होने की कगार पर है। यह इससे स्पष्ट है कि अब माओवादी सुरक्षाबलों के खिलाफ कायराना हमलों का सहारा ले रहे हैं, क्योंकि वे सीधे-सीधे मुकाबला करने में सक्षम नहीं हैं।
 
संतों की हजामत उल्टे उस्तरे से
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज चौहान गजब के नेता हैं। उन्होंने पांच बाबाओं को भी बाबा बना दिया। उनकी उल्टे उस्तरे से हजामत कर दी। चोर को चाबी पकड़ा दी। उसे चौकीदार बना दिया। सारी दुनिया भौंचक रह गई।
 
पंचायती अड़ंगों के विरुद्ध कानून
जो काम सरकार और संसद को करना चाहिए, वह अदालत कर रही है। सर्वोच्च न्यायालय का फैसला है कि खाप पंचायतों द्वारा शादियों में की जानेवाली दखलंदाजी अब अवैध मानी जाएगी। कोई भी जातीय पंचायत किसी भी बहाने से दो स्त्री और पुरुष की शादी के बीच अड़ंगा नहीं लगा सकती।
 
स्वतंत्रता सेनानी श्याम जी कृष्ण वर्मा : व्यक्तित्व एवं कृतित्व
श्याम जी कृष्ण वर्मा एक क्रांतिकारी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे। वह एक साथ अधिवक्ता एवं पत्रकार थे। उन्होने लंदन में इण्डिया हाउस की स्थापना की, जो कि भारत से जाकर इग्लैण्ड में पढऩे वाले छात्रों के परस्पर मिलन एवं विचार-विमर्श की प्रमुख केन्द्र था। वह क्रांतिकारियों के प्रेरणास्त्रोत ही नहीं, बल्कि भारत की स्वतंत्रता की लड़ाई को गतिशील करने वाले व्यक्तित्व थे।
 
मानहानि के मुकद्दमे केजरीवाल पर ही क्यों?
दि ल्ली उच्च न्यायालय ने हालांकि चुनाव आयोग द्वारा आम आदमी पार्टी के 20 विधायकों की सदस्यता निलंबित किए जाने के निर्णय के विरुद्ध अपना आदेश देकर आम आदमी पार्टी को बड़ी राहत दी है।
 
ट्रंप की आक्रामकता का रहस्य
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले हफ्ते जब यह घोषणा की कि वे अपने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के पद पर जॉन बोल्टन को लाएंगे और माइक पोंपियो को विदेश मंत्री बनाएंगे, तभी मैंने लिखा था कि इन दोनों अतिवादियों के कारण अब नए शीतयुद्ध के चल पडऩे की पूरी संभावना है।
 
नौकरी और कर्ज अवसर को सीमित करता है
नौ करी और कर्ज अवसर को ना केवल सीमित करते हैं। बल्कि समाप्त भी कर लेते हैं। यह ध्रुव सत्य है। हमारे पूर्वज इस सत्य को स्वीकार कर चुके थे। जिसके कारण उनका जीवन सुखमय था। वह आनंद के साथ स्वस्थ्य रहते हुए अपने जीवन को जीते थे।
 
भगतसिंह के बहाने भारत-पाक सौहार्द
शहीद भगतसिंह अब भारत और पाकिस्तान की मैत्री के सूत्रधार बनेंगे। हर 23 मार्च को अब उनकी पुण्यतिथि मनाई जाएगी। लाहौर में अब बड़ा समारोह हुआ करेगा, जिसे पाकिस्तानी और भारतीय मिलकर मनाया करेंगे। लाहौर में अब एक संग्रहालय भी बनेगा, जिसमें भगतसिंह के पत्र, उनसे संबंधित गुप्त सरकारी दस्तावेज, उनके लेख, उनके द्वारा इस्तेमाल की गई चीजें भी प्रदर्शित की जाएंगी।
 
भड़ास निकलने दो- इससे सरकार को फायदा होगा
बजट सत्र के द्वितीय चरण में लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही नहीं चल पा रही है। पिछले 15 दिनों से सदन की कार्यवाही 5 मिनट के अंदर ही स्थगित हो रही है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तल्खी बनी हुई है। इसका कोई अच्छा संदेश जनता के बीच में नहीं जा रहा है। वहीं इसमें सबसे ज्यादा नुकसान आगे चलकर सरकार की विश्वसनीयता पर होगा।
 
अन्ना का फीका आंदोलन
सात साल बाद समाजसेवी अन्ना हजारे फिर दिल्ली के रामलीला मैदान में अनशन पर बैठे हैं। वो लोकपाल और किसानों के मुद्दों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। अन्ना ने पहले ही दिन यह साफ कर दिया कि आम आदमी पार्टी समेत किसी भी राजनीतिक दल के नेता, सदस्य, कार्यकर्ता या समर्थक उनके आंदोलन के मंच पर नहीं आ सकते।
 
एससी/एसटी एक्ट का दुरुपयोग रुकेगा
अ नुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम-1989 के दुरुपयोग को रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले पर सुनाई दे रहीं इक्का-दुक्का नकारात्मक प्रतिक्रियाओं को अहमियत नहीं दी जानी चाहिए।
 
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना की राजनीति असफलता या अस्तित्व की
भारत देश ,समस्त प्रदेश और समस्त निवासियों से बना हैं ,जिसने जन्म लिया यहाँ पर वह भारतीय और उसे सब जगह आने जाने की स्वतंत्रता होती हैं। कोई भी समाज अन्य समाजों से नहीं जुड़ता तब तक समाज की कल्पना करना बेमानी होगी. मानव जीवन म ें इतनी जरूरत ें होती ह ंै और उनकी भरपार्इ सब पक्र ार के लोगो ं स े होती ह ंै .और मनुष्य अपने भविष्य की सुखद स्थिति को बनाने जहाँ उसका भाग्य, जहाँ उसकी रोजी रोटी लिखी होती हैं वहां जाने को बरबस मजबूर हो जाता हैं।
 
फेसबुक डाटा लीक मामले की गंभीरता के सियासी मायने
फेसबुक डाटा लीक मामले की वजह से इन दिनों भारतीय राजनीति में भूचाल आया हुआ है। इसे लेकर मीडिया में नेताओं की गलाकाट टिह्रश्वपणियां सुर्खियां बटोर रही हैं। सत्ताधारी दल भाजपा और मुख्य विपक्षी कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी अपने चरम पर है।
 
सुषमा स्वराज को दोष क्यों दें ?
भारत में राजनीति का स्तर कितना गिरता जा रहा है ? अब विरोधी दलों ने सुषमा स्वराज पर हमला बोल दिया। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने इराक के मोसुल में गुमशुदा 39 भारतीय लोगों की हत्या की पुष्टि क्या की, विरोधियों ने संसद में तूफान उठा दिया।
 
पाताल भुवनेश्वर गुफा है आस्था का केंद्र
विश्वभर में शिव शंकर के बहुत से मंदिर व गुफाएं हैं, जो ऐतिहासिक व रहस्यमयी हैं। ऐसी ही एक गुफा उत्तराखंड के गांव भुवनेश्वर में स्थित है। यह पाताल भुवनेश्वर गुफा के नाम से प्रसिद्ध है और भक्तों की आस्था का केंद्र है। यह उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल के पिथोरागढ़ जिले के गंगोलीहाट के करीब घने वन में है। पाताल भुवनेश्वर गुफा किसी आश्चर्य से कम नहीं है।