संपादक

जब सास बनी बहू की सांस
सा स बहू और साजिश जैसे घर घर में लोकप्रिय सीरियल से उलट गुरुग्राम में एक सास-बहू की वास्तविक जिंदगी की कहानी फिल्मकारों और सीरियल निर्माताओं को नई रोमांचक स्क्रिप्ट दे सकती है। गुरुग्राम के बादशाहपुर की रहने वाली 60 वर्षीय धनपति देवी ने बहू को किडनी देकर उनकी जान बचाई।
 
दुल्हन खरीद की मंडी बना शेखावाटी
दूसरे राज्यों से युवतियों की खरीद फरोख्त के धंधे और कन्या भू्रण हत्याओं के कारण राजस्थान के शेखावाटी में गड़बड़ाते लिंगानुपात की तरफ देश के लोगों का ध्यान खींचा है। शेखावाटी के झुंझुनू,सीकर व चूरू जिले का शायद ही कोई गांव होगा, जहां महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़, बंगाल, उड़ीसा, बिहार व उत्तर प्रदेश के कई गरीब इलाकों से एक से दो-तीन लाख रुपए तक में दलालों के जरिए युवतियां खरीद कर लाई गई और यहां कुंआरों को ब्याह दी गई।
 
डेटा सुरक्षा की चुनौतिया
आधार से जुड़ी सूचनाओं के लीक होने की ख़बरों से देश में डेटा सुरक्षा को लेकर नई बहस खड़ी हुई है। हालिया घटनाओं से आधार कार्ड योजना की संवैधानिकता पर सवाल और निजता के अधिकार के हनन की आशंकाएं और मजबूत हुई हैं। यूनिक आईडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (यूआईडीएआई) का दावा है कि आधार डेटा में सेंधमारी संभव नहीं है।
 
सारे तीरथ बार-बार गंगासागर एक बार
गंगासागर भारत के तीर्थों में एक महातीर्थ हैं। गंगाजी इसी स्थान पर आकर सागर में मिलती है। इसी स्थान पर राजा सगर के साठ हजार पुत्रों को मोक्ष प्राप्त हुआ था। यहां मकर संक्रान्ति पर बहुत बड़ा मेला लगता है जहां लाखों श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए आते हैं।
 
छोटे और मझौले व्यापारियों के प्रति निर्दयी होती सरकार
विदेशी निवेशकों को लुभाने में केंद्र सरकार समेत प्रदेश सरकारें असफल साबित हुई हैं। यही वजह है कि एफडीआई जैसे फैसले लेने को केंद्र सरकार मजबूर हुई है। बजाये इसके इसमें कोई शक नहीं कि जब बतौर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्र की बागडोर अपने हाथों में ली थी तो देश का छोटा और मझौला कारोबारी और व्यापारी सबसे ज्यादा खुश और अच्छे दिनों के आने के प्रति आशांवित हुआ था।
 
भारत का अतीत और भविष्य
ओ देवता, निर्बाध बढ़ो, अपने पथ पर, तब तक, जब तक कि यह सूर्य आकाश के मध्य में न आ जाय जब तक तुम्हारा आलोक विश्व में प्रत्येक देश में प्रतिफलित न हो।
 
चुनावी बजट को राहत वाला बनाना सरकार की मजबूरी
आम बजट लाने से पहले लोग वित्तमंत्री अरुण जेटली से मांग कर रहे हैं कि वो अपना चुनावी वादा पूरा करें और आयकर से छूट की सीमा बढ़ाकर 5 लाख करें। गौरतलब है कि वर्ष 2014 लोकसभा चुनाव के दौरान खुद जेटली ने तत्कालीन मनमोहन सरकार से मांग की थी कि आयकर छूट की सीमा को 2 लाख से बढ़ाकर 5 लाख किया जाए।
 
मकर संक्रांति पर करें दूध, दही और खिचड़ी का दान
मकर संक्रांति आने वाली है। सूर्य जब राशि परिवर्तिन करते हैं यानी सूर्य के धनु राशि से मकर राशि में पहुंचने पर मकर संक्रांति मनाई जाती है। तिल, गुड़, दही और खिचड़ी का त्योहार है, मकर संक्रांति के दिन स्नान और दान की परंपरा है। इस दिन कई जगह पितरों को जल में तिल अर्पण भी दिया जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन महाभारत में पितामह भीष्म ने सूर्य के उत्तरायण होने पर ही स्वेच्छा से शरीर का परित्याग किया था। उनका श्राद्ध संस्कार भी सूर्य की उत्तरायण गति में हुआ था। संक्रांति के दिन सुबह सुबह पवित्र नदी में स्नान करना चाहिए। पवित्र नदी में स्नान न कर पाएं तो घर में तिल के जल से स्नान कर सकते हैं। स्नान करने के बाद आराध्य देव की प्रार्थना करनी चाहिए। इसके बाद पितरों की आत्मा की शांति के लिए जल में तिल अर्पण करना चाहिए। इस बात का ध्यान रखें कि स्नान के बाद दान का बहुत महत्व है, इसलिए स्नान के बाद तिल दान करना चाहिए। इसके अलावा गर्म कपड़े, चावल, दूध दही और खिचड़ी का दान करना चाहिए। इस त्योहार पर घर में तिल्ली और गुड़ के लड्डू बनाए जाने की परंपरा है। इसलिए इस दिन भोजन में भी तिल को शामिल करना चाहिए।
 
सादगी और ईमानदारी की प्रतिमूर्ति थे लाल बहादुर शास्त्री
क्या आपने कभी ऐसे राजनेता को कल्पना में भी देखा है जो वर्षों किसी नगर निगम का पार्षद रहा हो,किसी अखिल भारतीय राजनीतिक दल का महत्वपूर्ण पदाधिकारी रहा हो, प्रान्तीय और केन्द्रीय सरकार में मंत्री रहा हो और अन्त में प्रधान मंत्री के पद पर भी आसीन रहा हो और अपने छोटे से व्यक्तिगत कार्य के लिए उसे बैंक से कर्जा लेना पड़ा हो जिसे वह चुकता न कर पाया हो।
 
विदेशों में भारत के स्थाई राजदूतों से बढ़ती उम्मीदे
भारतीय इतिहास में संभवत: यह पहली बार हुआ है जबकि विदेशों में रह रहे भारतीय मूल के लोगों से प्रधानमंत्री एवं विपक्ष के नेता खुद से मुलाकात कर रहे हैं और अपने नजरिये से उन्हें अवगत करा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहते हैं कि जब भी वो किसी देश की यात्रा करते हैं, तो उनका प्रयास होता है कि वहां रहने वाले भारतीय मूल के लोगों से वो मुलाकात कर सकें।
 
आखिर लटक ही गया तीन तलाक बिल
तीन तलाक रोकने के लिए पेश किया गया मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण विधेयक 2017 बिल को पास होने से रोक कर कांग्रेस ने एक बार पुन: अपनी वही पुरानी गलती दोहरा दी है जो पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने शाहबानो प्रकरण में की थी। शाहबानो प्रकरण के बाद कांग्रेस ने केन्द्र में तीन बार सरकार भले ही बना ली हो मगर अपने बूते कभी नही।
 
राहुल का बहरीन में ‘सॉफ्ट पावर’ से मुलाकात के निहितार्थ
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी एक दिवसीय दौरे पर खाड़ी देश बहरीन पहुंचे तो सभी की नजरें अनायास ही उन पर टिक गईं। सूट-बूट में दिखे राहुल ने जहां सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा तो वहीं उन्होंने करीब 50 देशों के भारतीय मूल के कारोबारियों और उद्योग जगत की मानी हुई हस्तियों से मुलाकात कर राजनीतिक विश्लेषकों तक को चौंका दिया।
 
बुन्देली यथा कथा : मजबूर बुन्देली मजूर ...!
कबीर व रहीम की कहावत है पानी के बिना सब कुद सून है। बुन्देलखंड के तकरीबन 15 जिलों उत्तर प्रदेश के 8 व मध्य प्रदेश के करीब 7 जिलों व भिण्ड तथा शिवपुरी की 2 तहसीलें व 4 ब्लॉक बुन्देलखण्ड इलाके में आते हैं। यहां सब ओर तालाब, कुओं का काफी भण्डार है पर ज्यादातर कागजों में है।
 
अमेरिका का पाकिस्तान पर दबाव, आतंकवाद तो कतई नहीं
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान को दी जानी वाली मदद रोकने की बात क्या कि भारतीय मीडिया ने इसे हमारी सरकार की सबसे बड़ी कूटनीतिक विजय साबित करने में कोई कोर कसर बाकी नहीं रखी। कहा यहां तक गया कि भारत के दबाव के चलते पाकिस्तान में मौजूद मुंबई हमले के मास्टर माइंड हाफिज सईद को रिहा करना पाकिस्तान को भारी पड़ रहा है।
 
दुरुस्त करने की जरूरत
नेशनल मेडिकल कमीशन विधेयक को संसदीय स्थायी समिति को भेजकर सरकार ने सही कदम उठाया। इस पर डॉक्टरों ने वाजिब सवाल उठाए हैं। अब डॉक्टरों को संसदीय समिति के सामने अपनी बात कहने का मौका मिलेगा।
 
साहित्य सम्मेलनों का बाजारीकरण
बाजार का असर साहित्य और कलाओं पर इस कदर पड़ रहा है कि साहित्य और कलाओं पर केन्द्रित इल्मी समागमों के लिए फिल्मी ग्लैमर अनिवार्य तत्व हो गया है।
 
देश को समझना होगा पुणे की हिंसा के पीछे का सच
य ह तो गजब ही हो रहा है कि सदियों पहले की घटनाओं को केंद्र में रखकर देश में निर्दोष लोगों को निशाना बनाया जा रहा है और लगातार हिंसा की घटनाएं हो रही हैं। यहां हम बाबर या उसके जैसे अन्य मुगल बादशाहों की बात नहीं कर रहे हैं बल्कि महाराष्ट्र के पुणे में 200 साल पहले भीमा-मोरेगांव युद्ध की याद में होने वाले कार्यक्रम के दौरान हुई हिंसा पर विचार कर रहे हैं।
 
मोदी सरकार का भ्रामक प्रचार भाजपा के लिए नुकसानदेह?
इसमें शक नहीं कि आज केंद्र में यदि भाजपा नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन की पूर्ण बहुमत वाली सरकार है तो वह सिर्फ और सिर्फ तत्कालीन गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के चुंबकत्व व्यक्तित्व और उनकी चुनाव प्रचार की आक्रामक शैली का ही परिणाम है।
 
नए साल का ‘उपहार’ मुंबई का पब हादसा
मुंबई के पॉश परेल इलाके के कमला मिल कंपाउंड के एक बिल्डिंग के छत के ऊपर चलाई जा रही "पब" या "रात्रि दारूखाना और नाचघर" में लगी आग से मची तबाही ने 23 दिसम्बर,1995 को मंडी डबवाली (हरियाणा) और 13 जून,1997 को राजधानी दिल्ली के उपहार सिनेमाघर में लगी दिल-दलहाने वाले अग्निकांडों की डरावनी यादें ताजा कर दीं हैं।
 
क्या आश्रम, मठ, मदरसा, चर्च, मंदिर वैश्यालय बनते जा रहे हैं?
जै सा सुना जाता है कि राम, आदि भाई लोग शुरुआत में ही गुरु के आश्रम गए थे और उन्होंने वहां गुरु के आदेश से सब काम किये और शिक्षा दीक्षा पाई और योग्यतम बने। कृष्ण भी सांदीपनि आश्रम गए और वहां गुरु से शिक्षा ली। कौरव पांडव ने भी गुरुआश्रम जाकर ज्ञान प्राप्त किया।