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संपादक

गुलाम हैदर ने पहचाना था लता की प्रतिभा को
लता मंगेशकर के सिने करियर के शुरूआती दौर में कई निर्मातानिर्देश क और संगीतकारों ने पतली आवाज के कारण उन्हें गाने का अवसर नहीं दिया लेकिन उस समय एक संगीतकार ऐसे भी थे, जिन्हें लता मंगेशकर की प्रतिभा पर पूरा भरोसा था और उन्होंने उसी समय भविष्यवाणी कर दी थी Þयह लडक़ी आगे चलकर इतना अधिक नाम करेगी कि बड़े से बड़े निर्माता-निर्देशक और संगीतकार उसे अपनी फिल्म में गाने का मौका दंगे। यह संगीतकार थेÞ गुलाम हैदर।
 
जिंदगी में जहरीली हवा घोलने की साजिश
आं खों में जलन हो रही हैं। सर में दर्द है। उलझन हो रही है। हर सांस लेने में इतनी मुश्किल मानो एक एक सांस का टैक्स वसूला जा रहा है। आओ गरीब भाइयों लौट चलें अपने गांव अपने देश। ये सवाल तमाम बेबस नागरिकों की जुबान पर है। दिल्ली-एनसीआर बेहाल हैं। देश की राजधानी प्रदूषण की राजधानी बन गई है। यहां तो हवा भी साफ़ नहीं रही। साफ़ नहीं बल्कि जहरीली है। कहीं ये बड़ी साजिश का हिस्सा तो नहीं।
 
पार्टियां ‘राजनीति’ क्यों न करें?
फर्ज कीजिए। राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को वन रैंक वन पेंशन (ओआरओपी) मामले में आत्म-हत्या करने वाले पूर्व सैनिक रामकिशन ग्रेवाल के परिवार से सामान्य ढंग से मिल लेने दिया जाता। तो उससे क्या होता? क्या भूचाल आता? देश ग्रेवाल की खुदकुशी की खबर सुनकर दुख में डूबा था। राहुल या केजरीवाल की उनकी परिवार से मुलाकात एक-दो घंटे की सुर्खी होती।
 
पुलिस मुठभेड़ पर राजनीति क्यों?
पुलिस मुठभेड़ पर फिर राजनीति गरमाई हुई है। भोपाल जेल से भागने वाले आतंकी आरोपियों को ले कर जितनी बहस हुई है उसमें यह कोर सवाल अनछुआ है कि भारत में हमेशा क्यों हर पुलिस मुठभेड़ विवादास्पद रही है? दूसरा सवाल है कि क्यों मुस्लिम आतंकी आरोपी की मुठभेड़ ही राजनैतिक रंग पाती है? तथ्य है कि भोपाल की मुठभेड़ से ठीक पहले ओडिशा में पुलिस-नक्सली मुठभेड़ हुई थी। उसमें दो दर्जन नक्सली मारे गए।
 
नीतिश: मंडल ह्रश्वलस की पॉलिटिक्स
पिछले साल बिहार विधानसभा के चुनाव के दौरान लालू प्रसाद यादव ने मंडल2 को अपना प्रमुख एजेंडा बनाया था। उसका निहितार्थ था- दलित, आदिवासी और ओबीसी जातियों के लिए निजी क्षेत्र में आरक्षण की मांग उठाना। मगर चुनाव में नीतीश-लालू-कांग्रेस गठबंधन की जीत के बाद यह नारा फिर सुनने को नहीं मिला। मगर अब नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल (यूनाइटेड) ने "मंडल ह्रश्वलस" का एजेंडा अपनाने के संकेत दिए हैं।
 
न्यूजीलैंड का बदला रुख?
भारत यात्रा पर आए न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री जॉन की ने कहा कि परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) में भारत की सदस्यता के मुद्दे पर जल्द फैसला हो, इसके लिए उनका देश रचनात्मक भूमिका निभाएगा। इसे भारतीय मीडिया के एक हिस्से ने भारत के रुख का समर्थन बताया। क्या यह सही व्याख्या है? निर्णय भारत के पक्ष में हो, ऐसी कोई बात न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री ने नहीं कही। बल्कि ऐसा कूटनीतिक बयान दिया, जिसे अति-आशावादी भारतीय ही अपने पक्ष में कही गई बात मान सकते हैं।
 
किसानों के हित को सपा तत्पर : चौधरी
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने कहा है कि मुख्यमंत्री एवं समाजवादी सरकार की प्राथमिकता में गांव और किसान रहे है। कृषकों के हित में पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की अर्थ नीति का पालन हो रहा है। चीनी उत्पादन में उत्तर प्रदेश अग्रणी रहा है। मुलायम सिंह यादव के मुख्यमंत्रित्वकाल में गन्ना किसानों को सर्वाधिक भुगतान किया गया। अखिलेश यादव ने अपने कार्यकाल में 280 रूपए प्रति कुंतल का भाव दिया।
 
ऑटो एक्सपो-2016 का शानदार आगाज
ग्रेटर नोएडा। आज सुबह हल्के कोहरे और हल्की सर्दी के बीच ग्रेनो के नॉलेज पार्क में एक्सपो मार्ट सेंटर के अंदर देशी एवं विदेशी मोटर कंपनियों ने अपने नए-नए व्हीकलों के वेरीयंट का प्रदर्शन किया।
 
एमसीडी कर्मचारियों का प्रदर्शन - हड़ताल या राजनीति!
नई दिल्ली। एमसीडी कर्मचारियों की आज नौवें दिन भी हड़ताल जारी है। दिल्ली के मुख्यमंंत्री अरविंद केजरीवाल ने कर्मचारियों की वेतन के लिए फंड भी जरी किया है। बावजूद इसके कर्मचारी मानने को तैयार नहीं है। ऐसा लगता है कि अब यह मामला सफाई या वेतन का नहीं बल्कि राजनीतिक मुद्दा बन गया है। जिस तरह से भाजपा की कमी देखते ही आम आदमी पार्टी उस पर टूट पड़ती है ठीक उसी तर्ज पर अब भाजपा ने कमी निकालकर सीधे केजरीवाल पर हमला किया है।