संपादक

चार देशों की यात्रा पर मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जर्मनी, स्पेन, रूस और फ्रांस की यात्रा पर निकल चुके हैं। रूस को छोड़ दें तो इनमें बाकी तीन देश वो हैं, जो इस समय राजनीतिक अनिश्चय से गुजर रहे हैं। जर्मनी में कुछ महीने बाद आम चुनाव होने हैं। वैसे चांसलर एंगेला मैर्केल अभी भी लोकप्रिय है, लेकिन यूरोप में जैसी सियासी उथल-पुथल है, उसके बीच किसी राजनीतिक परिणाम को निश्चित मान कर नहीं चला जा रहा है।
 
फिर भी आगे सरकारी स्कूल
केंद्रीय माध्यमिक परीक्षा बोर्ड (सीबीएसई) 12वीं के नतीजों में इस तथ्य ने खास ध्यान खींचा कि सरकारी स्कूलों का प्रदर्शन प्राइवेट स्कूलों से बेहतर रहा। सरकारी स्कूल के 82.29 प्रतिशत और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों के 8 1.63 प्रतिशत बच्चे पास हुए। प्राइवेट स्कूलों के 79.27 प्रतिशत ही बच्चे पास हुए। जाहिर है, पास प्रतिशत में कम सुविधाओं में पढ़े बच्चों ने बाजी मारी। नाम पर जाएं तो छह श्रेणियों के स्कूलों के बीच जवाहर नवोदय विद्यालय अग्रिम रहा। जवाहर नवोदय के 95.73 प्रतिशत बच्चे 12वीं की परीक्षा में पास हुए।
 
जातीय हिंसा की आग
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में पुन: भडक़ी जातीय हिंसा निश्चित ही चिंता बढ़ाने वाली है। इस हिंसा में दलित समुदाय के एक व्यक्ति की मौत हो गई। बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने तनावग्रस्त गांव शब्बीरपुर गांव का दौरा किया। आते-जाते रास्ते में भी कुछ जगहों पर उन्होंने लोगों को संबोधित भी किया।
 
पूर्वोत्तर में विकास का सेतु
केंद्र की सत्ता में आने की अपनी तीसरी वर्षगांठ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसी उत्सव में नहीं, बल्कि असम में एक पुल का उद्घाटन करते हुए मनाई। यह वो पुल है, जो असम को अरुणाचल प्रदेश से जोड़ेगा। इसे भारत का सबसे बड़ा पुल बताया गया है। प्रधानमंत्री ने स्वयं इसे नया नाम दिया। पहले ढोला-सादिया नाम से जाने वाले इस पुल से अब उस हस्ती का नाम जुड़ा है, जिन्हें असम की संस्कृति का प्रतीक और प्रतिनिधि माना जाता है। वो शख्सियत दिवंगत महान गायक व संगीतकार भूपेन हजारिका हैं। इस तरह प्रधानमंत्री ने असम और प्रकारांतर में पूरे उत्तर-पूर्व से संपर्क और संवाद को मजबूत करने की कोशिश की है।
 
सपने गढ़ो, आगे बढ़ो लाडो
सी बीएसई 12वीं के नतीजे आ गए। चंडीगढ़ की भूमि सावंत दूसरे पायदान की टॉपर हैं। एमिटी नोएडा की रक्षा गोपाल पहले पायदान की टॉपर हैं। यानी एक बार फिर लड़कियों ने जता दिया कि हम किसी से कम नही। लाडो हमारी शान। हमारे सूबे की शान।
 
सीबीएसई का आपत्तिजनक रुख
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) का रुख आपत्तिजनक है। उसने अपनी मॉडरेशन नीति में बदलाव काफी देर से किया। अपेक्षित यह होता है कि अंक देने की नीति सत्र के आरंभ में घोषित की जाए, ताकि छात्र उसे ध्यान में रखते हुए अपनी तैयारी करें। चूंकि ऐसा नहीं हुआ, इसलिए मामला कोर्ट में गया।
 
कन इससे होगा क्या?
भारतीय सेना ने वीडियो जारी कर बताया कि जम्मू-कश्मीर में सीमा पार हमला कर उसने पाकिस्तानी चौकियों को नष्ट कर दिया है। हमला कब हुआ, इस सवाल पर मेजर जनरल अशोक नरुला ने पत्रकारों से कहा कि "बहुत हाल" में। इसके बाद पाकिस्तानी अधिकारियों ने एक वीडियो जारी किया।
 
चुनाव से पहले हमला
ब्रिटेन में माहौल जब मध्यावधि संसदीय का है, वहां एक बड़ा आतंकवादी हमला हुआ है। इस मौके पर यह याद करना उचित ही होगा कि पिछले साल अमेरिका और हाल में फ्रांस में राष्ट्रपति चुनाव से पहले भी वहां आतंकवादी हमले हुए थे। ब्रिटिश शहर में मैनचेस्टर में सोमवार रात एक पॉप कंसर्ट ख़त्म होते ही ज़बरदस्त धमाका हुआ।
 
चुनाव खर्च का पेचीदा मामला
राजनीति पर काले धन और निहित स्वार्थी तत्वों का प्रभाव कैसे कम हो, इस सवाल पर दशकों से चर्चा जारी है। इस मुद्दे पर चर्चा शुरू होते ही स्वाभाविक रूप से राजनीतिक चंदे का सवाल आता है। पार्टियों को चुनाव लडऩे के लिए धन चाहिए। भारत में यह धन जुटाने का तरीका अपारदर्शी है।
 
चुनाव आयोग की चुनौतीसशर्त या बिना-शर्त?
अब निर्वाचन आयोग ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) पर संदेह करने वाले राजनीतिक दलों को खुली चेतावनी दी है। कहा है कि तीन जून से आयोग के दफ्तर म ें मशीनो ं म ें छडे छ़ ाड ़ करके दिखान े का मौका दिया जाएगा। जो पाटिर्य ा ं इस चुनौती को स्वीकार करेंगी, उनके तीन लोगों को चार घंटों का वक्त मिलेगा।
 
जाधव को जस्टिस
इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (आईसीजे) के 11 जजों की पीठ ने भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव के संदर्भ में जो अंतरिम फैसला सुनाया है, वह भारत की बड़ी कूटनीतिक जीत है। भारत और जाधव के परिजनों के लिए नैतिक और मानसिक राहत है। पाकिस्तान कई स्तरों पर बेनकाब हुआ है।
 
बेटियों को सत्याग्रह न करना पड़े सरकार
ह मारी बेटियां सरकार को राह दिखाने सडक़ों पर उतर गई हैं। रेवाड़ी,गुरुग्राम और पानीपत कई जगहों पर सत्याग्रह हुआ। एक पवित्र उद्देश्य के लिए कि हमें पढऩे दो। क्या बिडम्बना है? सरकार नारा देती है बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ। बेटियां सरकार से कह रही हैं हमें पढऩा है एक स्कूल तो दिलाओ। सडक़ों पर हमारी गरिमा से छेड़छाड़ न हो ये इंतजाम तो हो। सरकार लोगों को जागरूक करे।
 
परमाणु महत्त्वाकांक्षा बनाम यथार्थ
भारत सरकार ने परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम को गति देने के लिए बड़ा एलान किया है। सरकार अपने इरादे को धरती पर उतराने में कामयाब रही, तो परमाणु बिजली पैदा करने के क्षेत्र में यह न सिर्फ भारत की बड़ी छलांग होगी, बल्कि उससे देश की ऊर्जा सुरक्षा भी मजबूत होगी। खासकर जब भारत ने कार्बन उत्सर्जन घटाने का लक्ष्य रखा है, तब स्वच्छ ऊर्जा पैदा करना बड़ी जरूरत बन गया है।
 
समर्थन की रस्म-अदायगी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जुलाई में इजराइल की चिर-प्रतीक्षित यात्रा पर जाने वाले हैं। हालांकि इजराइल से भारत ने 1992 में ही राजनयिक संबंध बना लिए और उसके बाद से रक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में दोनों देशों के रिश्ते लगातार प्रगाढ़ हुए हैं, मगर किसी भारतीय प्रधानमंत्री ने अब तक इजराइल की यात्रा नहीं की। इसीलिए मोदी की प्रस्तावित यात्रा को बहुत महत्त्वपूर्ण समझा जा रहा है। इसे भारत की पारंपरिक विदेश नीति में बड़े बदलाव का सूचक भी माना गया है। आजादी के बाद से भारत की विदेश नीति फिलस्तीन के पक्ष में रही।
 
सरकार का सही रुख
केंद्र सरकार ने तीन तलाक की मुस्लिम प्रथा के बारे में सुनवाई कर रही सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ के सामने दो-टूक बयानी की। वाजिब रुख लिया कि कोर्ट को यह देखना चाहिए कि ये (और दूसरी कुछ प्रथाएं) संविधान-सम्मत हैं या नहीं। उसे कुरआन की व्याख्या में नहीं उलझना चाहिए। आखिर वह कोई धर्म-संस्था नहीं है।
 
साइबर अपराधियों का हमला
साइबर हमला नई बात नहीं है। पहले भी हैकरों ने इसकी कोशिश की। ऐसे मैलवेयर (वो सॉफ्टवेयर जो कंह्रश्वयूटर सिस्टम्स को अस्त-व्यस्त कर देते हैं) संचारित किए गए, जिससे दुनियाभर में मुश्किलें खड़ी हुईं। लेकिन पहले ऐसे काम या तो शौकिया हैकरों ने किए या किसी खास देश को वैचारिक या राष्ट्रवादी आग्रहों से निशाना बनाया गया।
 
लेकिन जवाब क्या है?
भारत ने बीजिंग में हो रहे वन बेल्ट फोरम की बैठक का बहिष्कार किया है। भारत के एतराज वाजिब हैं। चीन का पाक कब्जे वाले कश्मीर में आर्थिक गलियारा बनाना बेशक भारत की संप्रभुता की अनदेखी करना है। साथ ही भारत को आशंका है कि चीन वन बेल्ट वन रूट (ओबीओआर) पहल के जरिए ऐसी विश्व आर्थिक व्यवस्था का निर्माण करना चाहता है, जिसमें वह सबसे बड़ी महाशक्ति होगा।
 
फांसी पर अंतरराष्ट्रीय फरमान
भारत की याचिका पर अंतरराष्ट्रीय कोर्ट ऑफ जस्टिस (आईसीजे) ने पाकिस्तान को लिखकर निर्देश दिया है कि भारत के पूर्व नौसेना अधिकारी कुलभूषण जाधव की फांसी को फिलहाल रोक दिया जाए। यह अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की गौरतलब जीत है। नीदरलैंड स्थित अंतरराष्ट्रीय अदालत ने भारत-पाक के संदर्भ में ऐसे विरोधाभासों को देखा होगा, जिनके आधार पर यह रोक लगाई गई है। भारत और पाकिस्तान ने इस संदर्भ में 1960 की संधि पर दस्तखत किए थे, लेकिन अंतरराष्ट्रीय कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन होता रहा है। 1999 में पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ एक याचिका दर्ज की थी, लेकिन तब हमारी दलील थी कि यह आईसीजे का अधिकार क्षेत्र नहीं है।
 
उम्मीदों के बोझ में खत्म न हो बचपन
बच्चों, अभिभावकों और स्वस्थ बालमन के हिमायती पूरे समाज के लिए एक अच्छी खबर। पहले हरियाणा और अब यूपी सरकार ने स्कूलों में शनिवार को नो बैग डे घोषित किया है। हरियाणा सरकार का कदम आंशिक है। अभी सौ स्कूलों के लिए लागू किया गया है। बाकी स्कूलों में इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। मेरा मानना है ये फैसला ऐसा है जिसे किश्तों में लागू करने की जरूरत नहीं है। आप ओपिनियन पोल करा लीजिये आपको पता चल जाएगा मौजूदा शिक्षा व्यवस्था से लोग किस कदर त्रस्त हैं। स्कूलों की मनमानी सहने को मजबूर। स्कूल किस होड़ में हैं समझना मुश्किल है। केवल कमीशन का चक्कर है या फिर किसी बड़ी साजिश का वे जाने अनजाने शिकार हो रहे हैं।
 
तलाक तलाक पर ‘सुप्रीम’ बहस
मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड मुसलमानों की प्रतिनिधि संस्था नहीं है या तीन तलाक सरीखे मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ के सामने बहस शुरू हो सकी है,तो उसका बुनियादी श्रेय प्रधानमंत्री मोदी को जाना चाहिए। अलबत्ता जब से देश आजाद हुआ है, उससे पहले से ही यह कुप्रथा जारी रही है। चूंकि कांग्रेस समेत ज्यादातर दल इसे ‘मजहबी मामला’ मानते हुए दखलंदाजी नहीं करना चाहते थे,लिहाजा मुस्लिम औरतों पर ज़ुल्म और अत्याचार के सिलसिले जारी रहे।