Breaking News
भाजपा ने महज 10 महीने में कांग्रेस से हथिया ली दो राज्यों की सत्ता   |  अवैध रूप से सीएंडडी वेस्ट डंपिंग करने वालों पर की जा रही है कार्रवाई  |  कोराना (कोविड-19) से स्वच्छता, सतर्कता व जागरुकता ही बचाव : नरेश नरवाल  |  आज का देश की महिलाओं व हमारी बच्ची के लिए ऐतिहासिक दिन है : बजरंग गर्ग  |  कोविड 2019 संक्रमण को फैलने से रोकने के उपायों के बारे में आम जनता को ज्यादा से ज्यादा जागरूक करें : उपायुक्त  |  संदिग्ध मरीजों के लिए गुरुग्राम जिला में 22 आइसोलेटिड वार्ड तथा 4 क्वारंर्टाइन सुविधा बनाई गई  |  स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा संक्रमण से बचने के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है  |  भाजपा ने प्रदेश पदाधिकारियों तथा प्रदेश मोर्चा अध्यक्षों की घोषणा की   |  
भाई-बहन में प्रेम भाव बढ़ाता है ‘भैया दूज’
भा ई-बहन के दिलों में पावन संबंधों की मजबूती और प्रेमभाव स्थापित करने वाला पर्व है ‘भैया दूज’। इस दिन बहनें अपने भाईयों को तिलक लगाकर ईश्वर से उनकी दीर्घायु की कामना करती हैं। कहा जाता है कि इससे भाई यमराज के प्रकोप से बचे रहते हैं।
 
पारिवारिक मर्यादाओं पर भारी ताकत की चाह
हरियाणा एक राजनीतिक परिवार के घमासान का साक्षी बन रहा है। सांसद पौत्र दुष्यंत चौटाला और दिग्विजय को इनेलो से बाहर का रास्ता दिखाकर ओम प्रकाश चौटाला ने संदेश दिया है कि वे भले ही जेल की सजा काट रहे हों, अपना राजनीतिक वारिस और सूबे की सियासत में पार्टी की दिशा वे खुद ही तय करेंगे।
 
अमेरिका सख्त लेकिन कैसे रुके प्रतिभा का पलायन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब साल 2015 में कैलिफोर्निया के सैन होजे में ‘ब्रेन ड्रेन और ‘ब्रेन गेन’ की बात उठाई थी तो हमारे देश का प्रतिभावान युवा उत्साहित हुआ था और इस बात से आशांवित हुआ था कि अब उसे अमेरिका जैसे विकसित देशों की ओर पलायन करने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ेगा।
 
पत्रकार खशोगी और जांच एजेन्सिया
एक अमेरिकी अखबार के लिए काम करने वाले पत्रकार जमाल खशोगी की संदिग्ध हत्या ने यह सवाल उठा दिया है कि आखिर अमेरिका, इंग्लैण्ड, रूस, इज्राइल चीन आदि की खुफिया एजेन्सियां क्या इतनी लुंज-पुंज हो गई हैं कि एक पत्रकार की हत्या की सच्चाई तक पता न कर सकें जबकि उसकी हत्या तीन देशों के बीच कहा-सुनी का मुद्दा बन गयी है। और संयुक्त राष्ट्र को सच्चाई उजागर करने की अपील करने आगे आना पड़ता है। यो, यह लगभग सच माना जा रहा है कि इस्ताम्बूल स्थित सउदी अरब के वाणिज्य दूतावास में खशोगी की मौत हो गई थी। हो सकता है सउदी इस बात को स्वीकार भी कर ले।
 
मंदिर मुद्दे पर अपने ही बुने मकड़ जाल में तो नहीं फंस रहा है संघ?
मंदिर मुद्दे पर विजयादशमी के दिन से राम मंदिर निर्माण को लेकर संघ और उसके अनुवांशिक संगठनों ने दबाव बनाना शुरू कर दिया है। पहले यह दबाव सुप्रीम कोर्ट के ऊपर बनाने का प्रयास किया गया। नियमित सुनवाई कर मंदिर निर्माण के पक्ष में न्यायालय जल्द फैसला दे।
 
जहरीली हवा से कैसे बचें ?
दिल्ली की हवा में इतना जहर तैर रहा है कि अस्पतालों में मरीजों का अंबार लगता जा रहा है। वायु-प्रदूषण के कारण पांच साल से छोटे लगभग एक लाख बच्चे हर साल अपनी जान से हाथ धो बैठते हैं।
 
ये कैसा मोदी मंत्र; राह से भटका अर्थतंत्र....?
देश की मोदी सरकार द्वारा पिछले साढ़े चार साल में देश की अर्थव्यवस्था से जुड़े लिए गए फैसलों के दूरगामी परिणाम अब सामने आने लगे है, आज जहां अपनी बदहाली पर आंसू बहाते हुए देश की बैंकों की ‘जननी’ रिजर्व बैंक ने परेशान होकर मोदी सरकार को खुलेआम नसीहतें देना शुरू कर दिया है, वहीं केन्द्रीय सतर्कता आयोग ने भी बैंकिंग प्रणाली में सुधार की जरूरत जताई है। रिजर्व बैंक गवर्नर ने तो भुगतान प्रणाली के बदलने पर ही सरकार को चेतावनी दे दी है कि ‘‘भुगतान प्रणाली ऐसे बदलें कि देश का आर्थिक ढांचा ही हिल जाए? देश के विदेशी मुद्रा भंडार में आई बड़ी गिरावट को लेकर भी अर्थशास्त्रियों ने चिंता जताते हुए कहा है कि रूपए को सम्हालने की रिजर्व बैंक की कौशिशों के बावजूद डॉलर के मुकाबले भारतीय रूपए की गिरावट जारी है। अर्थशास्त्रियों के अुनसार 2002 के बाद से यह रूपए की सबसे बड़ी गिरावट है।’’ भारत म ें बैंकों की दुरावस्था को लेकर रिजर्व बैंक ने पहली बार इस तरह ही नसीहत भरी चेतावनी सरकार को दी है। बैंक ने अपने चेतावनी नोट में कहा है कि सरकार की भुगतान व निपटान कानूनों में सुधार को लेकर गठित समिति की सिफारिशें देश की आर्थिक सेहत के लिए ठीक नहीं है रिजर्व बैंक ने कहा कि भुगतान प्रणाली का नियमन केन्द्रीय बैंक के पास ही रहना चाहिये गौरतलब है कि सरकार ने आर्थिक मामलों के सचिव की अध्यक्षता में भुगतान व निपटान प्रणाली (पीएसएस) कानून 2007 में संशोधनों को मूर्तरूप देने के लिए एक अन्र्तमंत्रालयीन समिति गठित की थी। शीर्ष बैंक ने अपने असहमति नोट में कहा है कि बदलाव ऐसा नहीं होना चाहिये कि इससे मौजूदा ढांचा ही हिल जाए? पैमेंट नियमन बोर्ड पर बैंक का ही नियंत्रण होना चाहिए। गौरतलब है कि डिजिटल पेमेंट में बैंक खातों के बीच लेन-देन होता है यही कारण है कि रिजर्व बैंक पी.आर.बी. को अपनी निगरानी में रखना चाहता है। रिजर्व बैंक का कहना है कि दुनिया भर में क्रेडिट व डेबिट काडर््स बैंक ही जारी करते है, ऐसे में इन पर दोहरे नियम की अपेक्षा नहीं की जा सकती। रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति ने कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और गिरते रूपए के मद्देनजर मंहगाई के और अधिक खतरे को स्वीकार किया है, समिति ने संकेत दिए है कि वह आने वाले महीनों में रेपो रेट में वृद्धि कर सकती है, समिति ने अक्टूबर में ही हुई अपनी मिटिंग में जारी मिनिट्स के अनुसार समिति के अधिकांश सदस्यों ने मंहगाई की बढ़ती आशंका को रेखांकित किया है। जहाँ तक देश में विदेशी मुद्रा के भंडार में आई कमी का सवाल है, पिछले एक सप्ताह में 378 हजार करोड़ रूपए की विदेशी मुद्रा में कमी आई। इसी तरह से देश के अर्थशास्त्रियों के साथ रिजर्व बैंक भी देश के कमजोर अर्थतंत्र को लेकर परेशान है। इधर केन्द्रीय सतर्कता आयोग ने भी वर्तमान आर्थिक हालातों को लेकर काफी चिंता व्यक्त की है। आयोग की ताजा रिपोर्ट में कहा गया है कि घोटालों और डूबत कर्ज से बचने के लिए बैंकिंग प्रणाली में बड़े सुधारों की सख्त जरूरत है। पंजाब नेशनल बैंक में 14,300 करोड़ के घोटाले के बारे में सतर्कता आयोग ने कहा है कि इसमें हीरा कारोबारी नीरव मोदी और मेहूल चैकसी की कम्पनियों को फर्जी तरीके से कर्ज दिया गया था। आयोग ने स्पष्ट कहा कि धोखाधड़ी के मामलों में छोटे कर्मियों पर ठीकरा फोडऩे के बजाए, हर स्तर पर जवाबदारी तय होना चाहिए। यह तो हुई देश के अर्थशास्त्रियों व देश की सबसे बड़ी बैंक के साथ सतर्कता आयोग की चिंता, किंतु यदि दैनंदिनी आर्थिक परेशानी से जूझ रहे आम आदमी से बात की जाए तो वह भी इस स्थिति के लिए मौजूदा केन्द्र सरकार की आर्थिक नीतियों व सरकार द्वारा लिए गए फैसलों को इस दुरावस्था को दोषी मानता है। आम आदमी इस दुरावस्था के लिए सर्वप्रथम नोटबंदी और उसके बाद जीएसटी को ही दोषी मानता है। देश के शिक्षित बेरोजगार भी अपनी स्वयं की दुरावस्था के लिए सरकार के इन फैसलों को दोषी मानते है। कुछ जागरूक नागरिक सरकार में या सरकार के पास कोई बड़ा आर्थिक विशेषज्ञ न होना भी इन फैसलों का कारण मानते है। वहीं सरकार से जुड़े आर्थिक विशेषज्ञ दबी जबान इस दुरावस्था के लिए स्वयं प्रधानमंत्री द्वारा आर्थिक तंत्र से जुड़े फैसले लेना बता रहे हैं। अब कारण जो भी हो किंतु आज हर विद्वान या अनपढ़ देश ‘अर्थ’ के इस ‘अनर्थ’ के लिए मौजूदा केन्द्र सरकार के अदूरदर्शी आर्थिक फैसलों को ही दोषी बता रहा है।
 
एक ऐसा ‘शैतान’,जो बना था ‘स्वयंभू’ भगवान!
पहले 16 अक्तूबर को और उसके बाद अगले ही दिन 17 अक्तूबर को दो अलग-अलग मामलों में स्वयं को पूर्ण संत से लेकर पूर्ण ब्रह्म तथा भगवान तक बताने वाले अरबों रुपये की बेशकीमती सम्पत्ति के मालिक और अपनी ‘माया’ के बल पर देशभर में हजारों लोगों के दिलोदिमाग पर छाये रहे तथाकथित संत रामपाल सहित कुछ अन्य व्यक्तियों को भी 2014 में उसके आश्रम में बंधक बनाए गए कुछ व्यक्तियों की मौत के मामले में हिसार की विशेष अदालत द्वारा उम्रकैद की सजा सुनाई गई।
 
राम मंदिर अध्यादेश कैसा हो ?
सर्वोच्च न्यायालय ने राम मंदिर के मामले को जनवरी 2019 तक के लिए टाल दिया है। जनवरी 2019 में वह फैसला दे देगा, ऐसा उसने नहीं कहा है। तीन महिने बाद वह उस बेंच का निर्माण करेगा, जो मंदिर-मस्जिद के मामले पर विचार करेगी।
 
कैशलेस संकल्प का नया साल
नया साल शुरू हो गया। वर्ष 2017 हमारे प्रदेश,देश दुनिया के लिए सुख शांति का वर्ष साबित हो इस मंगलकामना के साथ नए बदलाव की उम्मीद की जानी चाहिए। बदलाव प्रकृति का नियम है। जो बदलता नहीं वह समय के साथ अ-प्रासंगिक हो जाता है।
 
हादसे-मुआवज़े-आरोप-प्रत्यारोप और मानव जीवन
बु राई पर अच्छाई की जीत का पर्व विजयदशमी का जश्र मना रहे देशवासियों को एक बार फिर उस समय गहरा सदमा पहुंचा जबकि देश में चारों ओर से रावण दहन के समाचार आने के साथ-साथ अमृतसर के उस हादसे की दर्दनाक खबर सुनाई दी जिसमें कि रावण दहन देखने आए अनेक लोग तेज़ रफ्तार से आती हुई ट्रेन की चपेट में आ गए।
 
मिग-२९ के उन्नयन में भारत की सफलता
यह देखकर हर भारतीय संतुष्ट हो रहा है कि देश की सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए केन्द्र सरकार ने जहां फ्रांस से राफेल विमान का सौदा किया है वहीं रूस से भी एस-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम खरीदने का सौदा भी कर चुकी है। इसी बीच भारतीय वायु सेना में पहले से मौजूद फाइटर जेट मिग-29 को अपग्रेड कर उसकी ताकत और स्पीड को बढ़ाया गया है।
 
पृथ्वी शॉ : छोटा पैकेट, बड़ा धमाका
4 अक्तूबर को वेस्टइंडीज के खिलाफ अपने पहले ही टेस्ट मैच में शतक बनाकर पृथ्वी शॉ ने जो इतिहास रचा, उसके बाद उन्हें ‘पृथ्वी मिसाइल’ कहा जाने लगा है और उनकी तुलना क्रिकेट के भगवान माने जाने वाले मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर से भी की जाने लगी है।
 
आप ट्रंप हैं या शेख चिल्ली ?
सउदी अरब के प्रसिद्ध पत्रकार जमाल खाशोगी की हत्या पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड टपं्र की किरकिरी पहल े स े हो ही रही ह,ै अब उन्होनं े एक नया शोशा छोड ़ दिया है। वे कह रहे हैं कि 1987 में रुस के साथ परमाणु प्रक्षेपास्त्रों संबंधी जो संधि हुई थी, उसे अब वे रद्द करनेवाले हैं।
 
राजस्थान : माहौल को भुनाने में लगी कांग्रेस
राजस्थान में होने जा रहे आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी सरकार बनाने को लेकर पूरी तरह से आाशान्वित नजर आ रही है। राजस्थान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष व पूर्व केन्द्रीय मंत्री सचिन पायलेट व राजस्थान के दो बार मुख्यमंत्री रहे व वर्तमान में कांग्रेस के संगठन महामंत्री अशोक गहलोत पूरे प्रदेश में घूम-घूम कर पार्टी कार्यकर्ताओं में जोश भरने का काम कर रहे हैं। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को भी लगने लगा है कि उनकी पार्टी की लगातार हो रही हार का सिलसिला राजस्थान से ही टूट सकता है सो वो भी लगातार राजस्थान के दौरा कर रहें हैं।
 
स्वेच्छा से आरक्षण का लाभ छोडऩे की भी पहल हो!
देश में आज जाति आधारित आरक्षण एक ज्वलन्त मुद्दा है। समाज के कुछ जाति वर्गों को सरकारी नौकरियों और शिक्षा संस्थानों में प्रवेश के लिए आरक्षण दिया गया है। राजनीतिक दल वोटों के गणित में इस आरक्षण व्यवस्था को बनाए रखना चाहते है।
 
चौथे स्तंभ की ‘अकबर’ शैली
वामपंथियों द्वारा छेड़े गए मी टू अभियान का शिकार बने विदेश राज्य मंत्री मुबाशर जावेद अकबर जिन्हें भारतीय पत्रकारिता जगत में एम जे अकबर के नाम से जाना जाता है, ने अपने पद से त्यागपत्र दे दिया है। उनपर लगभग 20 महिलाओं द्वारा जिनमें अधिकांश पत्रकारिता जगत से जुड़ी महिलाएं हैं, ने यौन शोषण का आरोप लगाया है।
 
हर्ष और उल्लास का प्रतीक है दशहरा
दशहरा अथवा विजयदशमी भगवान राम की विजय के रूप में मनाया जाए अथवा दुर्गा पूजा के रूप में, दोनों ही रूपों में यह शक्ति-पूजा का पर्व है, शस्त्र पूजन की तिथि है। हर्ष और उल्लास तथा विजय का पर्व है। भारतीय संस्कृति वीरता की पूजक है, शौर्य की उपासक है।
 
सजा और सबक
हिसार की विशेष अदालत ने हत्या और अन्य अपराधों में दोषी पाए गए स्वयंभू बाबा रामपाल और उसके बेटे सहित पंद्रह लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत का यह फैसला इस बात का साफ संदेश है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है।
 
शहादत में भेदभाव नहीं तो फिर नौकरी देने में भेदभाव क्यों ?
राजस्थान सरकार ने सेना में शहीद हुये सैनिक परिवारों को एक बहुत बड़ा तोहफा दिया है। सरकार ने गत 3 अक्टूबर 2018 को एक अधिसूचना जारी कर 15 अगस्त 1947 से लेकर 1970 तक के दरमियान सेना के तीनो अंगो में शहीद हुये 428 सैनिको के परिवार के किसी एक सदस्य को राज्य में सरकारी नौकरी देने के आदेश जारी किये गये हैं। इसके तहत निर्धारित अवधि में सेना में शहीद हुये जवानो के खून के रिश्ते के किसी एक सदस्य को नौकरी मिलेगी।