30/11/2016  :  13:58 HH:MM
योग शिक्षा अनिवार्य करने पर केंद्र विचार करे : सुप्रीम कोर्ट
Total View  735

उच्चतम न्यायालय ने केंद्र सरकार से आज कहा कि वह देश में पहली से आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए योग शिक्षा अनिवार्य करने के वास्ते राष्ट्रीय योग नीति तैयार करने संबंधी याचिका पर तीन माह के भीतर फैसला ले। न्यायमूर्ति मदन बी लोकुर की अध्यक्षता वाली पीठ ने केंद्र सरकार से कहा कि वह इस संबंध में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रवक्ता अश्विनी कुमार उपाध्याय और जे सी सेठ की याचिकाओं को इनकी नुमाइंदगी के तौर पर विचार करे।
 श्री उपाध्याय ने न्यायालय से अनुरोध किया है कि वह मानव संसाधन विकास मंत्रालय, राष्ट्रीय शैक्षणिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी), राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षण परिषद (एनसीटीई) और केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड को पहली से आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए योग एवं स्वास्थ्य शिक्षा की पाठ्यपुस्तक जारी करने का निर्देश दे। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि स्वास्थ्य का अधिकार संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीने के मौलिक अधिकार का आंतरिक हिस्सा है। कल्याणकारी राज्य की अवधारणा के तहत सरकार पर सभी नागरिकों, खासकर बच्चों और किशोरों, को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का दायित्व होता है। जनता के बेहतर स्वास्थ्य के लिए कदम उठाना सरकार की जिम्मेदारी है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि सभी बच्चों को योग एवं स्वास्थ्य शिक्षा उपलब्ध कराये बिना अथवा राष्ट्रीय योग नीति बनाये बगैर स्वास्थ्य का अधिकार नहीं दिलाया जा सकता है।






Enter the following fields. All fields are mandatory:-
Name :  
  
Email :  
  
Comments  
  
Security Key :  
   1918111
 
     
Related Links :-
रोटरी हेल्थ कार्निवाल में रोटेरियंस ने हेल्थ के प्रति किया जागरुक
डॉक्टर्स दिवाली की शुभकामनाएं देने मरीजों के घर पहुंच
डॉ.बेदी ने मिनिमली इनवेसिव सर्जरी में नए डेवलपमेंट्स पर गेस्ट लेक्चर दिया
डायबटीज से पीडि़तों के लिए आर्ट एग्जीबिशन
ऑर्थो कैम्प में 60 सीनियर सिटिजन की जांच की गई
रक्त की कमी से होने वाले थैलेसीमिया रोग का जागरुकता शिविर आयोजित
50 सीनियर सिटीजंस ने ‘मीट योअर डॉक्टर्स’ प्रोग्राम में हिस्सा लिया
भारत में कैंसर दूसरा सबसे बड़ा हत्यारा
वल्र्ड मेंटल हेल्थ डे: युवाओं ने खास अंदाज में दिया जागरूकता संदेश
स्तन कैंसर से बचने के लिए जागरूक और सावधान रहना जरूरी