समाचार ब्यूरो
09/03/2018  :  11:06 HH:MM
इकोसिख करेगा सिख समुदाय और पर्यावरण प्रेमियों को प्रेरित
Total View  344

चंडीगढ़ वाशिंगटन स्थित गैर-लाभकारी संगठन इकोसिख ने पर्यावरण संरक्षण की अपनी विरासत को आगे बढ़ाते हुए, पर्यावरण रक्षा की तत्काल जरूरतों पर एक पंजाबी गीत ‘कुदरत’ जारी किया और 14 मार्च को दुनिया भर में सिख पर्यावरण दिवस (एसईडी) उत्सव मनाने की घोषणा की।

युवा इकोसिख कार्यकर्ताओं द्वारा तैयार गीत का वीडियो, जो बहुत प्रभावी ढंग से संदेश देता है कि कैसे मनुष्य ने पर्यावरण को बर्बाद किया है, मीडिया को दिखाया गया। वर्ष 2010 के बाद से इकोसिख ने गुरु हर राय के गुरुगद्दी दिवस के उपलक्ष्य में सिख पर्यावरण दिवस मनाना शुरू किया, जो कि 1644 में 7वें सिख गुरु बने थे।

वे प्रकृति और जानवरों के प्रति गहरी संवेदनशीलता रखते थे। उन्होंने पर्यावरण की देखभाल करने का संदेश दिया था।इकोसिख की एक प्रेस कांफ्रेंस में बताया गया कि यह समारोह कैसे मनाया जाएगा और समारोह के दौरान पंजाब से जुड़े किन पर्यावरणीय मुद्दों के बारे में बात की जायेगी। कार्यक्रम में बताया गया कि पंजाब का पर्यावरण खतरे में है। पंजाब के चार प्रमुख शहरों को विश्व के 25 सबसे प्रदूषित शहरों में शामिल किया गया है, जहां 2011 से 2016 तक नौ लाख पेड़ों को काटा जा चुका है। इकोसिख के प्रोजेक्ट मैनेजर, रवनीत सिंह ने कहा, ‘पंजाब में पर्यावरण की यह गंभीर स्थिति एसईडी की चिंता का विषय है। एसईडी अभियान के तहत हमारे कार्यकर्ता पेड़ लगाएंगे, पानी की बचत के बारे में संगोष्ठियों का आयोजन करेंगे, साइकिल रैलियां आयोजित करेंगे, जैविक रसोई उद्यानों काप्रदर्शन करेंगे और लॉवर शो करेंगे।’

इकोसिख राज्य सरकार, गुरुद्वारों, अकादमिक संस्थानों और गैर सरकारी संगठनों को बाग बगीचों पर ध्यान देने के लिए कहेगा और यह सुनिश्चित करने पर जोर देगा कि पेड़ सुरक्षित रहें और सरकार निकायों में स्टायरोफोम और विशेषकर गुरुद्वारों में लंगरों पर प्रतिबंध लगाये।’इकोसिख की प्रेसीडेंट सुप्रीत कौर ने कहा, ‘हमारी पहली प्राथमिकता यह सुनिश्चित करने के लिए सरकार को प्रभावित करना है कि राज्य में वन क्षेत्र बढ़ाने के लिए एक अच्छी योजना और रणनीति बनाई जाये।

दूसरी प्राथमिकता है पानी बचाने के लिए किसानों व जनता के बीच जागरूकता पैदा करना और यह सुनिश्चित करना कि औद्योगिक कचरा नदियों में फेंकने से पहले साफ किया जाए।’गायक हरमिंदर सिंह ने कहा, पर्यावरण की क्षति के कारण हम बहुत दु:खी थे। हमने हृदय से कुदरल गीत की लाइनें लिखी हैं। पर्यावरण संकट और लगातार बदलती जलवायु के बारे में गीत में चर्चा की गयी है। ग्लोबल वार्मिंग और कचरा निपटान के लिए एक सक्रिय रणनीति बनाने के लिए लोगों के बीच जागरूकता फैलाना भी हमारा प्रयास है।’ इकोसिख के ग्लोबल प्रेसीडेंट डॉ. राजवंत सिंह ने कहा, ‘इको सिख पंजाब और भारत में न केवल सिख समुदाय को सिखाने का प्रयास कर रहा है, बल्कि दुनिया भर में सिख गुरुओं के संदेश को प्रसारित करने के लिए प्रयास कर रहा है।






Enter the following fields. All fields are mandatory:-
Name :  
  
Email :  
  
Comments  
  
Security Key :  
   7910945
 
     
Related Links :-
सिविल सेवा परीक्षा 2017 में चयनित उम्मीदवारों का होगा सम्मान
मलशोधन परियोजनाओं के विस्तार और जल शोधन प्रतिक्रियाओं को सहयोगा देगा केंद्र
विधायक उमेश अग्रवाल ने खुलवाई नगर निगम की सील की गई दुकाने
शिक्षा के स्तर में सुधार के लिए शिक्षा व नवाचार परिषद का गठन : विनय सिंह
परमाणु ऊर्जा : राष्ट्र की ऊर्जा विषय पर निबंध लेखन
गुरुग्राम-फरूखनगर ब्लॉको को शैक्षणिक रूप से सक्षम बनाने के लिए किया चिन्ह्ति
‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम
एसवाईएल निर्माण पर दोनों बड दलों ने राजनीति की है : चौटाला
25 जून से 1 जुलाई तक सभी जिलों में कार्यक्रम
निराकरण के लिए एकजुट प्रयास जरूरी : उपायुक्त