समाचार ब्यूरो
20/03/2018  :  16:15 HH:MM
मुल्क की हिफाजत में महिलाओं की बराबर की भागीदारी
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अभी हाल ही में भारतीय जमीनी, हवाई और पानी की सेनाओं ने कुछ खुसूसी दर्जों में जो कि अभी तक केवल पुरुषों के लिए आरक्षित थे, महिलाओं को भर्ती के लिए दरवाजे खोल दिए हैं ।यह दिखाता है कि मुल्क महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए तेजी से आगे बढ़ रहा है। हमारे मुल्क में कहा जाता है कि जिस घर में नारी का सम्मान होता है वहां हमेशा लक्ष्मी बरसती है और खुशहाली रहती है।
पुराने समय में भी महिलाओं को ऊंचा दर्जा मिला हुआ था और आजादी की लड़ाई में हमें झांसी की रानी- लक्ष्मीबाई ,चांद बीबी, अहिल्याबाई, भीकाजी कामा इत्यादि के योगदान को भुलाना नहीं चाहिए। आजादी के बाद भी औरतों ने मुल्कों को आगे ले जाने में अपना योगदान दिया है। इसके बावजूद अभी महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए बहुत गुंजाइश है ।अब तक महिलाएं जो की आबादी का लगभग आधा हिस्सा है ,पूरे तौर पर पुरुषों के साथ बराबरी से कंधे से कंधा मिलाकर आगे नहीं आ पाई हैं । कुछ पुरानी और पिछड़ी मानसिकता के लोग औरतों को पुरुषों के बराबर नहीं मानते। उनकी यह जि़द इस कारण है कि वह महिलाओं से ज्यादा ताकतवर है और उनमें ज्यादा क्षमता है।






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