समाचार ब्यूरो
28/03/2018  :  15:05 HH:MM
अमेरिका में आयोजित विश्व बैठक में वेपिंग भारत का करेगा प्रतिनिधित्व
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चंडीगढ़ धूम्रपान मुक्त विश्व के लिये एक फाउण्डेशन जो एक स्वतंत्र, गैर-लाभकारी संगठन है, जो धुम्रपान मुक्त विश्व के निर्माण हेतु प्रयासरत् है, इसके द्वारा हाल ही में वाशिंगटन डीसी, यूएसए में एक थिंक टैंक सत्र का आयोजन किया गया।

इसका उद्देश्य स्वास्थ्य पर पड़ते दुष्प्रभावों और धूम्रपान से होने वाली मौतों को कम करने के वैश्विक प्रयासों को तेज करना तथा अंतत विश्वभर से धूम्रपान को दूर करना था। बैठक का एजेंडा तंबाकू के उपयोग को नियंत्रित कर क्षति को कम करने और जीवन को बचाने पर चर्चा करना था। ‘धूम्रपान समाप्त करने’ के प्रयास से
विश्वस्तर पर सिगरेट और तम्बाकू के अन्य रूपों के उपयोग को नष्ट किया जा रहा है। इसमें यह भी सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि इस परिवर्तन से तम्बाकू उत्पादन करने वाले छोटे किसानो को अपनी आजीविका के लिये अन्य स्थायी विकल्प प्रदान कर उनका समर्थन हासिल किया जाए। विश्वभर के नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ता, जातीय समूहों के प्रतिनिधियों ने इस सत्र में भाग लिया। इन नेतृत्वकर्ताओं में भारत से एकमात्र प्रतिनिधि नीलेश जैन, एक सक्रिय स्वास्थ्य वकील, एक सीरियल उद्यमी और वेपिंग के संस्थापक तथा भारत के प्रथम सेसैशन ब्राण्ड ने देश का प्रतिनिधित्व किया। इस अवसर पर अपने विचार रखते हुए नीलेश जैन, वेपिंग
के संस्थापक ने कहा,‘‘इस फाउण्डेशन का हिस्सा बनने पर मुझे अत्यंत गर्व महसूस होता है और उन्होंने जो पहल की है, जहां दुनियाभर के लीडर्स धूम्रपान कम करने की अवधारणा में गहरी रूचि ले रहे हैं तथा उनके द्वारा धूम्रपान को रोकने में तेजी लाने के लिए लागत प्रभावी समाधान का विकास किया गया है। इसे विज्ञान, अनुसंधान, नवाचार, तकनीक से प्राप्त किया जा सकता है और मानसिकता को तम्बाकू से निकोटीन तक पहुंचकर अंत में छोड़ा जा सकता है।’’

बैठक में विभिन्न विश्वविद्यालयों के शोधकर्ता और प्रतिनिधि उपस्थित थे, जो नुकसान में कमी और निम्न सामाजिक- आर्थिक स्थिति वाले क्षेत्रों के लिये लागत प्रभावी उपकरणों के उत्पादन के लिए तकनीक के विकास पर व्यापक शोध का आयोजन करेंगे। उन क्षेत्रों पर एक योजना बनाई गई थी, जिसमें हानि में कमी के लिए तकनीक पर शोध किया जाएगा और इस पर विचार किया जाएगा कि कैसे वैश्विक स्तर पर दुनिया के प्रतिगामी क्षेत्रों में जहां तम्बाकू के खतरों के बारे में ज्ञान की कमी है वहां लोगों के इसके दुष्प्रभाव के प्रति आगाह किया जाए। धूम्रपान मुक्त फाउण्डेशन द्वारा आयोजित सर्वेक्षण से निश्कर्ष निकाला कि भारत में 12 प्रतिशत यानी
130 मिलियन धूम्रपान करने वालों के घर हैं, यह संख्या भारत को दुनिया में दूसरा सबसे अधिक धूम्रपान करने वाला देश बनाती है।






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