समाचार ब्यूरो
29/03/2018  :  12:37 HH:MM
स्मिथ और वॉर्नर पर एक साल प्रतिबंध
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जोहांसबर्ग क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (सीए) ने गेंद से छेडख़ानी मामले में स्टीव स्मिथ और डेविड वॉर्नर पर एक साल का प्रतिबंध लगा दिया गया है। वहीं बल्लेबाज कैमरन बैनक्रॉफ्ट पर 9 महीने का प्रतिबंध लगाया है। इससे अब स्मिथ और वार्नर 7अप्रैल से शुरू हो रहे इंडियन प्रीमियर लीग 2018 में भी शायद ही खेल पायें।

बैनक्रॉफ्ट दक्षिण अफ्रीका के साथ खेले गए सीरीज के तीसरे टेस्ट मैच के तीसरे दिन गेंद पर कुछ रगड़ते हुए कैमरे की नजर में कैद हो गए। बैनक्रॉफ्ट के हाथ में टेप थी जिससे वह गेंद की सतह को खराब कर रहे थे। इसका वीडियो आने के बाद ऑस्ट्रेलियाई कप्तान पद से हटाये गये स्टीव स्मिथ ने माना कि रिवर्स स्विंग हासिल करने के लिए टीम ने जानबूझकर गेंद से छेड़छाड़़ की थी। इस मैच में ऑस्ट्रेलिया को करारी हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद सीए ने स्मिथ को कप्तान और वॉर्नर को उपकप्तान के पद से हटा दिया था। इस विवाद के कारण स्मिथ और वार्नर को आईपीएल टीमें की कप्तानी भी छोडऩी पड़ी। इन दोनों खिलाडिय़ों पर 12 महीने के प्रतिबंध से साफ है कि यह दोनो ही भारत के खिलाफ होने वाली सीरीज में भी शामिल नहीं रहेंगे। भारत ने इस साल के अंत में ऑस्ट्रेलिया का दौरा करना है। इस दौरे पर भारतीय टीम चार टेस्ट मैच खेलेगी। इसके साथ ही आईपीएल में भी इन खिलाडिय़ों का खेलना संभव नजर नहीं आता। ऐसे में इन दोनों को अब आईपीएल से मिलने वाली राशि लौटानी होगी। 13 जून से इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया ने बीच पांच एकदिवसीय मैचों की सीरीज भी यह नहीं खेल पायेंगे। इसके अलावा बांग्लादेश के खिलाफ टेस्ट मैच में भी ये दोनों खिलाड़ी नहीं खेलेंगे। 

बीसीसीआई ने आईपीएल से स्मिथ और वार्नर को बाहर किया

मुम्बई > भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने गेंद से छेड़छाड़ मामले में आस्ट्रेलियाई क्रिकेटरों स्टीव स्मिथ और डेविड वार्नर के इस साल इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में खेलने को लेकर प्रतिबंध लगा दिया है। स्मिथ और वार्नर राजस्थान रायल्स और सनराइजर्स हैदराबाद के कप्तान थे, पर इस मामले में फंसने के बाद इन दोनो को ही कप्तानी छोडऩी पड़ी थी। अब क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (सीए) के लगाये एक-एक साल के प्रतिबंध के फैसले के बाद बीसीसीआई ने भी इन दोनों को आईपीएल से बाहर कर दिया है। इस बारे में आईपीएल चेयरमैन राजीव शुक्ला ने कहा,‘क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने दोनों खिलाडिय़ों पर प्रतिबंध लगाया है और इस कारण हम भी इस साल दोनों को आईपीएल से बाहर कर रहे हैं।’ उन्होंने कहा,‘हमने पहले आईसीसी के फैसले और उसके बाद सीए के फैसले का इंतजार किया। तब जाकर हमने यह फैसला लिया है।’ शुक्ला ने कहा,‘हमने इस सत्र के लिये उन पर प्रतिबंध लगाया है। ऐसे में दोनों टीमों को इनकी जगह किसी खिलाड़ी को शामिल करने के विकल्प दिए जाएंगे। हमने हड़बड़ी में कोई फैसला नहीं लिया। यह सोच-समझकर लिया गया फैसला है।’ आईपीएल सात अप्रैल से शुरु होगा।

लेहमान की हर हाल में जीत की मानसिकता से ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट का हुआ ये हाल

नई दिल्ली > गेंद से छेडख़ानी के मामले में ऑस्ट्रेलियाई कोच डेरेन लेहमन भले ही इस बार बच गये हैं पर यह नहीं भूलना चाहिये कि हर कीमत पर जीत की जो मानसिकता उन्होंने टीम में भरी है उसी का परिणाम है कि टीम की छवि आज दागदार बन गयी है। इससे उनके कोचिंग के तौर तरीकों पर सवाल उठने लगे हैं। लेहमन ने जब 2013 में कोच का पद संभाला, तब उन्हें ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम में हर हाल में जीत दर्ज करने का जो बीज बोया था उसी की फसल आज अपनी टीम काट रही है। कोच बनने के बाद, जब लेहमैन से उनकी तीन प्राथमिकताएं पूछी गईं, तो उनका जवाब था,‘जीत, जीत और जीत।’ उस समय क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के मुख्य कार्यकारी जेम्स सदरलैंड ने कहा था ,‘अनुशासन, अच्छा आचरण और प्रदर्शन के लिए जवाबदेही में भी सुधार की जरूरत है और यह मुख्य कोच का काम है।’






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