समाचार ब्यूरो
30/03/2018  :  11:26 HH:MM
मालदीव की चीन, पाक से दोस्ती भारत के लिए खतरा
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नई दिल्ली जहां एक तरफ मालदीव की अब्दुल्ला यामीन सरकार ने आपातकाल हटा लिया है, वहीं मालदीव के कई फैसले भारत को नाराज करने वाले हैं। मालदीव सरकार द्वारा जिस तरह चीन को ही नहीं, बल्कि पाकिस्तान को भी तवज्जो दी जा रही है, वह भारत को परेशान करने वाला है।

ताजा मामला भारत को दरकिनार करते हुए मालदीव का इस्लामाबाद के साथ पाक आर्मी चीफ कमर जावेद बाजवा के दौरे को लेकर चर्चा का है। यह पहल भारत को बिना भरोसे में लिए की गई। ‘इंडिया फस्र्ट’ पॉलिसी के बावजूद मालदीव की वर्तमान सरकार ने भारत से पूर्व की सरकारों की तरह चर्चा भी नहीं की।
बाजवा के मालदीव दौरे को लेकर जब एक भारतीय अधिकारी से बात की गई तो उन्होंने कहा, वर्तमान मालदीव सरकार चीन और पाकिस्तान से बातचीत को लेकर काफी गोपनीय रवैया अपनाती है, जबकि इससे पहले की सरकारों में ऐसा नहीं होता था। वे सरकारें ऐसे किसी भी मामले में पहले भारत को विश्वास में लेती थीं।
उन्होंने कहा कि भारत 31 मार्च को होने वाले बाजवा के मालदीव दौरे पर नजदीक से नजर बनाए हुए है। बता दें कि पिछले महीने 26 तारीख को पता चला था कि चीन ने मालदीव को आधिकारिक रूप से उत्तरी मालदीव में माकुनुधु के पश्चिमी एटोल पर जॉइंट ऑशन ऑब्जर्वेशन सेंटर के रूप में वर्णन किया है, जो लक्षद्वीप से
दूर नहीं है। यहां तक कि मालदीव ने इसके लिए भारत को भी यह कहा है कि ऑब्जर्वेटरी की कोई मिलिटरी योजना नहीं है।






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