समाचार ब्यूरो
28/04/2018  :  09:17 HH:MM
अनुमति के बिना नहीं किया जा सकता गिरफ्तार
Total View  390

चंडीगढ़ हरियाणा सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय द्वारा अनुसूचित जातियों और अनुसूचित समुदायों (अत्याचार निरोधक) अधिनियम-1989 के प्रावधानों के सम्बन्ध में दिये गये निर्णय तथा आपराधिक अपील संख्या 416-2018 के आदेशों की समीक्षा करने के लिए एक पुनर्विचार याचिका सर्वोच्च न्यायालय में दायर की है और हरियाणा ने अपनी पैरवी के लिए बीके सतीजा को स्थाई अधिवक्ता लगाया है।यह जानकारी हरियाणा के अनुसूचित जाति एवं पिछड़े वर्ग कल्याण राज्य मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने पत्रकार सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए दी।

उन्होंने बताया कि सर्वोच्च न्यायलय ने 20 मार्च, 2018 को अपने निर्णय में कहा है कि अनुसूचित जातियों और अनुसूचित समुदायों (अत्याचार निरोधक) अधिनियम-1989 के तहत सरकारी कर्मचारियों और नागरिकों को बिना पूर्व अनुमति के गिरफ्तार नहीं किया जा सकता और उन्हें नियम के अधीन जांच के बाद ही गिरफ्तार
किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि अनुसूचित जातियों व अनूसचित समुदायों के लोगों के हितों की रक्षा के लिए केन्द्र सरकार ने भी इस मुद्दे पर एक पुनर्विचार याचिका दायर की है। विपक्षी पार्टियों को चुनावों के समय अनुसूचित जाति के लोग याद आते हैं। गत 2 अप्रैल को शांतिपूर्ण धरने में विपक्षी पार्टियों के लोगों द्वारा बीजेपी शासित प्रदेशों में धरने के नाम पर तोडफ़ोड़ की जो सही नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेद्र मोदी व राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अमित शाह ने उस समय कहा था कि वे न तो संविधान के साथ कोई छेड़छाड़ करेंगे और नही किसी को करने देंगे। उसी विश्वास के तहत यह पुनर्विचार याचिका दायर की गई है।एक प्रश्न
के उत्तर में श्री बेदी ने बताया कि हरियाणा सरकार अनुसूचित जातियों, पिछड़े वर्गों व गरीब लोगों के हितों की रक्षा के लिए तथा सामाजिक समरसता के लिए प्रतिबद्ध है। गत साढ़े तीन वर्शों में इन वर्गों के कल्याण-उत्थान के लिए कई अनूठी स्कीमें शुरू की गई हैं। उन्होंने कहा कि मंडल कमीशन के नाम पर पहले भी लोगों को भडक़ाया गया था। उन्होंने बताया कि सरकारी नौकरियों में अनुसूचित जाति के बैकलोग को भरने के लिए विशेष विज्ञापन वर्तमान सरकार ने जारी किए हैं, परंतु 16 साल तक पहले की सरकारों ने नहीं किए।विमुक्त जातियों के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक उत्थान के लिए विमुक्त घुमन्तु जाति विकास बोर्ड का गठन किया गया है। विमुक्त जाति के लोगों को नागरिक आधार संरक्षण अधिनियम, 1955 के तहत दर्ज मुकदमें, भूमिपतियों द्वारा अत्याचार और भूमि बेदखली के मुकदमों की पैरवी करने के लिए कानूनी सहायता भी प्रदान की जाती है। सफाई कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए हरियाणा राज्य सफाई कर्मचारी आयोग का गठन किया जा चुका है।

कांग्रेस की 29 अप्रैल को नई दिल्ली में जनाक्रोश रैली के सम्बन्ध में पूछे जाने पर श्री बेदी ने कहा कि यह कांग्रेस का अपना व्यक्तिगत आक्रोस है, किसी को गुलाबी पगड़ी, किसी को लाल पगड़ी, किसी को खाकी और किसी को कोई अन्य रंग की पगड़ी दिखाने का आक्रोस है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार में हुए टूजी, कोयला, राष्ट्रमण्डल खेल घोटाले सबसे सामने हैं। अब भ्रष्टाचार करने का उन्हें कोई मौका नहीं मिल रहा है, इसलिए उनका व्यक्तिगत आक्रोस झलकता है।रोहतक के अपना घर मामले में आज पंचकूला की विशेष अदालत द्वारा दिए गये फैसले पर पूछे जाने पर श्री बेदी ने कहा कि अपना घर की संचालिका जसबंती देवी
तत्कालीन सरकार के समय एनजीओ के नाम से करोड़ों रुपये का अनुदान लेकर गलत काम करती थी और अब सच्चाई सामने आ गई।






Enter the following fields. All fields are mandatory:-
Name :  
  
Email :  
  
Comments  
  
Security Key :  
   7779958
 
     
Related Links :-
परिवार में चल रहा था झगड़ा, पुलिस कप्तान के पास लेकर आया था फरियाद एसपी कार्यालय के बाहर व्यक्ति ने खाया जहर, हालत नाजुक
मंगलौरा चैंक पर मोबाइलों की दूकान में सेंध लगाने वाले चढ़े पुलिस के हत्थे
किशोरी का घर से अपहरण कर किया दुष्कर्म
कुरूक्षेत्र के किसानों ने जलाई सर्वाधिक पराली
आईपीएस विवाद : रेप पीडि़ता बोली बाबा उदय सिंह की सरप्रस्ती में विशेष टास्क फोर्स का ऐलान
मरते दम तक जेल में रहेगा रामपाल
14 साल से पुलिस की आंखों में धूल झोंक रह रहा था मंदिर मे
प्रवासी विवाहिता से तीन युवकों ने किया गैंग रेप
महिला ने लगाया दो भाइयों पर रेप का आरोप बेटी के साथ भी अश्लील हरकतें करने का आरोप
फर्जी तरीके से आरक्षित की अनुसूचित जाति की सीटे