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समाचार ब्यूरो
29/04/2018  :  15:02 HH:MM
शी के शानदार मेहमाननवाजी से खुश हुए मोदी, भारत लौटे
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नई दिल्ली/ वुहान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ वुहान में दो दिवसीय अनौपचारिक शिखर बैठक के बाद शनिवार को यहां लौट आये। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने हवाई अड्डे पर प्रधानमंत्री मोदी की अगवानी की।

मोदी और शी ने अपनी वार्ता के दौरान सीमा पर शांति बनाये रखने के लिए अपनी-अपनी सेनाओं को रणनीतिक दिशा-निर्देश जारी करने का निर्णय किया. इसके साथ ही कारोबारी मतभेद कम करने, आतंकवाद के खिलाफ सहयोग और अफगानिस्तान में साझा आर्थिक परियोजना को पूरा करने का संकल्प लिया गया. भारतीय खेमा इस बैठक में चीनी राष्ट्रपति की ओर से भारत के प्रधानमंत्री की खास मेहमाननवाजी पर दी गयी तवज्जो को भी काफी अहम मान रहा है। इस बीच, चीन ने कहा कि आपसीस ंपर्क को लेकर भारत के साथ उसका कोई बुनियादी मतभेद नहीं है और बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (बीआरआई) को लेकर वह नयी दिल्ली पर अधिक दबाव नहीं डालेगा. शी जिनपिंग ने 2013 में सत्ता में आने के बाद कई अरब डॉलर के इस योजना की शुरुआत की थी। बीआरआई दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों में बड़ा बाधक रहा है. इस योजना के अंतर्गत चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (सीपेक) भी शामिल है, जिसका भारत विरोध करता रहा है, क्योंकि यह
योजना पाकिस्तान के कब्जेवाले कश्मीर स े होकर गजु रती ह।ै प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग की दो दिन की अनौपचारिक शिखर बैठक के समाप्त होने के बाद चीन के उप विदेश मंत्री कांग श्वानयू ने कहा, ‘हमें लगता है कि आपसी संपर्क को बढ़ावा देने के मुद्दे पर चीन और भारत के बीच कोई बुनियादी मतभेद नहीं है.' उन्होंने कहा, ‘जहां तक भारत द्वारा बेल्ट एंड रोड को स्वीकार किये जाने की बात है तो मुझे नहीं लगता है कि यह अहम है और चीन इसको लेकर दबाव नहीं डालेगा।






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