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समाचार ब्यूरो
06/05/2018  :  10:23 HH:MM
बीमार है सरकारी चिकित्सा व्यवस्था : अभय जैन
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गुरुग्राम दिन प्रतिदिन मंहगी होती चिकित्सा व्यवस्था ने समाज के मध्य और निम्न वर्ग की कमर तोड़ दी है। सरकार आम जन को चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध कराने में पूरी तरह नाकाम सिद्ध हुई है।

गुरूग्राम जिले में पिछले 15 वर्षों में निजी अस्पतालों ने छ: हजार से अधिक बैडों की व्यव- स्था की है, वहीं जिले में सरकारी स्तर पर ना के बराबर विकास किया गया है। मात्र कागजों में सामान्य अस्पताल को 120 बैड्स से बड़ा कर 200 बैड्स का कर दिया गया है। शहर में स्थित सामान्य अस्पताल, सेक्टर-10 सामान्य अस्पताल, सोहना सामान्य अस्पताल और हेली मंडी सामान्य अस्पताल में डाक्टरों और नर्सों की भारी कमी है, वहीं चिकित्सा सम्बन्धी उपकरणों, दवाईयों आदि की सुविधायें भी समय के साथ नही बढ़ायी गयी हैं। जिले में स्थित इन चारों सरकारी अस्पतालों में गम्भीर मरीजों को देखने की व्यवस्था नही है। जब भी कोई गम्भीर मरीज इन अस्पतालों में आता है उसको तुरन्त दिल्ली सफदरजंग अस्पताल में रेफर कर दिया जाता है। गुरूग्राम सामान्य अस्पताल की बिल्डिंग दिन प्रतिदिन खण्डर में तब्दील होती जा रही है, परन्तु सरकार कागजों में इस अस्पताल को 500 बैड्स का अस्पताल बनाने की बात कर आम जन को बहला रही है। अभी हाल ही में गुरूग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) ने शीतलामाता मन्दिर और नगर निगम के सहयोग से एक विशाल मेडिकल कॉलेज बनाने की योजना बनाई है। वर्तमान सरकार के लगभग 42 महीने बीत जाने के बाद इन दोनो योजनाओं को कागजों में बनाना और धरातल पर कोई कार्य न करना यह सिद्ध करता है कि सरकारी 
चिकित्सा सेवा खुद बीमार है। ऐसा प्रतीत होता है कि शीर्ष राजनेता और अधिकारी जान-बूझकर सरकारी चिकित्सा व्यवस्था को फेल कर रहे हैं ताकि निजी अस्पताल आम जन का शोषण कर भरपूर मात्रा में आर्थिक लाभ प्राप्त कर सकें। निजी अस्पतालों में बेतुके और फालतु के टेस्ट कराकर मरीजों को लूटना एक सामान्य प्रक्रिया हो गई है। आम आदमी अपने को त्रस्त और असहाय पा रहा है। सरकार को सरकारी चिकित्सा व्यवस्था मजबूत करनी चाहिए ताकि सामान्य नागरिकों को निजी अस्पतालों के शोषण से बचाया जा सके। सरकार को गम्भीरता से इस दिशा में ठोस कार्य करने की आवश्यकता है।






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