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समाचार ब्यूरो
09/05/2018  :  18:45 HH:MM
समाज में बुराई को कानून बनाने से नहीं, सोच बदलने से कर सकते हैं दूर : राज्यपाल
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गुरुग्राम हरियाणा के राज्यपाल एवं भारतीय रैडक्रास सोसायटी हरियाणा शाखा के अध्यक्ष प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी ने आज कहा कि समाज में बुराई को कानून बनाने से नही बल्कि सोच बदलने से दूर कर सकते हैं। समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए सोच बदलने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि आज के दिन अपनी सोच के बारे में विचार करिए। वे आज गुरुग्राम के किंगडम ऑफ ड्रीम्स में विश्व रैडक्रास दिवस के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि आज रैडक्रास की टीम पूरी तन्मयता, सेवाभाव, निष्पक्षता व तटस्थता के साथ काम कर मानव कल्याण के कार्य में सहयोग कर रही है। उन्होंने कहा कि इस बार विश्व रैडक्रास दिवस का थीम ही ‘एवरीवेयर फार एवरीवन-स्माइल’ रखा गया है अर्थात् आप सभी के चेहरों पर मुस्कुराहट देखना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा रैडक्रास सोसायटी द्वारा जरूरतमंद लोगों का सेवाभाव केवल हरियाणा राज्य तक ही सीमित
नही है बल्कि टीम के सदस्यों द्वारा दूसरे राज्यों में भी जाकर लोगों की सेवा की जा रही है। हरियाणा की रैडक्रास सोसायटी हर साल एक कैंप प्रदेश के बाहर लगाती है और यहां तक कि नेपाल तक भी जाती है।

उन्होंने रैडक्रास के पदाधिकारियों की मानवता की सेवा के लिए किए जा रहे प्रयासों की मंच से सराहना की। उन्होंने कहा कि देश में मानवता के लिए बहुत सी चुनौतियां हैं, जिसमें आतंकवाद, हिंसा, भ्रष्टाचार व जातिवाद की है। उन्होंने कहा कि हम मानव केवल नाम के हैं। यदि मानव के अंदर मानवता ना हो तो वह मानव कहलाने के लायक नही है। राज्यपाल ने रैडक्रास के सात मूल सिद्धांतो का विस्तार से उल्लेख किया और कहा कि इसमें सबसे पहला सिद्धांत मानवता का है। दुखी व्यक्ति के साथ हम स्वयं को एकाकार करेंगे तो उसका दुख: हमे महसूस होगा। यदि सभी लोग दूसरे को अपना समझें तो समाज से सभी बुराईयां दूर हो जाएंगी और यह धरा स्वर्ग बन जाएगी। उन्होंने कहा कि सर हेनरी डयूंना ने भी युद्ध में घायल सैनिकों को देखा था तभी उनमें उनकी सेवा करने की भावना जगी थी। उन्होंने कहा कि अन्य सिद्धांतो में निष्पक्षता, तटस्थता, एकता,सार्वभौमिकता, स्वतंत्रता तथा स्वैच्छिक सेवा शामिल हैं और ये सातों सिद्धांत जिस व्यक्ति में होंगे वह नर से नारायण बन जाएगा। ये सिद्धांत नही होंगे तो वह दानव बन जाएगा,यही सोच का अंतर है। राज्यपाल ने कहा कि आज के दिन सन् 1863 में रैडक्रास के जनक सर जीन हेनरी डयूनंा का जन्म स्विटजऱलैंड के जिनेवा में हुआ था।






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