समाचार ब्यूरो
19/05/2018  :  10:35 HH:MM
बिजली निगम में बड़ा घोटाला
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चंडीगढ़ वर्ष 2008-2009 में हरियाणा के बिजली मंत्री रहते हुए रणदीप सिंह सुरजेवाला द्वारा अपने पद का दुरुपयोग करते हुए दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम में एक ऐसी कंपनी को ए.एल.एम./एस.ए.एस. नौकरियों का ठेका दे दिया गया, जो कंपनी टेंडर फार्म की किसी भी शर्त को पूरा नहीं करती थी।

यह टेंडर रणदीप सिंह सुरजेवाला ने अपने ही निजी हरियाणा कृषक कांग्रेस के अध्यक्ष ईश्वर सिंह नैन की कंपनी संधू सिक्योरिटी सर्विस सेक्टर 11 पंचकूला को अलॉट किये थे, जिसमें ईश्वर सिंह नैन अजय संधू के साथ पार्टनर था। इस ठेके को अलॉट करने की ऐवज में ईश्वर सिंह नैन द्वारा रणदीप सिंह सुरजेवाला को करोड़ों
रुपये रिश्वत के रुप में अजय संधू के सामने दिये गये। संधू सिक्योरिटी कंपनी द्वारा बिजली बोर्ड में ए.एल.एम./एस.ए.एस. नौकरियां लगवाने के लिए और इपीएफ, इएसआई और सर्विस टैक्स के ढाई करोड़ रुपये के लगभग का घोटाला किया गया। इस घोटाले में रणदीप सिंह सुरजेवाला ने पहले ठेके देने और उसके बाद जब घोटाला सामने आया, तो खुद को और ईश्वर सिंह नैन और उसके साथियों को अपने मंत्री पद एवं कांग्रेस सरकार का दुरुपयोग करते हुए बचा लिया। बिजली विभाग के अधिकारियों द्वारा केवल अजय संधू को फंसा दिया गया। पुलिस द्वारा भी रणदीप सुरजेवाला का दबाव होने के चलते अपना, ईश्वर नैन एवं उसके साथियों पर
एफआइआर दर्ज होने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं होने दी और केवल अजय संधू का नाम सभी एफआइआर पुलिस जांच में डलवा दिया।

क्या मामला है

ए.एल.एम एवं एस.ए.एस के ठेके दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम द्वारा वर्ष 2008 में निकाले गये था। जिसके बाद रणदीप सिंह सुरजेवाला के निजी दोस्त जोकि रणदीप के सारे पैसे का लेनदेन एवं अन्य कामों की देखरेख करने वाले ईश्वर सिंह नैन ने अजय संधू से मुलाकात करके बताया कि दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण
निगम में कई टेंडर मैनपॉवर के लिए टेंडर निकलेंगे, जोकि मैं आपको दिलवा सकता हूं। अजय संधू मैनपॉवर सह्रश्वलाई का काम करता था, जोकि ईश्वर सिंह नैन को पहले से पता था। अजय संधू ने ईश्वर सिंह नैन से बात आगे बढ़ाई। नैन ने अजय संधू की मुलाकात रणदीप सिंह सुरजेवाला से करवाई। इस मुलाकात में रणदीप सिंह सुरजेवाला ने अजय संधू को स्पष्ट कहा कि संधू सिक्योरिटी कंपनी में ईश्वर सिंह नैन को 50 प्रतिशत का पार्टनर बनाओ और जैसे नैन कहता है, वैसे ही काम करते जाओ, आपको बिजली बोर्ड के सभी टेंडर अलॉट हो जाएंगे। अजय संधू ने ईश्वर नैन को 5 जुलाई 2008 को संधू सिक्योरिटी में पार्टनर बना लिया और फर्म एंड सोसायटी जींद जिला रजिस्ट्रार के पास नैन की पार्टनरशिप रजिस्टर्ड करवा दी। जिसके कुछ दिनों बाद ईश्वर सिंह नैन ने अजय संधू को बताया कि भिवानी में ए.एल.एम/एस.ए.एस के टेंडर निकल गये हैं, मंत्री सुरजेवाला ने एसई राजपाल को सारी बात समझा दी, आप टेंडर फार्म ले आओ और टेंडर हमारी कंपनी को ही मिलेगा। जिसके बाद अजय संधू ने ईश्वर नैन को कहा कि हमारी कंपनी तो बिजली निगम के टेंडर फार्म की किसी भी शर्त को पूरा नहीं करती है। जिसके बाद ईश्वर नैन ने कहा कि टेंडर अलॉट करवाना हमारा काम है। जिसके बाद संधू सिक्योरिटी जोकि टेंडर फार्म की किसी भी शर्त को पूरा नहीं करती थी, ने टेंडर फार्म भर दिया और एसई राजपाल के नेतृत्व में बनी कमेटी ने 11 नवंबर 2008 को वर्क ऑर्डर अलॉट कर दिया। दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम ने विभिन्न जगह पर एस.ई. सर्कल वाइज टेंडर निकाले, नारनौल, फरीदाबाद, गुडग़ांव शामिल थे। यह टेंडर भी संधू सिक्योरिटी सर्विस द्वारा भरे गये, जोकि नारनौल के एस.ई. पीसी गुप्ता, फरीदाबाद के श्री सचदेवा और गुडग़ांव के एस.ई. श्री चौहान ने रणदीप सिंह सुरजेवाला का फोन आने के बाद संधू सिक्योरिटी को टेंडर अलॉट कर दिये। इन सर्कल में भी संधू सिक्योरिटी टेंडर फार्म की किसी शर्त को पूरा नहीं करती थी। यह दोनों टैक्नीकल शर्ते थी, जिनके बिना टेंडर मिल ही नहीं सकता था, लेकिन रणदीप सिंह सुरजेवाला के फोन आने पर एवं दबाव के कारण बिजली निगम के अधिकारियों ने सभी नियमों को ताक पर रख दिया।






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