समाचार ब्यूरो
25/05/2018  :  10:25 HH:MM
केरल में निपाह का प्रकोप
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केरल में एक नई बीमारी का आतंक है। ये रोग निपाह नाम के वायरस से फैल रहा है। निपाह वायरस पशुओं से मनुष्य में फैलता है। इससे पशु और मनुष्य दोनों गंभीर रूप से बीमार हो सकते हैं। इस विषाणु के स्वाभाविक वाहक चमगादड़ हैं।

कोझीकोट में मरीजों का इलाज करने वाली एक नर्सिंग सहायक की भी मौत हो गई है। वहां और पड़ोसी मलह्रश्वपुरम जि़ले में कई लोग तेज़ बुखार और इस संक्रमण के लक्षणों से बीमार हैं। राज्य सरकार इस मामले में असहाय और किंकर्तव्यविमूढ़ दिखती है। राज्य की स्वास्थ्य मंत्री शैलजा ने आश्वासन दिया है कि सरकार ने
विषाणु के प्रसार को रोकने के लिए सभी ज़रूरी क़दम उठाए गए हैं। लेकिन संक्रमण का प्रसार रुकने के फिलहाल संकेत नहीं हैं। राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र का एक दल हालात का जायज़ा लेने के लिए कोझीकोड गया है। वहां दो नियंत्रण कक्ष खोले गए हैं। मगर ये उपाय अब तक बेअसर हैं। डॉक्टरों के मुताबिक यह विषाणु संक्रमित व्यक्ति के सीधे संपर्क में आने से फैलता है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने नेशनल सेंटर फॉर डिजीज़ कंट्रोल (एनसीडीसी) के निदेशक के नेतृत्व में एक मल्टी डिसिह्रश्वलीनरी टीम का गठन किया है। विश्व स्वास्थ्य सगं ठन के अनसु ार निपाह वायरस के कारण मनष्ु य म ें कर्इ  बिना लक्षण वाल े रोगो ं स े लेकर एक्यूट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम और इंसेफलाइटिस तक हो सकता है। इस वायरस से सुअरों और अन्य घरेलू जानवर भी बीमार हो सकते हैं। इसके उपचार के लिए अभी तक इसका टीका विकसित नहीं हुआ है। निपाह वायरस की पहचान पहली बार 1998 में मलेशिया के कामपुंग सुंगई निपाह में बीमारी के फैलने के दौरान हुई थी।
उस समय सूअर इसके वाहक थे। बांग्लादेश में 2004 में इस विषाणु का मनुष्य म ें सक्रं मण हअु ा था। यह विषाण ु सक्रं मित चमगादड ़ स े दूि षत खजरू  का रस पीन े स े फैला था। केरल के कोझिकोड जि़ले में पिछले दो हफ्ते में कथित रूप से ‘निपाह’ का प्रकोप फैला है। वहां पहले एक विषाणु एक ही परिवार के तीन व्यक्तियों की मौत हो गई। हालांकि उसके बाद राज्य सरकार सावधान हुई, लेकिन यह भी सामने आया कि जिस राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था की चौतरफा तारीफ होती है, वह अचानक फैले किसी सक्रं मण स े निपटन े म ें अक्षम ह।ै बहरहाल, अब इस पर सार े दश्े ा को ध्यान दने े की जरूरत है। केंद्र को चाहिए कि इस समय वह केरल की पूरी मदद करे। साथ ही ये ध्यान रखे कि इस वायरस का प्रसार उस राज्य के बाहर ना हो।






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