समाचार ब्यूरो
09/06/2018  :  12:31 HH:MM
हरियाणा सरकार ने कदम खींच
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चंडीगढ़ हरियाणा सरकार द्वारा पेशेवर खिलाडिय़ों के लिए तय की गई नई शर्तों पर दिनभर विवाद छिड़ा रहा तो देर शाम मुख्यमंत्री ने कैबिनेट मंत्री अनिल विज तथा खेलकूद विभाग के प्रधान सचिव अशोक खेमका द्वारा जारी की गई अधिसूचना को होल्ड कर दिया है। दिल्ली दरबार से झाड़ पडऩे के बाद बैकफुट पर आई सरकार के लिए अब नया विवाद शुरू हो गया है। और उसने अपने कदम खींच लिए है।

उल्लेखनीय है कि सरकार की एक अधिसूचना शुक्रवार को सुबह करीब 10 बजे सार्वजनिक हुई थी। जिसमें सरकार ने निर्णय लिया था कि जो खिलाड़ी सरकारी नौकरी में हैं और वह पेशेवर खेल खेलते हैं अथवा किसी कंपनी के लिए विज्ञापन करते हैं तो उससे होने वाली समस्त आय को स्पोट्र्स काउंसिल के खाते में जमा कराना होगा। नौकरीशुदा खिलाड़ी की आमदनी सिर्फ वही होगी, जो उसे वेतन के रूप में मिलते है। खेल एवं युवा कार्यक्रम विभाग की अधिसूचना के मुताबिक कोई खिलाड़ी यदि नौकरी से छुïट्टी लेकर पेशेवर खेल खेलने अथवा विज्ञापन करने जाता है तो उसे समस्त कमाई का एक तिहाई हिस्सा स्पोट्र्स काउंसिल के खाते में जमा कराना होगा। बाकी राशि पर खिलाड़ी का खुद का हक होगा। सरकार ने यह अधिसूचना 27 अप्रैल को तैयार की है, जिसे राज्यपाल ने 30 अप्रैल को मंजूरी प्रदान कर दी।दिनभर खिलाड़ी तथा विपक्षी राजनीतिक दल जहां इस अधिसूचना के विरोध में बयान देते रहे वहीं अनिल विज और अशोक खेमका इस अधिसूचना को सही करार देने में लगे रहे। सूत्रों के अनुसार खिलाडिय़ों का यह विवाद कई टीवी चैनलों पर आ गया और यह मामला पार्टी हाईकमान के संज्ञान में आ गया। राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह दिल्ली जाते समय कुछ देर के लिए वह अंबाला में भी रूके थे जहां अनिल विज ने शक्ति प्रदर्शन करते हुए उनका स्वागत किया था। सुबह से ही विज के विभाग से संबंधित यह मामला सुर्खियों में आ गया।

हाईकमान ने मुख्यमंत्री को संवेदनशील मामले को यहीं दबाने के निर्देश जारी किए। जिसके बाद आनन-फानन में मुख्यमंत्री ने खेलकूद मंत्री तथा अशोक खेमका के फैसले को होल्ड कर दिया है। विरोध बढ़ता देख मुख्यमंत्री ने शाम एक ट्वीट के जरिये कहा कि उन्होंने खेल विभाग की संबंधित फाइल तलब कर ली है। साथ ही अधिसूचना की कापी भी मंगवा ली है। अगले आदेश तक संबंधित अधिसूचना में जारी आदेशों को होल्ड कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें अपने प्रदेश के खिलाडिय़ों पर नाज है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य के खिलाडिय़ों के हितों पर किसी भी तरह की आंच नहीं आने दी जाएगी। मुख्यमंत्री के टवीट् के बाद विवाद और बढ़ गया है। खेल मंत्री पूरे विवाद के जनक माने जाने वाले आइएएस अधिकारी डा. अशोक खेमका के साथ खड़े नजर आ रहे हैं। उन्होंने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देश तथा उन सभी सरकारी नियमों का हवाला दिया, जिनके आधार पर अशोक खेमका ने खिलाडिय़ों की रकम सरकारी खजाने में जमा कराने
संबंधी आदेश जारी किया है।






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