Breaking News
बिहार में बाढ़ का तांडव, 29 लोगों की जान गई  |  भारत का लंबा प्रयास हो रहा निष्प्रभावी अफगानिस्तान-अमेरिका ने शांति वार्ता से भारत को किया अलग  |  गुरुग्राम को हरा भरा और प्रदूषण मुक्त करना सभी की जिम्मेदारी : राव  |  दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चर्चा  |  पुलिस आयुक्त मोहम्मद अकिल और उपायुक्त अमित खत्री सम्मानित  |  अशोक सांगवान की अध्यक्षता में गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण की बैठक जल भराव संबंधी शिकायतों के लिए बना कंट्रोल रूम  |  हुनरमंद युवा अपनी प्रतिभा के दम पर प्राप्त कर सकेगा रोजगार :बीरपंथी  |  बरसात के बाद जी.टी. रोड पर भरा पानी, राहगीर हुए परेशान  |  
 
 
समाचार ब्यूरो
23/09/2018  :  09:57 HH:MM
जादूई कोशिकाओं का मिलान- जीनबंधु द्वारा जीवन का एक उपहार
Total View  611

किसी ने सही कहा है कि जरूरत में जो साथ दे, वास्तव में वही सच्चा मित्र होता है। मेरे लिए जीनबंधु और जोरावर जी बिल्कुल वैसे ही हैं। यह कहना है 18 वर्षीय तेजवीर का। हिसार के रहने वाले तेजवीर को चार साल पहले एक्यूट लिंफोब्लास्टिक ल्यूकेमिया (एएलएल) बीमारी से ग्रस्त होने की बात पता चली। इस घातक बीमारी से लडऩे और उसका जीवन बचाने का एकमात्र समाधान बोन मैरो ट्रांसह्रश्वलांट था। वास्तव में भारत अप्रयुक्त जेनेटिक ज्ञान का कूप स्रोत है जहां इस अवधारणा के बारे में जागरूकता की कमी है।
मज्जा (बोन मैरो) के ट्रांसह्रश्वलांट के लिए मानव ल्यूकोकाइट एंटिजेन (एचएलए) खोजना कोई चमत्कार से कम नहीं है जहां भारतीय जेनोटाइप के बहुत कम डेटा और मुीभर भारतीय रजिस्ट्रीज हैं। जीनबंधु नाम के एनजीओ ने इस विशेष क्षेत्र में विश्वसनीय डेटा को सफलतापूर्वक बनाए रखा है और पिछले कई वर्षों में स्वेच्छा से दान करने वालों की भर्ती कर एक स्टेम सेल रजिस्ट्री तैयार की है। तेजवीर सिंह की महत्वाकांक्षा थी कि वह ओलंपिक में एक पहलवान के तौर पर भारत का प्रतिनिधित्व करे। दुर्भाग्य से उसके शरीर में इस घातक बीमारी का पता चला जो तब होता है जब मज्जा की एक कोशिका अपने डीएनए में गड़बडिय़ां पैदा कर लेती है। उसके सपने, उसकी आंखों के सामने ही धूमिल होने लगे। परिवार के लोगों ने तेजवीर के लिए उसके मैच का मज्जा तलाशना शुरू किया, लेकिन उसके परिवार में किसी से उसका मज्जा मेल नहीं खाया। इस तरह से इस घातक बीमारी से बचने का एकमात्र उपाय गैर रिश्तेदार डोनर से मज्जा का ट्रांसह्रश्वलांट था। परेशानी की इस घड़ी में डाक्टरों ने उसे आशा की एक किरण दिखाई। उन्हें जीनबंधु की रजिस्ट्री से मेल खाता मज्जा मिला और दान करने वाला भारतीय था। अपने व्यापक डेटाबेस के साथ जीनबंधु ने जोरावर सिंह को चिन्हित किया जोकि एक दिहाड़ी बढ़ई और तेजवीर का जेनेटिक मित्र था।मज्जा की हार्वेस्टिंग से स्टेम सेल्स निकालना सुगम होता है जोकि ऐसे रक्त और जेनेटिक गड़बडिय़ों के लिए उपचारात्मक बीज हैं। यह कोई दर्दनाक प्रक्रिया नहीं है जैसा कि एक दशक पहले होता थी, लेकिन इसको लेकर जागरूकता केवल उन्हीं परिवारों तक सीमित है जो स्वयं इस दर्दनाक कटु अनुभव से गुजर रहे हैं। भारत में ट्रांसह्रश्वलांट टेक्नोलाजी अत्यधिक विशेषीकृत और उन्नत है, लेकिन पंजीकृत दानकर्ता की कमी, सहयोग एवं कार्रवाई के अभाव के चलते हजारों लोग इस बीमारी से हार मान लेते हैं। जीनबंधु विभिन्न समुदायों और क्षेत्रों से लोगों का डेटाबेस बनाए रखते हुए इस खाई को पाटने की दिशा में अनवरत कार्य कर रहा है।






Enter the following fields. All fields are mandatory:-
Name :  
  
Email :  
  
Comments  
  
Security Key :  
   5652167
 
     
Related Links :-
हार्ट में 2 छेद वाले बच्चे को मिली नई जिंदगी
एमजीएफ मैट्रोपॉलिटन मॉल में लगा कंपोस्ट ह्रश्वलांट
हरियाणा अव्वल स्थान पर रहा प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में: अनिल विज
स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम 6 जुलाई को अंबाला में : कादियान
स्वस्थ जीवन की शुरुआत करने में सहयोग करें : मनोहर लाल
पीएम के साथ कॉस्मॉस-माया के मोटू-पतलू ने किया योगासन
महिलाओं में शर्मसार करने वाली बीमारी का बढ़ रहा है प्रकोप
हरियाणा में हर जिले से हलका स्तर पर योग दिवस के कार्यक्रम, सोनीपत में कविता जैन ने किया योग जीवन शैली में परिवर्तन लाएगा योगा
फाइनल रिहर्सल : 4 हजार से अधिक साधकों ने एक साथ किया योगाभ्यास
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के आयोजन की तैयारियों को अंतिम रूप