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समाचार ब्यूरो
12/10/2018  :  12:01 HH:MM
डिप्रेशन, एंग्‍जाइटी और ओसीडी के इलाज के लिए माइंडफुल टीएमएस न्यूरोकेयर की क्रांतिकारी पद्धति-अब भारत मे
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नई दिल्ली डप्रेशनके इलाज के लिए भारत की पहली सुपर स्पेशलाइज्ड न्यूरोकेयर सेंटर्स की श्रृंखला माइंडफुल टीएमएस न्यूरोकेयर को लॉन्‍च किया गया। इसे रंगसंस आल्‍थकेयर द्वारा पेश किया गया है जोकि एनआर ग्रुप का हिस्‍सा है और लोकप्रिय अगरबत्‍ती ब्रांड साइकल ह्रश्व‍योर अगरबत्‍तीज की मूल कंपनी है।

यह अपनी तरह का पहला सेंटर होगा जो भारत में डिप्रेशन, एंग्जाइटी और ओसीडी के इलाज के लिए यूएस एफडीए-मान्‍यता प्राह्रश्व‍त ट्रांसक्रैनियल मैग्नेटिक स्टिम्युलेशन (टीएमएस) का इस्तेमाल करेगा।रंगसंस के एमडी पवन रंगा के साथ ही मनोचिकित्सा व व्यवहारगत न्यूरोसाइंसेस विभाग, लोयोला यूनिवर्सिटी मेडिकल सेंटर, शिकागो, अमेरिका के प्रोफेसर और चेयरमैन डॉ. मुरली एस. राव तथा नई दिल्ली के वरिष्ठ मनोचिकित्सक डॉ. जतीन उकरानी उपस्थित थे।दुनिया भर में टीएमएस डिप्रेशन के लिए एक असरदार नॉन-ड्रग आधारित
उपचार के तौर पर उभरा है जिसमें कोई साइड इफेक्ट नहीं हैं।
इसने डिप्रेशन, ओसीडी और एडिक्‍शन जैसी मानसिक बीमारियों को हराने में हजारों रोगियों की मदद की है। यह उन लोगों के लिए भी असरदार साबित हुआ है जिन पर एंटीड्रिप्रेसेंट काम करने में नाकाम रहे हैं। इसके असर को मान्यता देते हुए, दुनियाभर में कई स्वास्थ्य बीमा कंपनियां टीएमएस उपचार को कवर करती हैं। ट्रांसक्रैनियल मैग्नेटिक स्टिम्युलेशन (टीएमएस) एक बिना चीरफाड़ वाली प्रक्रिया है जिसमें दिमाग में लक्षित कोशिकाओं और न्‍यूरोट्रांसमिटर्स को स्टिमुलेट करने के लिए मैग्‍नेटिक फील्‍ड्स का प्रयोग किया जाता है। ताकि
डिप्रेशन और अन्‍य मानसिक बीमारियों के लक्षणों को सुधार जा सके।

 एक नियमित टीएमएस का सत्र लगभग 19 मिनट तक चलता है और उन्नत संस्करण करीब 9 मिनट, जिसके बाद रोगी तुरंत अपनी सामान्य गतिविधियां फिर से शुरू कर सकते हैं।रंगसंस के एमडी और एनआर ग्रुप के मैनेजिंग पार्टनर श्री पवन रंगा ने कहा, ‘वर्तमान में, डिप्रेशन और एडिक्‍शन बीमारियां बड़ी आम हो चली हैं जिसने भारत की आबादी के एक बड़े हिस्से को प्रभावित किया है। मैंने डिप्रेशन के मरीजों के परिवारों द्वारा झेली जाने वाली पीड़ा का अनुभव किया है। भारत में मानसिक बीमारियों के साथ तंबाकू की चुनौतियां भी जुड़ी हुई हैं, और जागरुकता की कमी के कारण वे शायद इस बीमारी का सामना कर रहे हैं। परिणमस्‍वरूप, डिप्रेशन से पीडि़त अधिकांश लोग सामने आकर मदद नहीं मांगते हैं। माइंडफुल एमएस न्‍यूरोकेयर में हमारा उद्देश्‍य, जागरुकता पैदा करना और उन मरीजों की मदद करना है जिन्‍होंने इलाज को लेकर प्रतिक्रिया नहीं दी है। हमारी सबसे बड़ी ताकत है कि हम वैश्विक हैं।






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