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समाचार ब्यूरो
14/10/2018  :  12:07 HH:MM
किसानों ने धान के अवशेषों को आग के हवाले कर दिया
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रिफाइनरी/घरौंडा़ फसल अवशेषों में कोई किसान आग न लगाए, इसके लिए प्रदेश सरकार भरसक प्रयास कर रहे है। लेकिन नियमों को ताक पर रख किसान फसल अवशेष जलाने से नहीं चूक रहे है। ऐसा ही एक नजारा शनिवार को गांव रजापुर के आस-पास दिखाई दिया, जहां किसानों ने धान के अवशेषों को आग के हवाले कर दिया।

फानों में आग लगने से धुएं का एक गुबार आसमान में छा गया और सडक़ से गुजरने वालों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। हालांकि गांव रजापुर में कुछ दिन पहले किसानों को फसल अवशेष जलाने से होने वाली हानियों के बारे में कृषि विभाग ने एक कैम्प लगाया था। जिसमें किसानों को फसल अवशेष जलाने से पर्यावरण व भूमि को होने वाले नुकसानों से अवगत करवाया था। साथ ही यह भी बताया था कि यदि कोई किसान फानों में आग लगाता है तो उस पर जुर्माना भी लगाया जाएगा। बावजूद इसके अधिकारियों के ये बातें
किसानों पर कोई असर न दिखा सकी। रात के अंधेरे में जलाए जाते है फसल अवशेष : जापुर में फसल अवशेष जलाने का यह कोई पहला मामला नही है। इससे पूर्व भी बहुत से किसानों ने फानों में आग लगाई है। आग लगाने का यह खेल रात के अंधेरे में ज्यादा होता है, क्योंकि दिन के उजाले में तो कोई अधिकारी मौके पर आ पहुंचता है लेकिन रात के समय इस प्रकार का खतरा कम रहता है। जिससे बेखौफ किसान फसल अवशेषों को आग लगा देते है। घुटने लगता है दम-ग्रामीणों और राहगीरों का कहना है कि जहां पर भी खेतों में आग लगाई जाती है वहां पर वातावरण में धुआं ही धुआं फैल जाता है। जिससे सांस लेने में भी परेशानी होती है। साथ ही आंखों में भी जलन होने लगती है और वातावरण में उमस भर जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि हर साल यह समस्या सामने आती है, किसान खेतों में आग लगाते है और प्रशासन कुछ जुर्माना लगाकर कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति कर देता है। मैं क्या कर सकता हूं। जिला प्रशासन ने सभी पंचायतों को इस बारे में निर्देश जारी किए हुए। लेकिन रजापुर पंचायत के सरपंच इस ओर से गैरजिम्मेदार बने हुए है। सरपंच का कहना है कि मैने गांव में मुनियादी करवा रखी है कि कोई किसान फसल अवशेष न जलाए, लेकिन जब मैं किसी काम के लिए गांव से बाहर चला जाता हूं तो मेरे पीछे से कोई खेतों में आग लगा दें, तो इसमें मैं क्या कर सकता हूं। सरपंच अमरजीत, ग्राम पंचायत रजापुर






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