समाचार ब्यूरो
21/10/2018  :  11:00 HH:MM
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तड़पते मरीज, डॉक्टर नहीं मौजूद
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घरौंडा एक तरफ सरकार जनता को सुविधाएँ देने की ढिंढोरा पीटते नही थकती, वहीं घरौंडा का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राजनीती का अड्डा बन जाने के कारण मरीजों को भगवान भरोसे छोड़ा जा रहा है। हॉल ही में पूरे दिन केंद्र में एक भी डॉक्टर न होने से अस्पताल में अफरा तफरी का माहौल रहा था।
सोशल मिडिय़ा पर मामला उछलने के बाद सांय को दो डॉक्टर यहाँ भेजे गए। सूत्रों से जानकारी मिली है कि यहां 5 डॉक्टर्स की नियुक्ति है उनमें से कुछ के डेपुटेशन पर जाने के बाद आज तक वापस नही आये। दूसरा यहां महिला डॉ व् एसएमओ की खींचतान के कारण यह राजनीती का अखाडा बन कर रह गया है। आज रात्रि को इमरजेंसी में कई केस आये मगर कोई डॉ मोके पर नही मिला और मरीज तड़पते रहे। मौजूद नर्सो द्वारा साफ तौर पर कहा गया कि यहां कोई डॉ नही है। आप बाहर इलाज करवा ले। जबकि मरीजो की हालत गम्भीर थी।मामला शुक्रवार की शाम करीब आठ बजे का था। डेरा संजय नगर गांव का सरदार करनैल सिंह अपनी पुत्री सपना को लेकर यहां पहुंचे, लेकिन इमरजेंसी में कोई डॉक्टर नहीं होने के कारण मरीज सपना करीब आधे घंटे तक सपना अस्पताल में बाहर बेंच पर ही तड़पती रही। नर्स ने मरीज को देखे बिना ही दो टूक जवाब दिया कि यहां डॉक्टर नहीं है आप कहीं ओर ले जा सकते हैं। अस्पताल से मिले गैर जिम्मेदाराना जवाब के बाद सपना के परिजनों के हाथ पांव फूल गए। अस्पताल में कोई मदद मिल सके, इस आस में सपना के पिता करनैल सिंह ने नगरपालिका के वाइस चेयरमैन कंवलजीत प्रिंस को फोन किया। इसके बाद प्रिंस और पार्षद ओंकार शर्मा कुछ अन्य साथियों के साथ अस्पताल में पहुंचे और मरीज के ईलाज को लेकर हंगामा किया। करनैल सिंह ने बताया कि वाइस चेयरमेन व अन्य लोगों के हंगामा किए जाने के बाद नर्स ने मरीज को ट्रीटमेंट दिया। करनैल सिंह ने बताया कि वाइस चेयरमेन व अन्य लोगों के हंगामा किए जाने के बाद नर्स ने मरीज को ट्रीटमेंट दिया। कहा प्रिंस ने..नगरपालिका के उप चेयरमेन कंवलजीत प्रिंस हस्पताल की हालत देखकर दुखी हुए और बोले की हस्पताल में मरीज बड़ी उम्मीद लेकर आते है। और वहां डॉक्टर्स के न होने से उनके साथ अनहोनी के लिए कोन जिम्मेवार होगा। एसएमओ से उन्होंने बाद करनी चाही तो उन्होंने फोंन नही उठाया। फिर अचानक प्रिंस के फोन पर उनकी घण्टी बजी तो उन्होंने लापरवाही से पल्ला झाड़ते हुए कहा कि नर्से है वहां। और अपनी जिम्मेवारी से बचते हुए नजऱ आये।और वे मोके पर भी नही पहुंचे। इसी बीच एक गांव ने हुए झगड़े से घायल व्यक्ति अस्पताल पहुंचा। आधा घण्टे इंतजार के बाद उसे भी बाहर का रास्ता बता दिया। ओर स्लिप पर नर्स ने लिख दिया च्नो डॉ अवेलेबल इन इमरजेंसीज्। एक बेहोश युवक को कुछ लोग लेकर आये। मगर इलाज नही हुआ। ये गत रात होने के बाद प्रिन्स व मौजूद लोगों का कहना रहा की इससे तो अच्छा गई की केंद्र को ताला जड़ दिया जाये। सुविधाएँ यहाँ आज टाँय टाँय फिस्स होती नजऱ आई। ओर लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर।अधिकारी भी एक दूसरे पर पल्ला झाड़ते नजऱ आये। नही मिला उनसे कोई संतुष्टिपूर्ण जवाब।डॉ. राजिंद्र सिंह, डिह्रश्वटी सीएमओ करनाल--इमरजेंसी में डॉ. अजय छिक्कारा की ड्यूटी है। अगर वह ड्यूटी पर नहीं हैं तो इस बारे में आप सीएमओ से बात कर लें। मैं इस बारे में कुछ नहीं बता सकता।






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