समाचार ब्यूरो
08/01/2017  :  15:02 HH:MM
बागवानी विज्ञान विवि को मिली 50 करोड़ की मंजूरी
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हरियाणा के करनाल जिला के गांव अंजनथली में स्थापित किए जा रहे बागवानी विज्ञान विश्वविद्यालय के लिए केन्द्र सरकार ने 50 करोड़ रुपये की मंजूरी दे दी है और पहली किस्त के रूप में पांच करोड़ रुपये जारी भी कर दिए गए हैं। यह हरियाणा का पहला बागवानी विज्ञान विश्वविद्यालय है।

 इसकी आधारशिला केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री राधा मोहन सिंह ने 6 अप्रैल 2016 को रखी थी। राज्य सरकार ने इस विश्वविद्यालय के प्रथम कुलपति के रूप में प्रो. के.पी. सिंह को नियुक्त किया है। प्रो. के.पी. सिंह चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार के कुलपति भी हैं। हरियाणा के कृषि एवं कल्याण मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा राज्य में एक संपूर्ण बागवानी विश्वविद्यालय स्थापित करने का निर्णय लिया गया था जिससे शिक्षण, अनुसंधान और विस्तार गतिविधियों के बीच की खाई को पाट कर आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके। इससे युवा पीढ़ी को नवीनतम प्रौद्योगिकी और बागवानी शिक्षा का ज्ञान मिल सकेगा।उन्होंने बताया कि राज्य के विभिन्न कृषि जलवायु परिस्थितियों का प्रतिनिधित्व करने के लिए इस विश्वविद्यालय के तीन क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र होंगे। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह विश्वविद्यालय से आधुनिक युग की नई प्रौद्योगिकियों को लाने,जलवायु परिवर्तन,
उत्पादकता के स्तर में सुधार करने और उचित फसल विविधिकरण अपनाने में मदद मिलेगी।

श्री धनखड़ ने बताया कि यह विश्वविद्यालय उत्पादन, कटाई के बाद प्रबंधन और प्रसंस्करण उद्योगों में प्रशिक्षित मानव शक्ति के लिए बड़ी मांग को पूरा करने के लिए एक कौशल विकास केंद्र के रूप में भी कार्य करेगा। राज्य में मूल्य संवर्धन और कृषि प्रसंस्करण उद्योगों के लिए एक बड़ी गुंजाइश है। दिल्ली और चंडीगढ़, पंचकूला एवं मोहाली के ट्राइसिटी के निकट होने के कारण यह विश्वविद्यालय उक्त शहरों के एक उत्कृष्ट विपणन और निर्यात चैनल उपलब्ध करवाएगा। इसके अलावा विस्तार अधिकारियों और किसानों को न केवल उत्पादकता स्तर को ऊपर उठाने ,बल्कि कृषि आय बढ़ाने में भी इस विश्वविद्यालय से मदद मिलेगी।






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