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07/02/2019  :  09:39 HH:MM
मंडी में जगह नहीं मिली तो सब्जी लेकर डीसी दरबार पहुंचे किसान
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जींद सब्जी मंडी में किसानों को सब्जियां बेचने के लिए जगह नहीं मिली तो सब्जी उत्पादक किसान सब्जियां लेकर डीसी कार्यालय पहुंच गए। किसानों का कहना था कि सब्जी मंडी में फड़ों पर मांसाखोरों तथा आढ़तियों ने अवैध रूप से कब्जा किया हुआ है। जिसका बकायदा किराया भी वसूला जा रहा है। हालांकि सरकार ने मार्केट फीस को समाप्त किया हुआ है, बावजूद इसके सब्जी मंडी में फीस के नाम पर उगाही का सिलसिला लगातार जारी है।

किसानों ने मांग की कि उन्हें इस तरह की अंधेरगर्दी से छुटकारा दिलाया जाए और उन्हें किसानों के लिए बनाए गए शैडों में जगह उपलब्ध करवाई जाए। सब्जी मंडी में चल रही अंधेरगर्दी की शिकायत किसानों ने सीएम विंडो पर भी दी है। गांव अहिरका, अमरहेड़ी, जलालपुर खुर्द, हैबतपुर और ईक्कस के सब्जी उत्पादक किसान बुधवार को अपनी सब्जी गोभी, गाजर, धनिया लेकर डीसी अमित खत्री से मिलने लघु सचिवालय परिसर पहुंचे। डीसी के न मिलने पर किसान तहसीलदार प्रवीन कुमार से मिले और मुख्यमंत्री को संबोधित किसान समस्याओं का ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा। किसानों का कहना था कि आजादी के इतने वर्षों बाद भी सब्जी उत्पादक किसान अपनी ही मंडी में दुर्दशा, अव्यवस्था और जलालत का शिकार हैं। सब्जी मंडी में आढ़तियों ने अपनी दुकानों के आगे 50 फुट के फड़ के ऊपर शैड
डाल कर और नीचे गेट लगाकर कब्जा कर रखे हैं और उन्हें आगे किराए पर दे रखा है। आढ़ती खुद सडक़ पर रख कर सामान बेचते हैं। मंडी के बीच में बनाए गए दो बड़े शैडों में किसानों के लिए कहीं कोई जगह नहीं है। शैडों के चारों तरफ आढ़तियों द्वारा बाहर से मंगवाए गए सब्जी और फलों से लदे वाहन खड़े रहते हैं। बीच में रेहड़ी वाले स्थायी तौर पर खड़े हैं। किसानों के लिए सडक़ पर ही थोड़ी सी जगह बचती है, जहां वह अपनी रिक्शा या रेहड़ी में से सामान उतार कर बेचने को मजबूर है। यहां भी उसे सब्जी मंडी के आढ़तियों और मांसाखोरों के साथ हर रोज जगह को लेकर झगड़ा होने का डर बना रहता है।






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