04/04/2019  :  10:01 HH:MM
अमेरिका के फार्माकोलॉजिस्ट प्रो.टेकवानी ने दवाइयों की दी जानकारी
Total View  743

गुरुग्राम विश्वविद्यालय में अमेरिका के फार्माकोलॉजिस्ट प्रो. बाबू एल. टेकवानी पहुंचे। गुरुग्राम विश्वविद्यालय के माननीय वाइस चांसलर डॉ. मार्कण्डेय आहूजा जी ने प्रो. टेकवानी का स्वागत किया। डॉ. मार्कण्डेय आहूजा जी ने प्रो. बी एल टेकवानी को सम्मान चिन्ह् भेंट किया। प्रो. टेकवानी ने फार्मास्यूटिकल साइंस विभाग के छात्रों को नई दवाइयां के शोध एवं उसके निर्माण विषय पर संबोधित किया। प्रो टेकवानी ने छात्रों को दवाई बनाने से लेकर उसे बाजार में लाने तक की प्रक्रिया को समझाया।

प्रो. बाबू एल. टेकवानी ने कहा कि दवाइयों का रिजल्ट पता करने के लिए कई सॉफ्टवेयर बन चुके हैं। इससे रिजल्ट आने में समय और लागत कम आती है। इसके लिए थ्री आर टूल यानि रिह्रश्वलेसमेंट, रिडक्शन, रिफाइन्मेंट का इस्तेमाल होता है। इसमें जानवरों की
बजाय कंह्रश्वयूटराइज्ड तकनीक का उपयोग होने से जानवरों के उपयोग में कमी आएगी। प्रो. टेकवानी ने छात्रों को क्लिनिकल डेवलपमेंट के बारे में बताया। इसके साथ ही प्रोफेसर टेकवानी ने छात्रों को ड्रग रिसर्च की तरफ बढऩे के लिए प्रेरित किया। प्रो. टेकवानी ने अलग-अलग बीमारियों से जुड़ी दवाइयों पर कैसे शोध किया जाता है और फिर उन्हें कैसे इस्तेमाल में लाना है, इस प्रक्रिया को बारीकी से समझाया। नई तकनीक से कैसे दवाइयों को बनाया जा सकता है इसके बारे में भी फार्मेसी विभाग के छात्रों को अवगत करवाया। दरअसल, प्रो बाबू एल. टेकवानी ड्रग्स पर कई रिसर्च कर चुके हैं जिस वजह से फार्मा के क्षेत्र में बाबू एल. टेकवानी एक प्रसिद्ध नाम है। बाबू एल टेकवानी अमेरिका में ड्रग डिस्कवरी विभाग उच्च पद पर कार्यरत हैं। इस व्याख्यान के दौरान फार्मेसी विभाग से प्रो. धीरेंद्र कौशिक, डॉ. तरुण ढूल, शैली, ईशा, गरिमा, डॉ. अपर्णा, भारती समेत तमाम अध्यापकगण और कर्मचारी मौजूद रहे।






Enter the following fields. All fields are mandatory:-
Name :  
  
Email :  
  
Comments  
  
Security Key :  
   8715824
 
     
Related Links :-
रोटरी हेल्थ कार्निवाल में रोटेरियंस ने हेल्थ के प्रति किया जागरुक
डॉक्टर्स दिवाली की शुभकामनाएं देने मरीजों के घर पहुंच
डॉ.बेदी ने मिनिमली इनवेसिव सर्जरी में नए डेवलपमेंट्स पर गेस्ट लेक्चर दिया
डायबटीज से पीडि़तों के लिए आर्ट एग्जीबिशन
ऑर्थो कैम्प में 60 सीनियर सिटिजन की जांच की गई
रक्त की कमी से होने वाले थैलेसीमिया रोग का जागरुकता शिविर आयोजित
50 सीनियर सिटीजंस ने ‘मीट योअर डॉक्टर्स’ प्रोग्राम में हिस्सा लिया
भारत में कैंसर दूसरा सबसे बड़ा हत्यारा
वल्र्ड मेंटल हेल्थ डे: युवाओं ने खास अंदाज में दिया जागरूकता संदेश
स्तन कैंसर से बचने के लिए जागरूक और सावधान रहना जरूरी