समाचार ब्यूरो
11/04/2019  :  10:49 HH:MM
थोड़ा भी असहज महसूस करें तो कोताही नहीं बरते
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गुरुग्राम भले ही अब शरीरिक रूप से चुस्त-दुरूस्तहो लेकिन यह गलतफहमी नहीं पाले कि कोई घातक बीमारी आपको छू नहीं सकती। देश में ज्यादातर लोग अपने स्वास्थ्य को लेकर उतने जागरूक नहीं होते इसलिए जब मर्ज बढ़ जाता है तो बगलें झांकने लगते है। अर्थिक रूप से कंगाली तो आती है शरीर भी खोखला हो जाता है। आज के जमाने में हर व्यक्ति थकान की समस्या से जूज रहा है। यह समस्या केवल कम रक्तचाप के कारण ही नहीं होती बल्कि उनके थाईरॉईड, रक्तचाप या हॉर्मोन्स की समस्याएं जैसे कई कारण हो सकते है।
यह कहना है गुरुग्राम सेक्टर 34 स्थित नेशनल लैंब (स्टैंर्ड लाइफ साइंसेस) के निदेशक डॉ. राजन वर्मा कै। उन्होंने कहा कि उत्तर भारत में नेशनल लैंब अति आधुनिक लैब है जहां जहां फटिग पैनल टेस्ट की सुविधा है। सेहत के खतरों को जानते हुएं फटिग पैनल महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है। आप जितनी जल्दी अपने शरीर में मौजूद खतरों को पहचान जाते है तो उसका उसका निदान कर सेहतमंद जिंदगी जी सकते है। डॉ. वर्मा ने कहा हमारे एक शोध जो एक हजार मरीजों पर किया गया था। चौकाने वाले नतीजे देखने को मिले। 30 फीसदी मरीजों में अनुवंशिक कैंसर जैसी घातक बीमारी के लक्षण मिले। उन्होंने कहा स्ट्रैंड लाईफ साइंसेस एक वरीयताप्राप्त लैंब और जेनोमिक प्रोफाईलिंग देश की एकमात्र ऐसी कंपनी है जो आपके वेलनेस रिपोर्टिंग के लिए ब्ल्यू प्रिंट उपलब्ध कराती है। यह ब्ल्यू प्रिंट कई वेलेनेस पैनल्स के साथ जोड़ी जाती है इनमें फटिग पैनल टेस्ट का समावेश है। फटिग पैनल टेस्ट ऐसी जांच है जो शरीर महत्तपूर्ण अवयवों की जांच करता है। जांच में करीब 80 पैरामीटर होते है। जांच में मैप टेस्ट के साथ हर एक व्यक्ति के लिए विशिष्ट समय के लिए सुनिश्चित घटक होते है। एक व्यक्ति के लिए पेशेवरों के लिए एक व्यापक तस्वीर बन जाती है। इस नयी विशेषता के कारण व्यक्ति की सेहत से संबंधित व्यापक जांच के निष्क र्ष मिलना मूमकिन हो जाता है। ग्राफ को रंगों से बनाया जाता है जैसे डीप/ बॉटल ग्रीन-कम खतरा, हरा- साधारण खतरा, लाल-अधिक खतरा। विदेशों की तुलना में इस की देशमें क ीमत भी काफी कम होती है। फटिग पैनल टेस्ट स्टैर्ड लाईफ साइंसेस की 28 प्रयोगशाला जो 28 गुणवत्ता से युक्त लैबोरेटरीज है। उल्लेखनीय है जहां पहुचने के लिए एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचने में छह घटें लगते है। कंपनी की देश 2000 से अधिक प्रकार की जांच इन हाऊस की जा सकती है जिस से कम से कम टीएटी (टोटल एक्शन टाईम) में हो सकें ।






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