समाचार ब्यूरो
13/04/2019  :  09:49 HH:MM
जनरूफ टेक के साथ अपने घर को तीन अतिरिक्त, मूल्य से जोड
Total View  674

चंडीगढ़ अपना खुद का घर बनाना शायद सबसे बड़ा सपना है जिसे हर आम आदमी देखता है। भारतीय घरों में भी लोग जब अपने पहले फ्लैट की बुकिंग करते हैंतब कितनी खुशियाँ मनायी जाती है, हम सभी जानते हैं। लेकिन सवाल यह है कि हम अपने सपनों के घर को देखते कैसे हैं?

घर के शानदार होने, आरामदायक होने, संपत्ति का पुनर्विक्रय मूल्य मिलने, या शायद सुरक्षा के उपाय चुस्त होने के अलावा भी कुछ है जो 2019 के तकनीकी उन्नदति के दौर में महत्वकपूर्ण है। जी हां, भारत के नागरिक अब अपनी नई संपत्ति में नए मूल्य जोडऩे के लिए नए तरीके अपना रहे हैं। आइए, हरियाणा के फरीदाबाद में रहने वाले शरद कुमार की कहानी को देखते हैं कि उन्होंने अपनी नई संपत्ति में नए मूल्य कैसे जोड़े। उन्होंने अपने घर को पर्यावरण अनुकूल बनाया, बिजली के बिल को कम किया, और आईओटी टेक्नोलॉजी से घर की बिली खपत पर निगरानी भी रखी। शरद अपने परिवार के साथ फरीदाबाद के सेक्टर 30 में रहते हैं। उन्होंने हाल ही में अपना नया घर शानदार प्रकाश व्यवस्था और आधुनिक उपकरणों के साथ बनाया, लेकिन उनकी समस्या थी कि उनके घर के ये सभी उपकरण मासिक
आधार पर कई टन बिजली यूनिट लेते थे। शरद ने काफी सोच-विचार करने के बाद मुफ्त उपलब्धक धूप का उपयोग करने के लिए अपनी छत पर सौर पैनल स्थापित करने का निर्णय लिया, जिससे न केवल उनके सपनों का घर पर्यावरण के अनुकूल होगा, बल्कि इससे बिजली उत्पादन लागत में भी काफी कमी आएगी। शरद ने सोलर अपनाने का फैसला किया और भारत में एक अग्रणी सौर इंस्टॉलेशन होम टेक कंपनी, जनरूफ टेक से संपर्क किया। शरद की योजना समझने के बाद, जनरूफ ने शरद के घर का विस्तृत साइट मूल्यांकन किया और 3 किलो वाट ग्रिड-टाई सिस्टम को स्थापित करने का सुझाव दिया। शरद के घर में स्था पित जूनरूफ के ग्रिड टाई इन्वर्टर ने न केवल सोलर पॉवर के जरिये अपने मासिक बिजली बिल को कम किया, बल्कि सोलर पैनलों द्वारा उत्पादित अतिरिक्त सौर ऊर्जा को ग्रिड में बेचकर पैसा भी कमाया। ग्रिड-टाई सोलर इन्वर्टर, जिसे ऑन-ग्रिड सोलर इन्वर्टर के रूप में भी जाना जाता है, मुख्य ग्रिड के साथ मिलकर काम करता है। यह सीधे सोलर के माध्यम से लोड चलाने और ग्रिड को वापस फीड करके बिजली कंपनी को अतिरिक्त सौर ऊर्जा बेचने का लाभ प्रदान करता है।

ग्रिड-टाई इन्वर्टर को केवल उन क्षेत्रों में स्थापित किया जा सकता है, जहां मेंस सह्रश्वलामई पर्याप्त रूप से उपलब्ध है, जैसाकि शरद के घर के साथ था। अपने घर पर सफलतापूर्वक सोलर इंस्टालेशन के बाद, शरद कुमार अब दैनिक सौर उत्पादन की निगरानी के लिए आईओटी संचालित तकनीक का उपयोग करते हैं। वह अपने घर से दैनिक, साप्ताहिक और मासिक रूप से पैदा होने वाली यूनिट्स को देख सकते हैं और वह उस धनराशि को भी देख सकते हैं जो उन्होंने सोलर इंस्टालेशन के बाद बचाया है। इसे परफेक्ट ड्रीम होम कहा जाता है! शरद को सोलर सिस्टाम से प्रतिदिन लगभग 9 यूनिट बिजली पैदा होने की उम्मीद है, जो मौसम की स्थिति पर भी निर्भर करती है। यह सिस्टम अब सौर उर्जा पर चल रहा है और हमेशा शरद के सपनों के घर में बिजली प्रदान कर रहा है। शरद कहते हैं- ‘यह अपने आप मेरे सपनों के घर में अतिरिक्त मूल्य पैदा कर रहा है।






Enter the following fields. All fields are mandatory:-
Name :  
  
Email :  
  
Comments  
  
Security Key :  
   524167
 
     
Related Links :-
डीपीएमआई ने किया प्राथमिक चिकित्सा सत्र का आयोजन
गुरुग्राम जिले में 15 से 17 सितंबर तक पल्स पोलियो अभियान
गुरुग्राम विवि में मनाया गया विश्व फिजियोथेरेपी दिवस
घरेलू जड़ी बूटियां मुक्त रख सकती हैं तनाव से : दहिया
भारत ने यूनान के थेस्सालोनिकी अंतर्राष्ट्रीय मेले में लिया हिस्सा
सघन ओरल हेल्थ जागरूकता अभियान चलाया जाएगा : विज
स्वच्छ भारत मिशन हर भारतीय का अभियान बना : राष्ट्रपति कोविंद
‘मलेरिया मुक्त मेवात’ अभियान का शुभारंभ
अमेरिकन महिला को भारत में मिला चिकित्सा का उपहार
जब से बना नाला नहीं हुई सफाई