Breaking News
बिहार में बाढ़ का तांडव, 29 लोगों की जान गई  |  भारत का लंबा प्रयास हो रहा निष्प्रभावी अफगानिस्तान-अमेरिका ने शांति वार्ता से भारत को किया अलग  |  गुरुग्राम को हरा भरा और प्रदूषण मुक्त करना सभी की जिम्मेदारी : राव  |  दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चर्चा  |  पुलिस आयुक्त मोहम्मद अकिल और उपायुक्त अमित खत्री सम्मानित  |  अशोक सांगवान की अध्यक्षता में गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण की बैठक जल भराव संबंधी शिकायतों के लिए बना कंट्रोल रूम  |  हुनरमंद युवा अपनी प्रतिभा के दम पर प्राप्त कर सकेगा रोजगार :बीरपंथी  |  बरसात के बाद जी.टी. रोड पर भरा पानी, राहगीर हुए परेशान  |  
 
 
समाचार ब्यूरो
19/04/2019  :  10:52 HH:MM
अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस के प्रस्ताव को किया खारिज मसूद अजहर को लेकर चीन के रुख में कोई बदलाव नहीं
Total View  634

बीजिंग चीन अपने अडिय़ल रवैयै के लिए ख्यात है और अपनी मनवाने के लिए वह किसी भी हद तक जा सकता है। पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्म्द के सरगना मसूद अजहर को लेकर भी उसका अडिय़ल रवैया बरकरार है। उसने बुधवार को उन खबरों को सिरे से खारिज कर दिया जिनमें अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने के लिए संयुक्त राष्ट्र में लगाई गई तकनीकी रोक को हटाने के लिए 23 अप्रैल तक की समय सीमा की बात कही गई है।
चीन ने दावा किया कि यह एक पेचीदा मामला है और यह हल होने की दिशा में बढ़ रहा है। जम्मू कश्मीर के पुलवामा में आतंकी हमले के बाद, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की 1267 अल कायदा प्रतिबंध कमेटी में फ्र ांस, ब्रिटेन और अमेरिका अजहर पर प्रतिबंध लगाने के लिए नया प्रस्ताव लेकर आए थे। बहरहाल, चीन ने प्रस्ताव पर ‘तकनीकी रोकज् लगा दी थी। इसके बाद, अमेरिका ने ब्रिटेन और फ्र ांस के समर्थन से सीधे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अजहर को काली सूची में डालने के लिए प्रस्ताव लेकर आया। सुरक्षा परिषद में चीन के पास वीटो की ताकत है। उसने यह कहते हुए कदम का विरोध किया है कि मुद्दे को 1267 समिति में ही हल किया जाना चाहिए। इस तरह की खबरें थी कि तीनों देशों ने 1267 समिति में अपनी तकनीकी रोक हटाने के लिए चीन को 23 अप्रैल तक की समय सीमा दी थी और इसके बाद वे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में मुद्दे पर चर्चा कराएंगे। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता यू कांग ने कहा, ‘मुझे यह नहीं पता कि आपको यह जानकारी कहां से मिली। उन्होंने कहा कि सुरक्षा परिषद और उसके आनुषंगिक निकाय 1267 समिति के स्पष्ट नियम और प्रक्रिया हैं। उन्होंने कहा, ‘आप को उन सूत्रों से स्पष्टीकरण लेना चाहिए जहां से आपको ऐसी जानकारी मिली है। उन्होंने कहा कि चीन का रुख बहुत स्पष्ट है। यह मुद्दा सहयोग के जरिए हल होना चाहिए। हमारा मानना है कि सदस्यों में बिना सहमति बनाए किसी भी प्रयास के संतोषजनक परिणाम नहीं होंगे। कांग ने कहा, अजहर को सूची में शामिल करने के मुद्दे पर, चीन के रुख में कोई बदलाव नहीं हुआ है। हम संबंधित पक्षों के साथ संपर्क में हैं। यह मुद्दा हल होने की दिशा में बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, संबंधित पक्ष संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के जरिए नए प्रस्ताव थोप रहे हैं। हम जोरदार ढंग से इसका विरोध करते हैं।






Enter the following fields. All fields are mandatory:-
Name :  
  
Email :  
  
Comments  
  
Security Key :  
   778888
 
     
Related Links :-
भारत का लंबा प्रयास हो रहा निष्प्रभावी अफगानिस्तान-अमेरिका ने शांति वार्ता से भारत को किया अलग
पाक प्रधानमंत्री इमरान खान को एसजीपीसी ने दिया नगर कीर्तन में शामिल होने का निमंत्रण
इमरान बोले- लूटा धन वापस करें नवाज-जरदारी
एफबीआई ने लंदन की कोर्ट में किया दावा पाकिस्तान में ही रह रहा है अंडरवल्र्ड डॉन दाऊद इब्राहिम
किम और ट्रम्प की बैठक ऐतिहासिक : उत्तर कोरिया
ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री ने किया ट्वीट मोदी संग ली सेल्फी, कहा ‘कितना अच्छा हैं मोदी’
ईरान पर अमेरिका ने लगाए बेहद कड़े प्रतिबंध
रावलपिंडी में बम विस्फोट, बाल-बाल बचा मसूद अजहर
चीन में 6 तीव्रता का भूकंप, 11 की मौत, 122 जख्मी
सर्जिकल स्ट्राइक और क्रिकेट मैच की तुलना ठीक नहीं : पाक सेना