समाचार ब्यूरो
20/04/2019  :  09:38 HH:MM
फसल अवशेष जलाने पर प्रतिबंध लगाने को लेकर बैठक
Total View  675

पलवल उपायुक्त डॉ. मनीराम की अध्यक्षता में लघु सचिवालय के सभागार में खेतों में गेहूं के फसल अवशेष जलाने पर प्रतिबंध लगाने बारे बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें संबंधित अधिकारियों फसल अवशेष जलाने के संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान करने व फसल अवशेष जलाने से रोकने के लिए कड़ी निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर पलवल के उपमंडल अधिकारी (ना.) जितेंद्र कुमार, होडल के उपमंडल अधिकारी (ना.) वत्सल वशिष्ठï, हथीन के उपमंडल अधिकारी (ना.) वकील अहमद, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी शमशेर सिंह नहरा, होडल के तहसीलदार गुरुदेव सिंह, पलवल के तहसीलदार रोहताश, कृषि विभाग के उपमंडल अधिकारी कुलदीप तेवतिया, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी मौजूद थे।उपायुक्त ने कहा कि तहसील तथा ब्लॉक स्तर पर मोबाइल स्क्वायड टीम गठित की जाए। यह टीमें गांवों में जाकर निरीक्षण करेंगी तथा यह सुनिश्चित करेंगी कि कोई भी किसान कृषि अवशेष न जलाए। इस कार्य में ग्राम स्तरीय कमेटियों व जागरूक ग्रामीणों का भी सहयोग लिया जाए। उन्होंने बताया कि पर्यावरण प्रदूषण की संभावना के मद्देनजर फसल अवशेष जलाने पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध है। इसके साथ
ही फसल अवशेष जलाने से पर्यावरण प्रदूषण के साथ जनजीवन के स्वास्थ्य, जान-माल की हानि व तनाव जैसी स्थितियों की संभावना बनी रहती है, इन अवशेषों से पशुओं के लिए भूसा बनाया जा सकता है। फसल अवशेष जलाने से पशुओं के लिए चारे की भी कमी हो
जाती है तथा जमीन के मित्र कीट भी नष्ट हो जाते हैं, जिसके कारण जमीन की उपजाऊ शक्ति समाप्त होने लगती है।






Enter the following fields. All fields are mandatory:-
Name :  
  
Email :  
  
Comments  
  
Security Key :  
   3480062
 
     
Related Links :-
डीपीएमआई ने किया प्राथमिक चिकित्सा सत्र का आयोजन
गुरुग्राम जिले में 15 से 17 सितंबर तक पल्स पोलियो अभियान
गुरुग्राम विवि में मनाया गया विश्व फिजियोथेरेपी दिवस
घरेलू जड़ी बूटियां मुक्त रख सकती हैं तनाव से : दहिया
भारत ने यूनान के थेस्सालोनिकी अंतर्राष्ट्रीय मेले में लिया हिस्सा
सघन ओरल हेल्थ जागरूकता अभियान चलाया जाएगा : विज
स्वच्छ भारत मिशन हर भारतीय का अभियान बना : राष्ट्रपति कोविंद
‘मलेरिया मुक्त मेवात’ अभियान का शुभारंभ
अमेरिकन महिला को भारत में मिला चिकित्सा का उपहार
जब से बना नाला नहीं हुई सफाई