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समाचार ब्यूरो
08/05/2019  :  09:20 HH:MM
बिल्डरों ने उड़ाया व्यवस्था का मखौल
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बहादुरगढ़ बिल्डर खुलेआम व्यवस्था का मखौल उड़ा रहे हैं और उन्हें कानून व्यवस्था का कोई डर नहीं है। ऐसा ही एक मामला पीडीएम यूनिवर्सिटी, बहादुरगढ़, हरियाणा में देखने में आया है, जहां उन्होंने एक रियल एस्टेट परियोजना शुरू की है और लगभग आठ साल बाद दिवालिया होने की पेशकश की है, जबकि दूसरी ओर उन्होंने एक समारोह में पंजाबी गायक हार्डी संधू को आमंत्रित किया और यूनिवर्सिटी का प्रचार करने के लिए उसे मध्यमवर्गीय लोगों की मेहनत की कमाई में से एक मोटी रकम का भुगतान किया।

सेवानिवृत्त रक्षा कर्मचारी, सेवारत लोग, वरिष्ठ नागरिक सभी बिल्डर की मनमानी से पीडि़त हैं। पीडीएम ने पिछले एक साल से अपने कर्मचारियों के वेतन का भुगतान नहीं किया है। इसके जवाब में 200 से अधिक पीडि़त परिवारों ने अपने बच्चों और महिलाओं के साथ शाम 5.30 बजे पीडीएम यूनिवर्सिटी, बहादुरगढ़, हरियाणा में इक_ा हुए, ताकि अपनी मेहनत की कमाई को बचाने के लिए भ्रष्ट बिल्डर के खिलाफ लड़ाई लड़ सकें।

लोगों की मांगें :
1. परियोजना जल्दी पूर्ण करके फ्लैटों का आवंटन किया जाये अथवा ब्याज के साथ धन की वापसी की जाये।

2. पीडीएम समूह को चाहिए कि फ्लैटों का निर्माण पूरा करने का इरादा दिखाये और खर्चीली जीवन शैली बंद करे। पीडीएम यूनिवर्सिटी परिसर में भव्य आयोजनों की मेजबानी जैसे अनावश्यक खर्चों को रोकना चाहिए। तभी तो वे होमबॉयर्स की गाढ़ी कमाई का पैसा
वापस कर सकते हैं।

3. कंपनियों और निदेशकों व उनके परिजनों के बैंक खातों की पिछले 10 वर्षों की पूरी जांच और विस्तृत फोरेंसिक ऑडिट कराया जाना चाहिए।

4. पिछले 3 वर्षों की फोरेंसिक ऑडिट रिपोर्ट और दिल्ली ईओडब्ल्यू एफआईआर नं. 0059 दिनांक 04/04/2019 के आधार पर निदेशकों की गिरफ्तारी होनी चाहिए।

5. कब्जा मिलने या धन की वापसी तक बैंक ऋण के ईएमआई की माफी होनी चाहिए। यद्यपि माननीय दिल्ली उच्च न्यायालय के निर्देश पर, पीडीएम बाइ एफओडब्ल्यू के प्रवर्तक लाठार्स के खिलाफ निष्पक्ष जांच हेतु एक प्राथमिकी दर्ज की गयी है। जैसा कि बिल्डर को अदालत के मामले में दबाव मिल रहा है, उन्होंने खरीदारों को गंभीर परिणाम के साथ स्थानीय गुंडों का उपयोग करने की धमकी देना शुरू कर दिया है।






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