समाचार ब्यूरो
15/05/2019  :  10:41 HH:MM
चुनाव आयोग के पास शिकायतों की भरमार हरियाणा में वोटिंग के दौरान जमकर हुई गड़बडिय़ां
Total View  15

चंडीगढ़ हरियाणा में लोकसभा के लिए दो दिन पहले हुए मतदान के दौरान कई तरह की अनियमितताएं सामने आ रही हैं। जिसके चलते विपक्षी दल कांग्रेस व आम आदमी पार्टी ने सत्तारूढ़ भाजपा को निशाने बनाते हुए केंद्रीय चुनाव आयोग तथा हरियाणा के मुख्य चुनाव आयुक्त को शिकायतें भेजी हैं।

इस मामले में हरियाणा कांग्रेस प्रभारी गुलाम नबी आजाद, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, कांग्रेस अध्यक्ष अशोक तंवर तथा आम आदमी पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष नवीन जयहिंद ने पहलकदमी करते हुए शिकायतें भेजी हैं। लगभग सभी शिकायतों में सत्तारूढ़ भाजपा पर निशाना
साधा गया है। हरियाणा कांग्रेस प्रभारी गुलाम नबी आजाद ने केंद्रीय चुनाव आयोग को एक पत्र लिखकर हरियाणा के राज्य मंत्री मनीष ग्रोवर के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा है कि ग्रोवर ने अपने पद का दुरूपयोग करते हुए एक अपराधिक प्रवृत्ति के व्यक्ति के साथ मिलकर आधा दर्जन बूथों पर कैह्रश्वचरिंग का प्रयास किया है। आजाद ने अपने पत्र में कहा कि भाजपा के मंत्री ने मतदाताओं को धमकाने का प्रयास किया है। मंत्री के साथ अपराधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्तियों ने सामान्य आदमी पर प्रभाव डालने का प्रयास किया है। जिसके चलते मंत्री के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने भाजपा सरकार पर चुनावी ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों से जानबूझकर वोट का अधिकार छीनने का आरोप लगाया है। हुड्डा ने आज यहां जारी एक बयान में कहा कि आज सुबह रोहतक जिला से संबंधित कुछ कर्मचारी उनसे मिले। इन कर्मचारियों की 12 मई को चुनाव ड्यूटी लगाई गई थी।

हुड्डा ने बताया कि उक्त कर्मचारियों को संबंधित रिटर्निंग अधिकारियों ने ई.डी.सी. (इलैक्शन ड्यूटी सर्टीफिकेट) जारी नहीं किया गया हालांकि उन्होंने ई.डी.सी. जारी करने बारे ऑनलाइन आवेदन कर दिया था। केवल कुछ कर्मचारियों को ही यह सर्टीफिकेट जारी किया गया। अधिकतर कर्मचारियों को यह सर्टीफिकेट जारी ही नहीं किया गया, जिस कारण वह अपने वोट के अधिकार का उपयोग नहीं कर सके। हुड्डा ने भाजपा सरकार पर जानबूझ कर इस तरह के घटनाक्रम को अंजाम दिए जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि इन कर्मचारियों को इलेक्शन ड्यूटी सर्टीफिकेट जारी न करवाकर उन्हें वोट के अधिकार से वंचित कर दिया। इसके पीछे हुड्डा का तर्क है कि प्रदेश में अधिकतर सरकारी कर्मचारी सरकार के विरूद्ध हैं। जिसके चलते सरकार ने जानबूझ कर उन्हें वोट के अधिकार का इस्तेमाल नहीं करने दिया।






Enter the following fields. All fields are mandatory:-
Name :  
  
Email :  
  
Comments  
  
Security Key :  
   7980393
 
     
Related Links :-
रिहायशी इलाके में शराब का ठेका खोलने पर डीएलएफ निवासियों ने किया प्रदर्शन
दोषी चाहे कितना बड़ा रसूखदार ही क्यों ना हो कानून सबके लिए एक जैसा है : सोनिया
छेड़छाड़ की घटना को किसी भी सूरत में सहन नहीं किया जायेगा: सुमित
निगम के अधिकारियों की मिलीभगत से चलते है शहर में अवैध निर्माण : स्वामी
713 किलोग्राम गांजा जब्त, तीन गिरफ्तार
परनीत के सभा से जाते ही अकाली व कांग्रेसी भिड
राहुल गांधी के दोहरी नागरिक संबंधी याचिका सुप्रीम कोर्ट ने किया खारिज
आप प्रत्याशी आतिशी रोते हुए बोलीं- आपत्तिजनक पर्चे बांटे गए
बिल्डरों ने उड़ाया व्यवस्था का मखौल
गुरमीत राम रहीम का प्रयास नाकाम सीबीआई के विरोध पर याचिका वापस ली