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समाचार ब्यूरो
21/05/2019  :  09:52 HH:MM
हैह्रश्वपीनेस कार्यक्रम में लोगों ने लिया भाग
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समालखात्नआर्ट ऑफ लिविंग संस्था के 6 दिवसीय हैह्रश्वपीनेस प्रोग्राम आयोजित किया गया। जिसमें काफी संख्या में महिला-पुरूषों ने लिविंग कार्यक्रम से लाभ प्राप्त किया। में शिक्षिक प्रीति अरोड़ा व अदिति अरोड़ा ने कोर्स के प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए बताया कि प्रोग्राम का सबसे महत्वपूर्ण और अभिन्न हिस्सा है सुदर्शन क्रिया।
यह कहना बहुत ही आसान है कि क्रोध मत करो, ईष्र्या महसूस मत करो, परन्तु कैसे? ऐसी अवस्था में उचित निर्णय कैसे लिया जा सकता है, दैनिक भावनात्मक तनाव को अपने मन से मुक्त करने के लिए सुदर्शन क्रिया आवश्यक है। ये एक सहज लयबद्ध शक्तिशाली तकनीक है जो विशिष्ट प्राकृतिक श्वास की लयों के प्रयोग से शरीर, मन और भावनाओं को एक ताल में लाती है। यह तकनीक तनाव, थकान और क्रोध, निराशा, अवसाद जैसे नकारात्मक भावों से मुक्त कर शांत व एकाग्रमन, ऊर्जित शरीर के साथ एक गहरा विश्राम प्रदान करती है। 16 प्रतिभागियों ने भाग लिया। कोर्स के आयोजक व आर्ट ऑफ लिविंग के युवा वॉलिंटियर अमन अरोड़ा ने एक बड़ा हैह्रश्वपीनेस कोर्स कराने के बारे में बताया और लोगों को अधिक से अधिक प्रतिभागियों के साथ इस प्रोग्राम में जुडऩे का आह्वान किया।






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