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समाचार ब्यूरो
30/05/2019  :  09:05 HH:MM
जिला एवं सत्र न्यायधीश ने जिला कारागार का किया औचक निरीक्षण्
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करनाल जिला एवं सत्र न्यायधीश एवं जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के अध्यक्ष जगदीप जैन ने मंगलवार देर सायं जिला कारागार करनाल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण सीजेएम एवं सचिव हितेश गर्ग, जुविनायल जस्टिस बोर्ड की प्रिंसिपल मैजिस्ट्रेट अनुराधा, एसीजेएम हरीश गोयल, जेएमआईसी हरलीन पाल सिंह तथा जेएमआईसी मुकेश कुमार भी मौजूद थे। सेशन जज ने हर बैरक में जाकर कैदियों से बातचीत की और उनकी समस्याओं को सुना।

कारागार में बंद कैदियों की मुख्य समस्या उनके फोन नम्बर चालू न होना थी। जिसके द्वारा वे अपने घरवालों से बात कर सकें। सैशन जज ने जेल अधीक्षक को आदेश दिए कि जल्द ही इनकी समस्याओं का समाधान किया जाए। इस दौरान कैदियों ने बताया कि जेल में चिकित्सों की भी कमी है जिसके कारण उन्हें बहुत सारी परेशानियों का सामना कर पड़ रहा है।एक अन्य निर्देश में सेशन जज ने जेल प्रशासन को कहा कि जेल में स्थित कैंटीन में टोकन की व्यवस्था की जाए ताकि लंबी-लंबी लाईनें न लगें और कैदियों का आपसी झगड़ा न हो। गौरतलब है कि पिछले दिनों कैंटीन के आगे लंबी लाईन के कारण दो कैदियों का आपसी झगड़ा हो गया था। सैशन जज ने अपने निरीक्षण के दौरान कैंटीन में जाकर बंदियों को मिल रहे सामान की भी जांच की।

इस दौरान उन्होंने रसोईघर में जाकर कैदियों के लिए बन रहे खाने को भी चखा तथा जेल की सफाई व्यवस्था का भी जायजा लिया। इस दौरान प्रिंसिपल मैजिस्ट्रेट अनुराधा ने जेल स्थित मुंडाखाना का निरीक्षण किया और बाल अपराधियों से बातचीत की। डॉ. प्रियदर्शी
रंजन ने मीडिया को बताया कि अभी किडनी के 90 फीसदी रोगी डायलिसिस के जरिए अपनी जिंदगी बचा रहे है। सिर्फ दस फीसदी रोगी ही ट्रांसह्रश्वलांट अपना रहे है। उन्होंने आई किडनी एप के जरिए 16 स्वैप किडनी ट्रांसह्रश्वलांट किए है। मानव अंग ट्रांसह्रश्वलांट इसकी इजाजत देता है। लेकिन अभी बहुत कम स्वैप किडनी ट्रांसह्रश्वलांट किए जा रहे है। स्वैप किडनी ट्रांसह्रश्वलांट अभी सौ फीसदी सफल रहे है।






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