समाचार ब्यूरो
11/06/2019  :  09:14 HH:MM
कठुआ गैंगरेप मामले में १७ माह बाद आया फैसला तीन दोषियों को उम्रकैद और तीन को ५-5 साल की सजा
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पठानकोट जम्मू-कश्मीर के कठुआ में आठ वर्षीय बच्ची के साथ हुए वीभत्स बलात्कार और उसकी हत्या के केस में विशेष अदालत ने सोमवार को अपना फैसला सुना दिया है। मामले की सुनवाई कर रही पठानकोट की स्‍पेशल कोर्ट ने सात में से 6 आरोपियों को दोषी करार दिया है।

6 दोषियों के नाम सांजी राम, दीपक  खजूरिया, आनंद दत्‍ता, तिलक राज, सुरेंद्र और प्रवेश हैं। वहीं कोर्ट ने विशाल जंगोत्रा को मामले से बरी कर दिया है। देश को झकझोर कर रख देने वाली इस घटना के तीन दोषियों दीपक खजुरिया, सांजी राम और परवेश कुमार को उम्रकैद की सजा सुनाई हैं। इसके अलावा इन पर कोर्ट ने एक-एक लाख का जुर्माना भी लगाया है। वहीं, सबूतों से छेड़छाड़ करने वाले तीन अन्य दोषी पुलिसकर्मियों को कोर्ट ने 5 साल की सजा दी है। सुबह सुनवाई के दौरान कोर्ट ने 7 में से 6 आरोपियों को दोषी करार दिया था। आपको बता दें कि स्पेशल कोर्ट ने 6 दोषियों में से 3 को रेप और मर्डर का दोषी पाया। बाकी तीन को सबूत मिटाने का दोषी माना गया। सांजी राम, परवेश कुमार, दीपक खजुरिया को 302 (मर्डर), 376 (रेप), 120 बी (साजिश), 363 (किडनैपिंग) के तहत दोषी करार दिया गया। कोर्ट ने पुलिसकर्मी आनंद दत्ता, सुरेंद्र कुमार, तिलक राज को 201 (सबूतों को मिटाना) के तहत दोषी माना। वहीं फुटेज से पता चला कि विशाल घटना के समय मौके पर मौजूद नहीं था।

यह सीसीटीवी फुटेज 15 जनवरी, 2018 दोपहर करीब 3 बजे की थी। इसमें विशाल उत्‍तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के मीरापुर के एटीएम से पैसे निकालते दिख रहा था। 15 पन्नों के आरोप पत्र के अनुसार पिछले साल 10 जनवरी को अगवा की गई आठ साल की बच्ची को कठुआ जिले के एक गांव के मंदिर में बंधक बनाकर उसके साथ दुष्कर्म किया गया। उसे चार दिन तक बेहोश रखा गया और बाद में उसकी हत्या कर दी गई थी। मामले में रोजाना आधार पर सुनवाई पड़ोसी राज्य पंजाब के पठानकोट में जिला और सत्र अदालत में पिछले साल जून के पहले सप्ताह में शुरू हुई थी। उच्चतम न्यायालय ने मामले को जम्मू कश्मीर से बाहर भेजने का आदेश दिया था जिसके बाद जम्मू से करीब 100 किलोमीटर और कठुआ से 30 किलोमीटर दूर पठानकोट की अदालत में मामले को भेजा गया। शीर्ष अदालत का आदेश तब आया जब कठुआ में वकीलों ने अपराध शाखा के अधिकारियों को इस सनसनीखेज मामले में आरोपपत्र दाखिल करने से रोका था। इस मामले में अभियोजन दल में जेके चोपड़ा, एसएस बसरा और हरमिंदर सिंह शामिल थे। अपराध शाखा ने इस मामले में ग्राम प्रधान सांजी राम, उसके बेटे विशाल, किशोर भतीजे तथा उसके दोस्त आनंद दत्ता को गिरफ्तार किया था। दो विशेष पुलिस अधिकारियों दीपक खजुरिया और सुरेंद्र वर्मा को भी गिरफ्तार किया गया। सांजी राम से कथित तौर पर चार लाख लेने और महत्वपूर्ण सबूतों को नष्ट करने के मामले में हेड कांस्टेबल तिलक राज एवं एसआई आनंद दत्ता को गिरफ्तार किया गया। जिला और सत्र न्यायाधीश ने आठ आरोपियों में से सात के खिलाफ दुष्कर्म और हत्या के आरोप तय किए थे।






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