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समाचार ब्यूरो
04/07/2019  :  09:56 HH:MM
एफबीआई ने लंदन की कोर्ट में किया दावा पाकिस्तान में ही रह रहा है अंडरवल्र्ड डॉन दाऊद इब्राहिम
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लंदन पाकिस्तान सार्वजनिक मंचों पर अपराधियों और आतंकियों को शरण देने से हमेशा इनकार करता रहा है। अब अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई ने भी लंदन की एक अदालत में दावा किया है कि उसके पास इस बात के पुख्ता सबूत है कि अंडरवल्र्ड डॉन और आतंकी सरगना दाऊद इब्राहिम पाकिस्तान में ही शरण लिए हुए है।

वह इस समय अपने अंतरराष्ट्रीय अपराध सिंडिकेट को कराची से ही ऑपरेट कर रहा है। दाऊद इब्राहिम के खास सहयोगी जाबिर मोतीवाला के अमेरिका प्रत्यर्पण के ट्रायल के पहले दिन अमेरिका की तरफ से वकील जॉन हार्डी ने कोर्ट में पक्ष रखा। उन्होंने कहा एफबीआई न्यूयॉर्क में डी कं पनी के लिंक की जांच कर रही है। डी कंपनी का नेटवर्क पाकिस्तान, भारत और यूएई में फैला हुआ है। इस कंपनी का प्रमुख दाऊद इब्राहिम है, जो पाकिस्तान में रह रहा है। एफबीआई की तरफ से उसका पक्ष रखते हुए जॉन हार्डी ने कहा दाउद और उसके भाई 1993 में भारत से भागने में सफल रहे थे। पिछले 10 साल में डी-कंपनी ने अमेरिका में भी अपने पैर फैलाने शुरू कर दिए हैं। खास तौर पर मनी लॉन्ड्रिंग और उगाही के काम डी कंपनी अंजाम दे रही है। दाऊद के खास सहयोगी जाबिर मोतीवाला को अमेरिका ले जाकर पूछताछ का मामला लंदन की कोर्ट में चल रहा है। मोतीवाला को लंदन से एफबीआई ने 2018 में अंडरकवर एजेंट के जरिए जाल बिछाकर पकड़ा था। जॉन हार्डी ने मोतीवाला के प्रत्यर्पण की दलील देते हुए कहा एफबीआई जांच से स्पष्ट हुआ है कि मोतीवाला सीधे दाउद को रिपोर्ट करता था। डॉन के इस करीबी सहयोगी का काम उगाही, मनी लॉन्ड्रिंग, वसूली करना था।

अमेरिकी की प्रत्यर्पण अपील के खिलाफ मोतीवाला ने अपील की है। अमेरिकी जांच एजेंसी उसे अमेरिका ले जाकर ड्रग्स ट्रैफिकिंग, मनी लॉन्ड्रिंग और दूसरे अपराधों का ट्रायल शुरू करना चाहती है। मोतीवाला मंगलवार को लंदन कोर्ट में पेश हुआ। उस पर ड्रग्स ट्रैफिकिंग, मनी लॉन्ड्रिंग, उगाही और आतंकवाद के लिए पैसे जुटाने जैसे आरोप हैं। लिएना बेजेंट ने क्राउन प्रॉसिक्यूशन सर्विस का प्रतिनिधित्व करते हुए कहा कि इस बात के प्रमाण हैं कि मोतीवाला की डी-कंपनी चलाने वालों के साथ बैठक हुई थी और वह लगातार कई तरह की आपराधिक गतिविधियों में संलग्न रहा है। जज ने मोतीवाला की जमानत याचिका को खारिज कर विडियो लिंक के जरिए 28 अगस्त की सुनवाई में पेश होने का आदेश दिया है।






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