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समाचार ब्यूरो
05/07/2019  :  09:15 HH:MM
सुप्रीम कोर्ट ने गैंगरेप और हत्या के मामले में 7 की फांसी पर लगाई रोक
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नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने रोहतक में सन 2015 में एक अक्षम नेपाली महिला के साथ हुए गैंगरेप और हत्या के मामले में 7 दोषियों की फांसी की सजा पर रोक लगा दी है। सुप्रीम कोर्ट ने दोषियों द्वारा दायर की गई उस याचिका को स्वीकार कर लिया जिसमें पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा दी गई सजा पर रोक लगाने की मांग की गई है।

हरियाणा के रोहतक जिला सत्र न्यायालय ने मानसिक रूप से अक्षम नेपाली महिला के साथ 1 फरवरी 2015 में बलात्कार और उसकी हत्या करने के आरोप में 7 लोगों को दोषी ठहराते हुए उन्हें मौत की सजा सुनाई थी, इसके बाद इस साल 20 मार्च को पंजाब हरियाणा
हाईकोर्ट ने मुजरिमों की अपील खारिज कर दी थी और उनकी फांसी की सजा बरकरार रखते हुए उन पर सेशन कोर्ट से लगे जुर्माने की रकम को 1.75 लाख से बढ़ाकर 50 लाख रुपए कर दिया था। कोर्ट ने इसे बेहद संगीन अपराध बताया था। यह अपराध रोहतक जिले के गड्डी खेरा गांव में हुआ था। इस मामले में दोषियों ने पीडि़ता के साथ दरिंदगी भरा बर्ताव किया था और सामूहिक बलात्कार के बाद पत्थरों से मार मार कर उसकी हत्या कर दी थी। इस मामले में पुलिस ने सात लोगों को पकड़ा था जबकि 22 साल का सोमबीर आठवां मुल्जिम था, जो फरार हो गया था। बाद में उसने दिल्ली के बवाना इलाके में आत्महत्या कर ली थी। इस घटना के विरोध में रोहतक में लोग सडक़ों पर उतर आए थे और अपराधियों को गिरफ्तार कर फांसी पर लटकाने की मांग को लेकर प्रदर्शन और जुलूस निकाले थे। सेशन कोर्ट ने अपराधियों को सजा सुनाते हुए कहा कि समाज आगे बढ़ रहा है, लेकिन समाज के मानसिक दिवालिएपन की वजह से ऐसे अपराध होते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार (4 जुलाई 2019) अपराधियों की अपील पर उनकी फांसी कि सज़ा पर रोक लगाई है और अपील पर सुनवाई के बाद अंतिम फैसला सुनाएगा।






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