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समाचार ब्यूरो
06/07/2019  :  09:13 HH:MM
अब हज़ारों नहीं सिर्फ 1 रुपए में दिखाए अपने डांस का हुनर : शक्ति भारद्वाज
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पानीपत इन दिनों पानीपत में डांस कम्पीटीशन के नाम पर आयोजकों द्वारा बड़े-बड़े दावे कर बच्चों को सपने दिखाए जा रहे है, जबकि हकीकत ये है कि ये डांस कम्पटीशन केवल और केवल व्यपार बनकर रह गए है। ओडिशन के नाम पर बड़ी बड़ी फीस वसूली जा रही है और बच्चों की भावना से खिलवाड़ होता नजर आ रहा है।

वही हमारे नेता, अफसर और समाजसेवी भी बिना सोचे समझे मुख्यातिथि बनकर चले जाते है जिसका फायदा ये डांस के व्यपारी उठाते है। डांस शो में ऑडिशन के नाम पर मोटी फीस लेकर अछि खासी रकम इक्कठी की जाती है। एक शो में ये डांस के व्यपारी लगभग 10 
से 20 लाख रुपये कमाते है और सरकार अनुमति लिए बगैर इस तरह के कार्यक्रम का आयोजन करते है, और इस में सरकार को किसी भी तरहा का कोई भी मनोरंजन टेक्स भी नही मिलता। ऑडिशन में 500 से 1000 बच्चों को सलेक्ट करते है। विजेता के तौर पर
छोटी मोटी ट्रॉफी चंद रुपयों के छपवाए हुए सर्टिफिकेट देकर बच्चों और उनके अभिभावकों को बेवकूफ बनाया जाता है ।आपको बता दे की कुछ महीनों पहले एक डांस शो में विजेता को इनाम में मिली स्कूटी लेने के काफी चक्कर लगाने पड़े थे, बाद में मीडिया के सहयोग से उस विजेता को आयोजकों की तरफ से घोषित की गयी स्कूटी मिली थी। इस गंभीर विषय पर शहर की एक संस्था नई पहचान कला सोसायटी द्वारा प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया, जिसमे सोसेटी के फाउंडर शक्ति भरद्वाज ने बताया कि अब से शहर वालों को अपना
टैलेंट दिखाने के लिए हजारों रुपये नहीं देने होंगे, सोसाइटी ने इस डांस कॉम्पिटिशन का शुल्क सिर्फ 1 रखा है, और इस डांस कॉम्पिटिशन में किसी भी तरहा का अतिरिक्त चार्ज नही होगा। नई पहचान कला सोसायटी फाउंडर शक्ति भारद्वाज ने बताया कि वे पिछले 2 साल से पानीपत शहर में सन्डे फंडे का संचालन कर रहे हैं और वहां पर इस तरह के काफी बच्चे आते है जिस मे प्रतिभा कूट-कूट कर भरी होती है,लेकिन किसी डांस कॉम्पिटिशन में हिस्सा लेने के लिए उनके पास हजारों रुपये नहीं होते और वह बच्चे सिर्फ पानीपत की रहागिरी और संडे फंडे में ही देखने को ही मिलते है। भारद्वाज ने बताया कि वे 2009 में पानीपत में सबसे पहले डांस कॉम्पिटिशन आयोजित किया था, जिसकी फीस सिर्फ 100 राखी थी, सन 2009 से 2012 तक उन्होंने सिर्फ 100 रुपए की फीस में ही बहुत सफल कार्यक्रम किये 2012 के बाद से उन्होंने कार्यक्रम करवाने बंद कर दिये, अब दुबारा से लोगो के कहने पर हमारी सोसायटी ने ये निर्णय लिया है कि हम दुबारा से शहर के बच्चो के हुनर को निखारने का काम करेंगे और वो भी सिर्फ और सिर्फ 1 रुपये की फीस लेकर। शक्ति ने कहा कि आज बड़े दुख के साथ कहना पड़ रहा है की कुछ डांस के व्यपारियों ने इसको अपना धंधा बना लिया है जो डांस कॉम्पिटिशन में ऑडिशन के नाम पर मोटी रकम लेकर विजेता घोषित करने का काम करते है । उन डांस के व्यपारियों ने इस तरह के कई कार्यक्रम आयोजित करके ही अपना घर चलाना शुरू कर दिया, उनका बच्चों की प्रतिभा से कोई लेना देना नहीं होता, पब्लिक को दिखाने के लिए आयोजक पहला राउंड तो फ्री एंट्री के नाम पर रखते है लेकिन उसके बाद शो में अलग अलग राउंड में 1000 से लेकर 3000 रुपए तक फीस ले लेते हैं, और बच्चों की प्रतिभा के साथ खिलवाड़ करते हैं, किसी होनहार बच्चे के पास डांस कॉम्पिटिशन में हिस्सा लेने के लिए पैसे नहीं होते तो वह उसे पहले राउंड में ही बाहर कर देते है, इसी चीज को देखते हुए नई पहचान कला सोसायटी ने ठाना है कि सिर्फ एक रुपए में ही बच्चों की कला निखारी जाएगी और पानीपत शहर में अब से जितने भी कार्यक्रम इस संस्था के द्वारा आयोजित किए जाएंगे उन सभी की फीस मात्र एक रुपये ही होगी। उन्होंने यह भी बताया कि थोड़े दिन पहले वह किसी डांस प्रोग्राम में गए थे वहां पर एक बच्चे ने अच्छा डांस किया और डांस करने के बाद वह रोने लगा जब उससे पूछा गया कि वह क्यों रो रहा है तो उसने कहा कि मैंने इस कार्यक्रम की फीस अपना फोन बेच करके दी है, और में अगले राउंड में जाने के लिए फीस नहीं दे सकता इस लिए मुझे इस राउंड से बहार कर दिया गया है, हालांकि आयोजकों द्वारा बाद में उसकी फीस वापस दे दी गई, लेकिन फिर भी ऐसा शहर में हो क्यों रहा है, अगर वह सच में बच्चों की प्रतिभा को दिखाना चाहते हैं तो वह बहुत कम फीस भी ले सकते हैं जिससे कि उनके कार्यक्रम का खर्चा भी निकाल सकता है।






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