Breaking News
बिहार में बाढ़ का तांडव, 29 लोगों की जान गई  |  भारत का लंबा प्रयास हो रहा निष्प्रभावी अफगानिस्तान-अमेरिका ने शांति वार्ता से भारत को किया अलग  |  गुरुग्राम को हरा भरा और प्रदूषण मुक्त करना सभी की जिम्मेदारी : राव  |  दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चर्चा  |  पुलिस आयुक्त मोहम्मद अकिल और उपायुक्त अमित खत्री सम्मानित  |  अशोक सांगवान की अध्यक्षता में गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण की बैठक जल भराव संबंधी शिकायतों के लिए बना कंट्रोल रूम  |  हुनरमंद युवा अपनी प्रतिभा के दम पर प्राप्त कर सकेगा रोजगार :बीरपंथी  |  बरसात के बाद जी.टी. रोड पर भरा पानी, राहगीर हुए परेशान  |  
 
 
समाचार ब्यूरो
09/07/2019  :  12:55 HH:MM
विश्लेषकों ने कहा शेयर बाजार को रास नहीं आया केंद्रीय बजट
Total View  19

मुंबई केंद्रीय बजट के प्रभाव और अमेरिका में ब्याज में कटौती की संभावनाएं क्षीण होने से वैश्विक शेयर बाजारों में भारी बिकवाली के बीच सोमवार को बीएसई सेंसेक्स 793 अंकों का गोता लगाया. वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी में भी 250 अंक से अधिक की गिरावट आयी. बंबई शेयर बाजार का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स एक समय 907 अंक नीचे चला गया था. हालांकि, बाद में यह थोड़ा सुधरकर 792.82 अंक यानी 2.01 फीसदी की गिरावट के साथ 38,720.57 अंक पर बंद हुआ।

इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 252.55 अंक यानी 2.14 फीसदी टूटकर 11,558.60 अंक पर बंद हुआ। पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के भूषण पावर एंड स्टील लिमिटेड (बीपीएसएल) को दिये गये ऋण में 3,800 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी सामने आने के बाद पीएनबी के शेयर में 11 फीसदी की गिरावट दर्ज की गयी. बजाज फाइनेंस, ओएनजीसी, एनटीपीसी, हीरो मोटोकॉर्प और मारुति के शेयरों में सबसे अधिक गिरावट देखने को मिली. हालांकि, यस बैंक, एचसीएल टेक और टीसीएस के शेयरों में 5.56 फीसदी तक की बढ़त देखने
को मिली। कारोबारियों के मुताबिक, बजट 2019-20 में सूचीबद्ध कंपनियों के लिए सार्वजनिक हिस्सेदारी बढ़ाने, विदेशी पोर्टफोलियों निवेशकों एवं अमीरों पर कर बढ़ाने वाले प्रस्तावों से निवेशकों की धारणा कमजोर रही. वैश्विक शेयर बाजारों में भारी बिकवाली के समाचारों का भी स्थानीय शेयरों पर असर पड़ा। अमेरिका में रोजगार के ताजा आंकड़े उम्मीद से बेहतर है। इससे आगामी बैठक में अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज में बड़ी कटौती की उम्मीद धूमिल हो गयी है। अमेरिका में ब्याज दर ऊंची होने से विदेशी निवेशक उभरते बाजारों से
धन निकाल कर अमेरिकी बॉन्ड बाजार में लगाने को आकर्षित हो सकते हैं. खासकर, इसका चीन, दक्षिण कोरिया और अन्य एशियाई बाजारों पर असर पड़ा. एशियाई बाजारों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गयी. शंघाई कंपोजिट इंडेक्स 2.58 फीसदी, हैंगसेंग 1.54 फीसदी, निक्की 0.98 फीसदी और कोस्पी 2.20 फीसदी की गिरावट के साथ बंद हुए।






Enter the following fields. All fields are mandatory:-
Name :  
  
Email :  
  
Comments  
  
Security Key :  
   9760011
 
     
Related Links :-
पंजाब के सुपरस्टार क्रिकेटर मनन वोहरा लेनोवो के नए स्मार्ट बैण्ड कार्डिय
स्टार्टअह्रश्वस और उद्यमियों के लिए ‘द ग्रोथ हैकिंग बुक’ का विमोचन
अदाणी विद्या मंदिर को एसोचैम एजुकेशन एक्‍सिलेंस अवॉर्ड
थॉमस कुक इंडिया ने लॉन्च की अपनी पहली एआई संचालित चैटबॉट टी.सी
पॉवर2एसएमई ने बढ़ाया व्यापार का दायरा. पंजाब में किया विस्तार
फिनो पेमेंट्स बैंक की पंजाब, हरियाणा और हिमाचल में नेटवर्क विस्तार की योजना
बोले मुख्य सचिव केशनी आनंद अरोड़ा मेरी फसल मेरा ब्यौरा स्कीम के तहत रजिस्टे्रशन करवाने वाले किसान को मिलेगे 10 रु. प्रति एकड
मारुति मजदूर संघ साथियों को न्याय दिलाने के लिए करेगा प्रदर्शन
भारत की पहली इलेक्ट्रिक एसयूवी कोना इलेक्ट्रि चंडीगढ़ में लॉन्च
ग्लोबल सिटी 1002 एकड़ भूमि पर होगी विकसित