समाचार ब्यूरो
16/07/2019  :  08:57 HH:MM
लोकसभा : तीखी नोंकझोंक के बीच एनआईए संशोधन विधेयक को मंजूरी
Total View  660

नई दिल्ली लोकसभा में सोमवार को तीखी नोकझोंक के बाद ‘एनआईए संशोधन विधेयक 2019’ को मंजूरी दे दी। जिसमें राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को भारत से बाहर किसी गंभीर अपराध के संबंध में मामले का पंजीकरण करने और जांच का निर्देश देने का प्रावधान किया गया है।

निचले सदन में विधेयक पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए गृह राज्य मंत्री किशन रेड्डी ने कहा कि आज जब देश और दुनिया को आतंकवाद के खतरे से निपटना है, ऐसे में एनआईए संशोधन विधेयक का उद्देश्य जांच एजेंसी को राष्ट्रहित में मजबूत बनाना है। सोमवार को इसके पहले बिल पर चर्चा के दौरान गृहमंत्री अमित शाह और एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी के बीच नोकझोंक भी देखने को मिली। विपक्ष की शंका का जबाव देते हुए शाह ने कहा कि इस कानून का इस्तेमाल आतंकवाद को खत्म करने के लिए किया जाएगा, मगर यह भी नहीं देखा जाएगा कि यह किस धर्म के व्यक्ति ने किया है। सरकार हिंदू, मुस्लिम की बात नहीं करती गृहराज्य मंत्री रेड्डी कहा, आतंकवाद का कोई धर्म, जाति और क्षेत्र नहीं होता। यह मानवता के खिलाफ है। इसके खिलाफ लडऩे की सरकार, संसद, सभी राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है। रेड्डी ने कुछ सदस्यों द्वारा चर्चा के दौरान दक्षिणपंथी आतंक और धर्म का मुद्दा उठाए जाने के संदर्भ में कहा कि सरकार हिंदू, मुस्लिम की बात नहीं करती है। सरकार को देश की 130 करोड़ जनता ने अपनी सुरक्षा की जिम्मेदारी दी है और जिसे चौकीदार के रूप में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वीकार किया है। देश की सुरक्षा के लिए सरकार आगे रहेगी। रेड्डी ने कहा कि सरकार आतंकवाद को जड़ से उखाडऩे की जिम्मेदारी हाथ में लेगी। एनआईए को शक्तिशाली एजेंसी बनाया जाएगा। सदन ने मंत्री के जवाब के बाद विपक्ष के कुछ सदस्यों के संशोधनों को खारिज करते हुए विधेयक को ध्वनिमत से पारित कर दिया। इससे पहले विधेयक को विचार करने के लिए सदन में रखे जाने के मुद्दे पर एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने मत-विभाजन की मांग की। गृह राज्यमंत्री ने सदन को स्पष्ट किया कि एनआईए अदालत के जजों की नियुक्ति संबंधित हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ही करते रहने वाले हैं, जिस तरह अभी प्रक्रिया चल रही है। गृह राज्यमंत्री ने कहा कि आतंकवाद के विषय पर केंद्र सरकार राज्यों के साथ मिलकर काम करेगी। दोनों में तालमेल रहेगा। उन्होंने पाकिस्तान के आतंकवाद से संबंधित समझौते पर दस्तखत करने या नहीं करने के सवाल पर कहा कि पुलवामा और बालाकोट हमलों के बाद भारत ने बता दिया है कि आतंकवाद के खिलाफ जांच कैसे होती है। उनका इशारा सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक की ओर था। रेड्डी ने कहा कि कांग्रेस के समय ही एनआईए कानून में कई कानूनों को जोड़ा गया था लेकिन उस समय इस पर ठीक से काम नहीं हुआ और हम संशोधन लेकर इस उन्नत बना रहे हैं। उन्होंने बताया कि एनआईए ने 272 मामलों में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की। इनमें 52 मामलों में फैसले आए और 46 में दोष सिद्ध किया जा सका। रेड्डी ने बताया कि 99 मामलों में आरोपपत्र दाखिल हो चुका है। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित विधेयक से एनआईए की जांच का दायरा बढ़ाया जा सकेगा।






Enter the following fields. All fields are mandatory:-
Name :  
  
Email :  
  
Comments  
  
Security Key :  
   4332746
 
     
Related Links :-
चंडीगढ़ में होने वाले छात्र संघ चुनाव को लेकर इनसो ने बनाई रणनीति
चौधरी देवी लाल का जन्म दिवस पर सम्मान दिवस
दूसरे दलों में रहते हुए भी हमारे घनिष्ठ थे अरुण जेटली: मुलायम
पूर्व पीएम मनमोहन ने जेटली को दी श्रद्धांजलि
संयुक्त राष्ट्र से वापस लिया जाएगा गुलाम कश्मीर पर दिया प्रस्ताव : स्वामी
कैह्रश्वटन अमरिन्दर सिंह द्वारा अरुण जेतली के निधन पर दुख व्यक्त
पटेल के अधूरे सपने को पीएम ने पूरा किया : शाह
पीएम मोदी की रूस यात्रा की तैयारी को लेकर 27 को मास्को जाएंगे जयशंकर
अब पूरे देश में एक कानून लागू होगा : राजनाथ सिंह
नहीं रहे पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली