Breaking News
सलवान पब्लिक स्कूल ने उत्साह के साथ मनाया हिंदी दिवस  |  समाजसेवी नवीन गोयल हर एक रेहड़ी वाले को देंगे डस्टबिन मिलेनियम सिटी की सडक़ों पर नजर नहीं आएंगे फलों के छिलके और गंदगी  |  डीपीएमआई ने किया प्राथमिक चिकित्सा सत्र का आयोजन  |  हरियाणा पुलिस का सडक़ सुरक्षा मानदंडों के अनुपालन पर जागरूकता अभियान  |  रोहतक पुलिस और एसटीएफ की टीम ने पकड़ा वांछित अपराधी  |  जनसंपर्क के जरिए संदीप सिंह ने भाजपा के विकास कार्यों को जन-जन तक पहुंचाया  |  सीएम ने गांव नानकपुर में 125 केवी सब स्टेशन की स्थापना की स्वीकृति  |  महाजनसंपर्क अभियान के तहत बहादुरगढ़ पहुंचे प्रदेश भाजपा अध्यक्ष कांग्रेस ने नेतृत्व बदला नीति नहीं जनता को सब मालूम : बराला  |  
 
 
समाचार ब्यूरो
08/09/2019  :  11:17 HH:MM
डेथ वैली झील में तैराकी व केएमपी पर साइकिलिंग का अभ्यास कर सुरेंद्र बने आयरनमैन
Total View  22

गुरुग्राम मंजिलें उन्हीं को मिलती हंै-जिनके सपनों में जान होती है, पंखों से कुछ नही होता-हौंसलों से उड़ान होती है। परिन्दों को मिलेगी मंजिल एक दिन-यह उनके खुले पर बोलते हैं, वही लोग अक्सर रहते हैं खामोश-दुनिया में जिनके हुनर बोलते हैं। हौंसलों के साथ बुलंदियां छूने को ये लाइन उस शख्स पर सटीक बैठती हैं, जिसने सुविधाओं के अभाव में भी अपने हौंसलों के साथ मंजिल को हासिल किया और आयरनमैन बनकर स्वदेश लौटा।

हम बात कर रहे हैं आयरनमैन बने 49 साल के सुरेंद्र यादव की। सुरेंद्र यादव सिर्फ एक नाम भर नही है, बल्कि उस नाम के आगे अब टाइटल जुड़ गया है आयरनमैन। आपको बता दें कि आयरनमैन टाइटल ऐसे मजबूत लोगों को मिलता है, जो डब्ल्यूटीसी द्वारा दुनियाभर में आयोजित की जाने वाली ट्रायथलॉन में खुद को बेहतर साबित करते हैं। गुरुग्राम के सुरेंद्र यादव ने ऐसा कर दिखाया। सुरेंद्र यादव ने 3.86 किलोमीटर की समुद्र में तैराकी, 180.25 किलोमीटर की साइकिलिंग और 42.2 किलोमीटर की दौड़ 16 घंटे के भीतर पूरी की।
इस उपलब्धि से पूर्व खुद को तैयार करने के पीछे सुरेंद्र यादव की जो मेहनत है, वह इतनी आसान नहीं थी। ना तो यहां अभ्यास के लिए कोई बेहतर सुविधा है और न ही साइकिलिंग के लिए कोई ट्रैक। फिर भी सुरेंद्र ने हौंसलों के साथ अपने कदम आगे बढ़ाये। तैराकी के लिए उन्होंने फरीदाबाद के सूरजकुंड स्थित डेथ वैली झील को चुना और साइकिलिंग के लिए केएमपी एक्सप्रेसवे को चुना। इन दोनों जगहों पर कड़ी मेहनत करके सुरेंद्र यादव ने खुद को इस प्रतियोगिता के लिए तैयार किया, जो उसे आयरन मैन का खिताब दिला सकती थी। सुरेंद्र ने बताया कि केएमपी एक्सप्रेस-वे जहां फर्राटे के साथ वाहन आते-जाते हैं, वहां साइकिलिंग करना कोई आसान काम नहीं था। फिर भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और अपने जुनून को जिंदा रखते हुये अभ्यास जारी रखा। इस स्पर्धा में गुरूग्राम से भाग लेने गये राजीव
गुप्ता ने कहा कि उन्होंने भी आयरनमैन का खिताब पाने को खूब दम लगाया, लेकिन वे इसमें सफल नहीं हो सके। राजीव गुप्ता ने सुरेंद्र यादव की सफलता के क्षण यहां सांझा करते हुये कहा कि उन्होंने प्रतियोगिता में खूब मेहनत की, पसीना बहाया और आयरनमेन का खिताब लेकर ही दम लिया। यह प्रतियोगिता अमेरिकन मिलिटरी की ओर से आरंभ की गई थी। इसमें स्वीमिंग, दौड और साइकिलिंग को जोडकर टफ बनाया गया।






Enter the following fields. All fields are mandatory:-
Name :  
  
Email :  
  
Comments  
  
Security Key :  
   2321866
 
     
Related Links :-
खेल प्रतिभाओं को तराशने गांवों में भी सुदृढ़ ढांचा तैयार
अयान अग्रवाल ने एशियन योगा गेम्स में जीते दो गोल्ड मेडल
महिला एथलीटों की कहानियों से लोगों में निजी अभिव्यक्ति का जोश भरा
क्लीन, ग्रीन, फिट गुरुग्राम अभियान पकड़ रहा जोर, बढ़ रही जनभागीदारी
जैन बिरादरी में जादूगर ने दिखाए करतब, ध्वजा से निकाला तिरंगा
25वें जेपी अत्रे टूर्नामेंट : डीजीपी हरियाणा ने किया फाइनल मैच का उद्घाटन
खेल-प्रतिभा को तराशने के लिए इस वर्ष राज्य स्तरीय प्रतियोगिताएं
साइक्लिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया करेगा ट्रैक एशिया कप की मेजबानी
अर्जुन अवार्ड विजेता गौरव गिल रैली ऑफ टर्की के लिए तैयार
ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता को अब मिलेंगे 6 करोड़ : विज