समाचार ब्यूरो
28/09/2019  :  09:14 HH:MM
बर्फीले तूफान ने रोका रास्ता पर हार नहीं मानी हरियाणा की बेटी ने माउंट मनासलू पर लहराया तिरंगा
Total View  708

चंडीगढ़ हरियाणा के हिसार जिला की रहने वाली प्रसिद्ध प्रर्वतारोही अनिता कुंडू ने शुक्रवार की सुबह 6.20 पर पांचवीं ऊंची चोटी माउंट मनासलू पर तिरंगा लहरा दिया। तीन बार की एवरेस्ट विजेता ने एक बार फिर देश को गौरवान्वित होने का मौका दिया है। अनिता ने आज सुबह सेटेलाइट फोन से इस बारे में परिजनों को सूचित किया। अनिता ने सेवन समिट अभियान के तहत तीन सितंबर से माउंट मनासलू की चढ़ाई शुरू की थी।

सेवन समिट अभियान के तहत अनीता की पाचवीं सबसे ऊंची चोटी की यह बहुत बड़ी सफलता है। अनीता कुंडू ने 2018 में अपने मिशन सेवन समिट मिशन की शुरुआत की थी। इसमें उनका लक्ष्य सातों महाद्वीपों की सातों ऊंची चोटियों को फतह करना था। इनमें से पांच को उन्होंने फतह भी कर लिया है। अफ्रीका की किलिमंजारो, यूरोप की एलबुर्स, अंटार्कटिका की विन्सन, इंडोनेशिया की कारस्टेन्स पिरामिड शिखर पर भी विजय हांसिल की है। अमेरिका की देनाली की भी अनिता ने चढ़ाई की थी, पर बर्फीले तूफान की वजह से शिखर से एक घण्टा पहले लौटना पड़ा था। पर्वतारोहण के क्षेत्र में दुनिया भर में पहचान रखने वाली अनिता कुण्डू ने 6 सितंबर को 26781 फुट ऊंची चोटी को फतह करने का अभियान शुरू कर दिया था। तीन सितंबर को अनिता दिल्ली से नेपाल की राजधानी काठमांडू पहुंच गई थी। नेपाल के आरू घाट से उन्होंने मनासलू के बेस कैंप की ओर बढऩा शुरू कर दिया था। नेपाल (2013) और चीन (2017) दोनों ही रास्तों से माउंट एवरेस्ट को फतेह करने वाली अनीता पहली भारतीय महिला पर्वतारोही हैं। 17 सितंबर को वह बेस कैंप पहुंच गई थी। उसके बाद
उन्होंने आगे की चढ़ाई जारी रखी। बर्फीले तूफान के कारण उन्हें वापिस बेस कैंप आना पड़ा। इसके बाद उन्होंने फिर से 22 सितंबर को 17 हजार फुट पर स्थित बेस कैंप से चढ़ाई शुरू की। जिसमें आज सुबह कामयाबी मिली। अनिता 21 मई 2019 को तीसरी बार एवरेस्ट फतेह करने में भी कामयाब रही है। वर्ष 2015 में भी अनिता ने माउंट एवरेस्ट को फतेह करने का प्रयास किया था, तब भूकंप की वजह से उनके अनेकों पर्वतारोही साथी इस हादसे की भेंट चढ़ गए थे। अभी अनिता ने यह आठ हजार से ऊपर की चोटियों के अभियान की शुरुआत की है। इसमें पूरे विश्व भर की चौदह चोटियां आती है। अनिता एक मोटिवेशनल स्पीकर के तौर पर भी अनेकों कार्यक्रम आयोजित करती रहती है।

अनिता ने सेटेलाइट फोन के माध्यम से अपने परिजनों को बताया कि माइनस 40 डिग्री तापमान के कारण ठंड इतनी थी कि हड्डियों को गला दे। ऑक्सीजन की बेहद कमी थी। खाने को कुछ खास नहीं होता। कम ऑक्सीजन के कारण न हमें नींद आती है और न ही
भूख लगती है। बर्फ पर चलना होता है। हर कदम ख़तरे से भरा होता है। न ही तालियों की गडड़़ाहट होती है, और न ही जयकारों की आवाज। पर अपने अंदर के हौंसले और हिम्मत की बदौलत मैं चलती गई और आखिर मनासलू चोटी पर अपने देश की शान राष्ट्रीय ध्वज को लहरा दिया।






Enter the following fields. All fields are mandatory:-
Name :  
  
Email :  
  
Comments  
  
Security Key :  
   7804689
 
     
Related Links :-
अमरूत स्कीम: मॉड्ïयूलर चिल्ड्रन ह्रश्वले कॉर्नर की स्थापना का कार्य जोरों पर : निगमायुक्त
‘रन फॉर यूनिटी’ कार्यक्रम फिर दौड़ेगा ‘मेरा पानीपत पूरा पानीपत’: सुमेधा कटारिया
पटेल की जयंती पर जिला स्तरीय रन फॉर यूनिटी मैराथन का होगा आयोजन
डीएवी के सागर सहारन खेलेंगे दुबई में
हरियाणा की टीम ने गुजरात को पछाड़ा, जीता गोल्ड मेडल
खेल हरियाण की माटी में बसते है : कोच अनुज
सीआईएसएफ यूनिट कॉम्पलेक्स में छठी ऑल इंडिया कबड्डी प्रतियोगिता
तीन साल की सृष्टि ने पूरे देश का नाम रौशन किया
आट्टा की टीम ने खो-खो में गोल्ड मेडल जीता
मेंहदी रचाओ प्रतियोगिता का आयोजन