समाचार ब्यूरो
02/10/2019  :  11:17 HH:MM
प्रशासनिक सेवाओं के विद्यार्थी तैयार कर रहा विश्वविद्यालय
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गुरुग्राम श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय की ओर से स्कील परिषद् की तीसरी बैठक का आयोजन किया गया जिसमें शैक्षणिक कार्यक्रमों को लेकर विभिन्न प्रकार के निर्णय लिये गये। बैठक की अध्यक्षता कुलगुरू राज नेहरू ने की एवं अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि लोक कलाओं से प्रशासनिक सेवाओं की परीक्षा पास करने तक जिस प्रकार के कौशल की आवश्यकता है।

उसके लिये विश्वविद्यालय रात-दिन प्रयास कर रहा है। मौजूदा समय में भारतीय युवा जिस प्रकार किसी भी क्षेत्र में उपाधि होने के बावजूद भी कौशल मुक्त नहीं है परिणामत उनकी उपाधियां रोजगारपरक नहीं है लेकिन श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय युवाओं की
उपाधि से पहले उन्हें कौशल युक्त करता है, तथा उनकी उपाधि पूर्णतया रोजगारपरक है। राज नेहरू ने बताया कि स्कील परिषद की बैठक के दौरान तय हुआ कि एसवीएसयू उद्योग जगत के साथ मिलकर उनकी आवश्यकतानुसार कौशल युक्त पाठयक्रमों की रचना करेगा तथा उद्योग जगत की मांग के अनुरूप प्रोफेशनल विद्यार्थी तैयार करेगा। विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम 6ं6 के प्रारूप पर आधारित है जिसमें शिक्षार्थी छह महीने विश्वविद्यालय में रहकर शिक्षा अर्जित करता है एवं अगले छह महीने उद्योग जगत में कार्यस्थल पर कार्य कर कौशल में निपुणता हासिल करता है। श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय भारत का प्रथम ऐसा विश्वविद्यालय है जिसमें विद्यार्थी पढ़ाई के साथ साथ वजीफा भी मिलता है एवं विद्यार्थी सीखो एवं कमाओं की पद्वति पर कार्य करता है। विद्यार्थियों के सभी कार्यक्रम इडंस्ट्री
के साथ मिलकर किये जा रहे हैं। यहीं विशेषता विश्वविद्यायय को अन्य विश्वविद्यालयों से भिन्न क्षेणी में रखता है, तथा युवाओं को कौशलयुक्त कर रोजगार की संभावनाएं प्रदान करता है। विश्वविद्यालय के सभी कार्यक्रम एनएसक्यूएफ की संरचना के अनुरूप तैयार किए गए हैं, जिससे विद्यार्थियों को बेहतर प्रकार की शिक्षा प्रदान हो। बैठक में यह भी निर्णय हुआ कि विश्वविद्यालय अन्य शैक्षणिक संस्थाओं एवं उद्योगों को कौशल से संबंधित विभिन्न प्रकार की परामर्शदात्री सेवाएं प्रदान करने के लिए अग्रसर है, इस प्रकार की सेवाओं के तहत किसी भी संस्थान को कौशल विकास के लिए चलाएं जा रहे पाठयक्रमों तथा अन्य सेवाओं के लिए परामर्श प्रदान कर सहयोग किया जाएगा। विश्वविद्यालय कौशल विकास की गुणवत्ता एवं उपयोगिता के मानक तैयार कर भारत में युवाओं को कौशल युक्त करने का काम करेगा। विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के लिये चार केड्रिट का पाठ्यक्रम मूल्य एवं नैतिकता विषय पर चलाया रहा है जिसके अंतगर्त भारत बौद्व के बारे में गहन जानकारी प्रदान करने की विश्वविद्यालय की अह्म कोशिश है, जिससे विद्यार्थियों का देश को लेकर बौद्विक विकास हो एवं वह देश की विभिन्न शैलियों को बारीकी से जाने एवं समझे।






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