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23/10/2019  :  11:25 HH:MM
नतीजे बताएंगे देश का मूड
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आम चुनाव के बाद देश के पहले बड़े चुनाव कहे जा रहे महाराष्ट्र और हरियाणा में मतदान हो गया। लोकसभा चुनाव में बंपर जीत हासिल करने वाली बीजेपी और उसकी सहयोगी शिवेसना को महाराष्ट्र में एक बार फिर से सत्ता में वापसी की उम्मीद है। इसके साथ ही भाजपा हरियाणा में भी मनोहर लाल खट्टर के नेतृत्व में एक बार फिर से वापसी के लिए मैदान में उतरी है। विपक्ष भले चुनाव प्रचार के दौरान उत्साहहीन नजर आया, लेकिन उसे ऐंटी-इन्कम्बैंसी फैक्टर से उम्मीद है। महाराष्ट्र में भाजपा और शिवसेना ने तमाम मतभेदों को दूर करते हुए अंत में गठबंधन बनाकर उतरने का फैसला लिया था।
दूसरी तरफ लंबे समय से साथी एनसीपी और कांग्रेस कैंपेन के दौरान कमजोर नजर आए। पूरी कमान एनसीपी के संस्थापक शरद पवार ने ही संभाले रखी। राज्य के चुनावी समर में 235 महिलाओं समेत कुल 3,237 उम्मीदवार चुनावी समर में हैं। जिनकी किस्मत ईवीएम में कैद हो चुकी है। हरियाणा की बात की जाए तो यहां भाजपा का सीधा मुकाबला कांग्रेस से है। हालांकि 90 सीटों वाले हरियाणा के कई इलाकों में इंडियन नेशनल लोक दल से अलग होकर बनी पार्टी जेजेपी मुकाबले को त्रिकोणीय बना चुकी है। 1.83 करोड़ मतदाता अपना फैसला दे चुके हैं कि खट्टर के नेतृत्व वाली सरकार एक बार फिर से सत्ता में लौटेगी या फिर कांग्रेस का वनवास खत्म होगा। बता दें कि लोकसभा चुनाव में दोनों ही राज्यों में भाजपा ने बड़ी जीत हासिल की थी। हरियाणा में लोकसभा की 10 सीटें है, जिनमें से सभी पर भाजपा ने जीत हासिल की थी। इसके अलावा महाराष्ट्र में लोकसभा की 48 सीटों में से बीजेपी-शिवसेना गठबंधन ने 41 सीटों पर फतह हासिल की थी। ऐसे में माना जा रहा है कि विधानसभा चुनाव में भी भगवा कैंप का पलड़ा भारी रह सकता है। दोनों ही राज्यों में वोटों की गिनती 24 अक्टूबर को होगी। चुनाव कैंपेन की बात करें तो भाजपा की ओर से पीएम नरेंद्र मोदी, होम मिनिस्टर अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कमान संभाली थी। जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने को भाजपा ने चुनाव का प्रमुख मुद्दा बनाए रखा। हालांकि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल किसी सटीक रणनीति पर चलते नहीं दिखे। कांग्रेस लीडर राहुल गांधी ने जरूर भाजपा शासित केंद्र और राज्य सरकारों पर इकोनॉमी के मोर्चे पर फेल होने को लेकर हमला बोला। अब देखना यह है कि भाजपा की प्रचार शैली मतदाताओं पर कितना असर दिखा पाई है। जो भी हो 24 अक्टूबर को साफ हो जाएगा कि महाराष्ट्र और हरियाणा में भाजपा मोदी के नाम पर फिर सत्ता पर काबिज होगी या फिर कांग्रेस का वनवास खत्म होगा।






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