हरियाणा मेल ब्यूरो
04/04/2017  :  11:49 HH:MM
अनदेखी की गुंजाइश नही
Total View  80

इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) को लेकर संदेह का वातावरण पहले से था। मध्य प्रदेश में भिंड जि़ले के अटेर में ईवीएम मशीन के डेमो के दौरान हुई घटना ने इसे कई गुना बढ़ा दिया है। कुछ बात मप्र की मुख्य निर्वाचन अधिकारी सलीना सिंह ने भी बिगाड़ी। एक ईवीएम में गड़बड़ी सामने आई, तो उन्होंने पत्रकारों को धमकाया कि वे इसकी खबर ना छापें।

इससे संदेश गया कि चुनाव अधिकारी कुछ छिपाना चाहते हैं। नतीजतन, मामला न सिर्फ बहुप्रचारित, बल्कि बेहद विवादास्पद भी हो गया। ईवीएम प्रदर्शन के दौरान पाया गया कि किसी भी बटन को दबाने पर वोट की पर्ची भाजपा की निकलती थी। कांग्रेस से लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल तक ने इसमें इरादतन छेड़छाड़ के संकेत देखे। केजरीवाल ने इस सिलसिले में असम विधानसभा और दिल्ली कैंट चुनाव के दौरान पाई गई ऐसी ही मशीनों का जिक्र किया। पूछा कि यह महज यांत्रिक गड़बड़ी है, तो कभी इसका फायदा किसी अन्य दल को मिलता क्यों नहीं दिखता? इस शिकायत के बाद निर्वाचन आयोग ने भिंड के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को हटा दिया है। तो केजरीवाल ने पूछा है क्या वे दोनों मशीनों में गड़बड़ी करने के दोषी थे? मप्र में 9 अप्रैल को दो विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने हैं। उन्हीं उपचुनावों में इस्तेमाल होने वाली मशीनों का प्रदर्शन रखा था। इस दौरान अलग-अलग बटन दबाने पर भाजपा के चुनाव निशान कमल की ही पर्ची
निकली। इस बारे में सलीना सिंह ने सफ़ाई दी कि मशीनें ठीक से कैलिब्रेट नहीं की गई थीं। मगर वैसी मशीनों को प्रदर्शन के लिए क्यों रखा गया? जाहिर है, विपक्ष उनकी सफाई को स्वीकार करने को तैयार नहीं है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव ने चुनाव आयोग को चि_ी लिख कर उपचुनावों में मतपत्रों का इस्तेमाल की
मांग की है। साफ है कि ईवीएम को लेकर अविश्वास बढ़ रहा है। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के बाद सबसे पहले मायावती ने ये मुद्दा उठाया। विपक्ष की ज्यादातर पार्टियां उनसे सहमति जा चुकी हैं। अत: अब इस मामले की अनदेखी की गुंजाइश नहीं है। चुनाव प्रक्रिया में सबका भरोसा लोकतंत्र की बुनियादी शर्त है। ऐसा ना होने के कई देशों में खतरनाक परिणाम हुए हैं। इसलिए इस बारे में निर्वाचन आयोग को पहल करनी चाहिए। सर्वदलीय बैठक बुलाना और सभी ईवीएम में वीवीपैट सिस्टम लगाना एक रास्ता हो सकता है। इस दिशा में अविलंब कदम उठाए जाने चाहिए।





----------------------------------------------------

Enter the following fields. All fields are mandatory:-
Name :  
  
Email :  
  
Comments  
  
Security Key :  
   172586
 
     
Related Links :-
कांग्रेस में राहुल को बतौर अध्यक्ष स्थापित करने की चुनौती
तीसरी सबसे अधिक भरोसेमंद गवर्मेंट है मोदी सरकार
मानसिक प्रदूषण ही पर्यावरण प्रदुषण हैं!
ऐश्वर्ययुक्त जीवन शैली की लालसा त्यागने का लें दृढ़ संकल्प
आतंकवाद पर दंश देता अमेरिका और पाकिस्तान
सकारात्मक सोंच के साथ बदलाव जरूरी
प्रथम सत्याग्रही विनोबा
दिल्ली की हवा पर एनजीटी की तलवार
फारुक अब्दुल्ला की बात पर गौर करें
प्रद्युम्न की हत्या: कुछ सवाल